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Chandigarh-Haryana News: स्वास्थ्य संस्थानों में पानी के टैंकों की सफाई के निर्देश
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नूंह के मेडिकल कॉलेज की पानी की टंकी में मिले थे मृत बंदर
अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने उपायुक्तों से 7 दिन में निगरानी रिपोर्ट मांगी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। नूंह के मेडिकल कॉलेज की पानी की टंकी में तीन मृत बंदर मिलने की घटना का स्वास्थ्य विभाग ने कड़ा संज्ञान लिया है। विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने राज्यभर के सरकारी मेडिकल संस्थानों, विश्वविद्यालयों और स्वास्थ्य केंद्रों में पानी के सभी टैंकों की तत्काल जांच और सफाई के सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्वच्छ पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने में किसी भी तरह की लापरवाही के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर जोर दिया है।
डॉ. मिश्रा ने कहा कि समय-समय पर संज्ञान में आया है कि कई संस्थानों में पानी के टैंकों की नियमित रूप से सफाई नहीं की जा रही है जिससे स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा पैदा हो रहा है। उन्होंने सभी संस्थानों को निर्देश दिए हैं कि वे जमीन के ऊपर और जमीन के नीचे बने दोनों तरह के पानी के टैंकों की तत्काल और पूरी तरह से जांच करें। सभी टैंकों की पूरी तरह से सफाई करना अनिवार्य है। इसमें टैंकों में जमा गाद को हटाना, अंदर की सतहों को ठीक से धोना और निर्धारित सुरक्षा व स्वच्छता मानकों के अनुसार कीटाणु मुक्त करना शामिल है। सफाई की प्रक्रिया को अनुमोदित तरीकों से ही पूरा करें।
पानी के टैंकों की समय-समय पर जांच व सफाई के लिए एक व्यवस्थित कार्यक्रम तय करें जिसे प्राथमिकता के आधार पर हर तीन महीने में लागू किया जाए। इन निर्देशों का सख्ती से पालन करने और 5 अप्रैल तक इसकी अनुपालन रिपोर्ट जमा करने के लिए भी कहा गया है। इसके अलावा उपायुक्तों को निर्देश दिए गए हैं कि वे जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के माध्यम से इन निर्देशों के कार्यान्वयन की निगरानी करें और सात दिनों के भीतर अपनी निगरानी रिपोर्ट दें।
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अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने उपायुक्तों से 7 दिन में निगरानी रिपोर्ट मांगी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। नूंह के मेडिकल कॉलेज की पानी की टंकी में तीन मृत बंदर मिलने की घटना का स्वास्थ्य विभाग ने कड़ा संज्ञान लिया है। विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने राज्यभर के सरकारी मेडिकल संस्थानों, विश्वविद्यालयों और स्वास्थ्य केंद्रों में पानी के सभी टैंकों की तत्काल जांच और सफाई के सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्वच्छ पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने में किसी भी तरह की लापरवाही के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर जोर दिया है।
डॉ. मिश्रा ने कहा कि समय-समय पर संज्ञान में आया है कि कई संस्थानों में पानी के टैंकों की नियमित रूप से सफाई नहीं की जा रही है जिससे स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा पैदा हो रहा है। उन्होंने सभी संस्थानों को निर्देश दिए हैं कि वे जमीन के ऊपर और जमीन के नीचे बने दोनों तरह के पानी के टैंकों की तत्काल और पूरी तरह से जांच करें। सभी टैंकों की पूरी तरह से सफाई करना अनिवार्य है। इसमें टैंकों में जमा गाद को हटाना, अंदर की सतहों को ठीक से धोना और निर्धारित सुरक्षा व स्वच्छता मानकों के अनुसार कीटाणु मुक्त करना शामिल है। सफाई की प्रक्रिया को अनुमोदित तरीकों से ही पूरा करें।
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पानी के टैंकों की समय-समय पर जांच व सफाई के लिए एक व्यवस्थित कार्यक्रम तय करें जिसे प्राथमिकता के आधार पर हर तीन महीने में लागू किया जाए। इन निर्देशों का सख्ती से पालन करने और 5 अप्रैल तक इसकी अनुपालन रिपोर्ट जमा करने के लिए भी कहा गया है। इसके अलावा उपायुक्तों को निर्देश दिए गए हैं कि वे जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के माध्यम से इन निर्देशों के कार्यान्वयन की निगरानी करें और सात दिनों के भीतर अपनी निगरानी रिपोर्ट दें।