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Chandigarh-Haryana News: अब आधार की तर्ज पर बनेंगे पीपीपी स्मार्ट कार्ड
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- यह स्मार्ट कार्ड सरकारी योजनाओं व सेवाओं तक पहुंच का एकल माध्यम बनेगा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में अब परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) को और आधुनिक बनाने के लिए आधार कार्ड की तर्ज पर पीपीपी स्मार्ट कार्ड तैयार किए जाएंगे। इनमें नागरिकों की पहचान से जुड़ा पूरा जरूरी डाटा मौजूद होगा। यह स्मार्ट कार्ड सरकारी योजनाओं और सेवाओं तक पहुंच का एकल माध्यम बनेगा।
सरकार के अनुसार इन कार्डों में क्यूआर आधारित त्वरित प्रमाणीकरण की सुविधा होगी। यानी विभिन्न सरकारी विभागों में इसके माध्यम से नागरिकों का सत्यापन हो सकेगा। इससे कागजी दस्तावेजों और मैनुअल रिकॉर्ड खोजने की जरूरत काफी हद तक खत्म हो जाएगी। यह व्यवस्था धोखाधड़ी रोकने और पारदर्शिता बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभाएगी।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देशानुसार हरियाणा परिवार पहचान प्राधिकरण द्वारा प्रदेश में अधिकांश सरकारी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध करवाई जा रही हैं। अब तक 2.36 करोड़ से अधिक प्रमाण पत्र व अन्य सेवाएं नागरिकों को घर बैठे मिल चुकी हैं।
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पीपीपी प्लेटफॉर्म से 50 से अधिक विभाग जुड़े हुए हैं और 400 से ज्यादा सरकारी योजनाओं का लाभ इसी डाटाबेस के आधार पर दिया जा रहा है। प्रदेश के 77.41 लाख परिवारों और करीब 2.98 करोड़ सदस्यों का डाटा इसमें पंजीकृत किया जा चुका है।
सरकार जल्द ही पीपीपी 2.0 भी लॉन्च करेगी। इसके तहत नया मोबाइल एप लाया जाएगा जिससे विभागों के बीच डाटा साझा करना आसान होगा और सभी सेवाओं के लिए एकल पहचान व्यवस्था लागू की जा सकेगी। इससे डुप्लीकेसी खत्म होगी और पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ तेजी से पहुंच सकेगा।
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में अब परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) को और आधुनिक बनाने के लिए आधार कार्ड की तर्ज पर पीपीपी स्मार्ट कार्ड तैयार किए जाएंगे। इनमें नागरिकों की पहचान से जुड़ा पूरा जरूरी डाटा मौजूद होगा। यह स्मार्ट कार्ड सरकारी योजनाओं और सेवाओं तक पहुंच का एकल माध्यम बनेगा।
सरकार के अनुसार इन कार्डों में क्यूआर आधारित त्वरित प्रमाणीकरण की सुविधा होगी। यानी विभिन्न सरकारी विभागों में इसके माध्यम से नागरिकों का सत्यापन हो सकेगा। इससे कागजी दस्तावेजों और मैनुअल रिकॉर्ड खोजने की जरूरत काफी हद तक खत्म हो जाएगी। यह व्यवस्था धोखाधड़ी रोकने और पारदर्शिता बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभाएगी।
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मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देशानुसार हरियाणा परिवार पहचान प्राधिकरण द्वारा प्रदेश में अधिकांश सरकारी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध करवाई जा रही हैं। अब तक 2.36 करोड़ से अधिक प्रमाण पत्र व अन्य सेवाएं नागरिकों को घर बैठे मिल चुकी हैं।
पीपीपी प्लेटफॉर्म से 50 से अधिक विभाग जुड़े हुए हैं और 400 से ज्यादा सरकारी योजनाओं का लाभ इसी डाटाबेस के आधार पर दिया जा रहा है। प्रदेश के 77.41 लाख परिवारों और करीब 2.98 करोड़ सदस्यों का डाटा इसमें पंजीकृत किया जा चुका है।
सरकार जल्द ही पीपीपी 2.0 भी लॉन्च करेगी। इसके तहत नया मोबाइल एप लाया जाएगा जिससे विभागों के बीच डाटा साझा करना आसान होगा और सभी सेवाओं के लिए एकल पहचान व्यवस्था लागू की जा सकेगी। इससे डुप्लीकेसी खत्म होगी और पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ तेजी से पहुंच सकेगा।