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Haryana: जलवायु संकट से निपटने की पहल, हरियाणा में 100 करोड़ का ग्रीन क्लाइमेट फंड प्रस्तावित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Wed, 03 Jun 2026 03:56 PM IST
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सार
राव नरबीर सिंह ने कहा कि प्रस्तावित ग्रीन क्लाइमेट फंड के माध्यम से शून्य-उत्सर्जन वाहनों, नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा दक्षता, जल संरक्षण, शहरी हरितीकरण, जलवायु-अनुकूल कृषि और प्रकृति-आधारित समाधानों को बढ़ावा दिया जाएगा।
राव नरबीर सिंह
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जलवायु परिवर्तन की बढ़ती चुनौतियों के बीच वर्ष 2026-27 के बजट में 100 करोड़ रुपये के सीड प्रावधान के साथ हरियाणा ग्रीन क्लाइमेट रेजिलिएंट फंड स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया है। इसका उद्देश्य प्रदेश को जलवायु-अनुकूल और पर्यावरणीय रूप से अधिक मजबूत बनाना है।
पर्यावरण मंत्री रैन नरबीर सिंह ने बताया कि 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर गुरुग्राम में राज्य स्तरीय समारोह आयोजित किया जाएगा। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए सरकार की विभिन्न योजनाओं और पहलों की जानकारी दी जाएगी। इस वर्ष विश्व पर्यावरण दिवस की थीम प्रकृति से प्रेरित-जलवायु के लिए-हमारे भविष्य के लिए रखी गई है।
राव नरबीर सिंह ने कहा कि प्रस्तावित ग्रीन क्लाइमेट फंड के माध्यम से शून्य-उत्सर्जन वाहनों, नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा दक्षता, जल संरक्षण, शहरी हरितीकरण, जलवायु-अनुकूल कृषि और प्रकृति-आधारित समाधानों को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे वायु और जल प्रदूषण कम करने के साथ पर्यावरण क्षेत्र में नवाचार आधारित निवेश को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
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उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार 313 किलोमीटर लंबी यमुना नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए विशेष मिशन पर काम कर रही है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में चल रहे इस अभियान के तहत सीवेज शोधन क्षमता बढ़ाने, औद्योगिक इकाइयों की रियल टाइम निगरानी, नालों के पानी का वैज्ञानिक उपचार, हरित पट्टी विकास और भू-जल पुनर्भरण जैसे कार्य किए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2026-27 में यमुना में गिरने वाले सभी नालों के पानी का उपचार सुनिश्चित कर नदी को स्वच्छ बनाना है।
पर्यावरण मंत्री रैन नरबीर सिंह ने बताया कि 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर गुरुग्राम में राज्य स्तरीय समारोह आयोजित किया जाएगा। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए सरकार की विभिन्न योजनाओं और पहलों की जानकारी दी जाएगी। इस वर्ष विश्व पर्यावरण दिवस की थीम प्रकृति से प्रेरित-जलवायु के लिए-हमारे भविष्य के लिए रखी गई है।
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राव नरबीर सिंह ने कहा कि प्रस्तावित ग्रीन क्लाइमेट फंड के माध्यम से शून्य-उत्सर्जन वाहनों, नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा दक्षता, जल संरक्षण, शहरी हरितीकरण, जलवायु-अनुकूल कृषि और प्रकृति-आधारित समाधानों को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे वायु और जल प्रदूषण कम करने के साथ पर्यावरण क्षेत्र में नवाचार आधारित निवेश को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
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उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार 313 किलोमीटर लंबी यमुना नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए विशेष मिशन पर काम कर रही है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में चल रहे इस अभियान के तहत सीवेज शोधन क्षमता बढ़ाने, औद्योगिक इकाइयों की रियल टाइम निगरानी, नालों के पानी का वैज्ञानिक उपचार, हरित पट्टी विकास और भू-जल पुनर्भरण जैसे कार्य किए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2026-27 में यमुना में गिरने वाले सभी नालों के पानी का उपचार सुनिश्चित कर नदी को स्वच्छ बनाना है।