हरियाणा में करोड़ों का घोटाला: पंचायत विभाग का कर्मचारी बर्खास्त; फर्जी कंपनी बनाकर सरकारी धन किया ट्रांसफर
सरकार ने अपने आदेश में कहा है कि मामले में साक्ष्यों से छेड़छाड़ और गवाहों को प्रभावित करने की आशंका को देखते हुए नियमित विभागीय जांच संभव नहीं थी। इसी कारण संविधान के अनुच्छेद 311(2)(b) के तहत बिना विभागीय जांच के सीधे बर्खास्तगी का फैसला लिया गया।
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हरियाणा सरकार ने विकास एवं पंचायत विभाग में सामने आए करोड़ों रुपये के बड़े वित्तीय घोटाले में सख्त कार्रवाई करते हुए कर्मचारी नरेश कुमार को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। यह फैसला राज्यपाल की मंजूरी के बाद लिया गया है।
सरकारी आदेश के मुताबिक, नरेश कुमार पर सरकारी फंड में बड़े स्तर पर गड़बड़ी, फर्जी बैंक खातों के जरिए धन के दुरुपयोग और निजी लाभ के लिए रकम ट्रांसफर करने के गंभीर आरोप हैं। मामले की जांच में सामने आया कि उसने निजी व्यक्तियों और बैंक अधिकारियों के साथ मिलकर “स्वास्तिक देश प्रोजेक्ट्स” नाम की एक फर्जी कंपनी बनाई, जिसके जरिए सरकारी धन को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पहले विजिलेंस जांच शुरू की गई और बाद में एफआईआर दर्ज कर आरोपी को 6 अप्रैल 2026 को गिरफ्तार कर लिया गया। फिलहाल इस पूरे मामले की जांच सीबीाई को सौंप दी गई है, जिससे घोटाले के पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सके।
सरकार ने अपने आदेश में कहा है कि मामले में साक्ष्यों से छेड़छाड़ और गवाहों को प्रभावित करने की आशंका को देखते हुए नियमित विभागीय जांच संभव नहीं थी। इसी कारण संविधान के अनुच्छेद 311(2)(b) के तहत बिना विभागीय जांच के सीधे बर्खास्तगी का फैसला लिया गया। सरकार ने इसे सार्वजनिक धन की सुरक्षा और प्रशासनिक पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जरूरी कदम बताया है।

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