Twisha Sharma Case: गर्भपात को लेकर तीन कहानियां, कौन बोल रहा झूठ, किसके दबाव में हुआ था? सच की तलाश में CBI
Twisha Sharma Case: त्विषा शर्मा मौत मामले में अब तक की सबसे अनसुलझी पहेली गर्भपात को लेकर है। इस मामले में तीन कड़ियां सामने आईं हैं। त्विषा की सास, त्विषा के घरवाले और त्विषा के पति समर्थ। इन तीनों ने अलग-अलग बातें बताई हैं। पढे़ं किसने क्या कहा।
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विस्तार
राजधानी भोपाल के चर्चित त्विषा शर्मा संदिग्ध मौत मामले में अब सीबीआई) दहेज हत्या समेत अन्य धाराओं में दर्ज प्रकरण की जांच कर रही है। सीबीआई ने त्विषा की सास, सेवानिवृत्त प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा भोपाल जिला उपभोक्ता फोरम बेंच-2 की अध्यक्ष गिरिबाला सिंह और पति अधिवक्ता समर्थ सिंह से पांच दिन की रिमांड पर पूछताछ की। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया और वे वर्तमान में भोपाल केंद्रीय जेल में बंद हैं।
मामले में सबसे अहम सवाल त्विषा के कथित गर्भपात को लेकर उठ रहा है। त्विषा की मौत से जुड़े इस पहलू पर मायके पक्ष, ससुराल पक्ष और जांच के दौरान सामने आए बयानों में कई विरोधाभास दिखाई दे रहे हैं। सीबीआई अब गर्भपात से जुड़ी विभिन्न थ्योरियों की जांच कर रही है और चिकित्सकीय दस्तावेजों, डॉक्टरों के बयानों तथा तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सच्चाई तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
सास गिरिबाला सिंह का क्या कहना था?
12 मई की रात त्विषा शर्मा की मौत के बाद 13 मई को उसका पोस्टमार्टम कराया गया। परिजनों ने सास गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह पर दहेज प्रताड़ना, मारपीट और हत्या के आरोप लगाए। इसके बाद कटारा हिल्स थाना पुलिस ने दोनों के खिलाफ दहेज हत्या का मामला दर्ज किया। बाद में मीडिया के सामने आईं गिरिबाला सिंह ने दावा किया कि त्विषा बच्चा नहीं चाहती थी। उनके अनुसार, परिवार संतान चाहता था, लेकिन त्विषा शादी को बंधन मानती थी और स्वतंत्र जीवन जीना चाहती थी। गिरिबाला का आरोप है कि 7 मई को त्विषा ने परिवार को बताए बिना गर्भपात की दवा लेकर गर्भपात करा लिया था।
त्विषा के घर वालों ने क्या बताया?
गिरिबाला सिंह के आरोपों के बाद त्विषा के माता-पिता, बहन और करीबी लोग भी मीडिया के सामने आए। उनका कहना है कि शादी के बाद भोपाल आने के कारण त्विषा को अपनी नौकरी छोड़नी पड़ी थी। इसके बाद समर्थ उसे ताने देता था और दहेज को लेकर भी दबाव बनाया जाता था। परिजनों का आरोप है कि समर्थ नशे का आदी था। उनका कहना है कि त्विषा को आशंका थी कि समर्थ की नशे की लत का असर होने वाले बच्चे पर पड़ सकता है। इसलिए वह चाहती थी कि पहले समर्थ नशा छोड़े और सामान्य जीवन अपनाए, उसके बाद ही परिवार बढ़ाने पर विचार किया जाए। परिजनों के अनुसार, गर्भपात का निर्णय इसी वजह से लिया गया था और इसमें समर्थ भी सहमत था।
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पति समर्थ ने क्या बताया?
जांच के दौरान समर्थ सिंह के बयानों में भी अंतर सामने आया है। भोपाल पुलिस की एसआईटी को दिए बयान में समर्थ ने कहा था कि त्विषा ने उसे और उसकी मां को बताए बिना डॉक्टर से संपर्क कर गर्भपात कराया था। वहीं, सीबीआई की पूछताछ में समर्थ ने बताया कि 17 अप्रैल को वह स्वयं त्विषा को डॉक्टर के पास लेकर गया था, जहां गर्भावस्था की पुष्टि हुई थी। उसके अनुसार, एक महिला डॉक्टर की सलाह पर गर्भपात कराया गया। समर्थ ने यह भी दावा किया कि डॉक्टर ने बताया था कि बच्चा सामान्य हो सकता है।
डॉक्टरों से भी पूछताछ
सीबीआई ने उन चिकित्सकों से भी पूछताछ की है, जिन्होंने शादी के बाद से लेकर मौत से पहले तक त्विषा का उपचार किया था। जांच एजेंसी यह जानने का प्रयास कर रही है कि त्विषा की मानसिक और शारीरिक स्थिति कैसी थी। गौरतलब है कि गिरिबाला सिंह ने मीडिया के सामने दावा किया था कि त्विषा नशे की आदी थी, उसका व्यवहार बार-बार बदलता था और वह अवसाद सहित अन्य मानसिक समस्याओं से जूझ रही थी। इन दावों की भी जांच की जा रही है। सीबीआई अब चिकित्सकीय रिकॉर्ड, डॉक्टरों के बयान और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच कर रही है। जल्द ही दिल्ली में त्विषा के मायके पक्ष के बयान दर्ज किए जाएंगे। इसके बाद एजेंसी इस निष्कर्ष पर पहुंचने का प्रयास करेगी कि त्विषा का गर्भपात किन परिस्थितियों में हुआ था और उसकी मौत से उसका क्या संबंध है।

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