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पंजाब में बढ़ी प्रति व्यक्ति आय: केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने पेश की रिपोर्ट, यह पहाड़ी राज्य देश में नंबर वन
Thu, 30 Jul 2026 07:00 AM IST
शाहिल शर्मा
राजिंद्र शर्मा, चंडीगढ़
राजिंद्र शर्मा, चंडीगढ़
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Thu, 30 Jul 2026 07:00 AM IST
सार
केंद्रीय वित्त मंत्रालय की ताजा रिपोर्ट में कर्ज का बोझ बढ़ने के बावजूद पंजाब की प्रति व्यक्ति आय बढ़ी है। एक साल में प्रति व्यक्ति आय में 15 हजार रुपये की बढ़ोतरी हुई है। डिटेल में पढ़ें खबर...
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पंजाब की बढ़ी प्रति व्यक्ति आय
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
पंजाब की अर्थव्यवस्था के लिए राहत भरी खबर यह है कि प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय में एक साल के दौरान करीब सात फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि दूसरी ओर राज्य पर कर्ज का बोझ भी लगातार बढ़ रहा है। केंद्रीय वित्त मंत्रालय की ताजा रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2023-24 में पंजाब की प्रति व्यक्ति आय 2.01 लाख रुपये थी जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर 2.16 लाख रुपये हो गई। इससे स्पष्ट है कि प्रदेश में आय और उपभोग क्षमता बढ़ी है लेकिन सरकारी वित्त पर दबाव भी लगातार बढ़ रहा है।
सिक्किम टॉप पर
रिपोर्ट के मुताबिक प्रति व्यक्ति आय के मामले में पंजाब की स्थिति उत्तर प्रदेश और बिहार से बेहतर है। उत्तर प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय 1.09 लाख रुपये और बिहार में 69,211 रुपये दर्ज की गई है। हालांकि पड़ोसी राज्यों हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड से पंजाब अभी पीछे है। हिमाचल प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय 2.58 लाख रुपये जबकि उत्तराखंड में 2.50 लाख रुपये है। देश में सबसे अधिक प्रति व्यक्ति आय सिक्किम की 6.46 लाख रुपये दर्ज की गई है।
अर्थशास्त्रियों के अनुसार प्रति व्यक्ति आय बढ़ने का अर्थ है कि लोगों की स्वास्थ्य, शिक्षा और आवास जैसी बुनियादी सुविधाओं तक पहुंच मजबूत होती है। साथ ही उपभोग बढ़ने से बाजार में मांग बढ़ती है जिससे उद्योग और रोजगार को भी गति मिलती है।
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सिक्किम टॉप पर
रिपोर्ट के मुताबिक प्रति व्यक्ति आय के मामले में पंजाब की स्थिति उत्तर प्रदेश और बिहार से बेहतर है। उत्तर प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय 1.09 लाख रुपये और बिहार में 69,211 रुपये दर्ज की गई है। हालांकि पड़ोसी राज्यों हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड से पंजाब अभी पीछे है। हिमाचल प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय 2.58 लाख रुपये जबकि उत्तराखंड में 2.50 लाख रुपये है। देश में सबसे अधिक प्रति व्यक्ति आय सिक्किम की 6.46 लाख रुपये दर्ज की गई है।
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अर्थशास्त्रियों के अनुसार प्रति व्यक्ति आय बढ़ने का अर्थ है कि लोगों की स्वास्थ्य, शिक्षा और आवास जैसी बुनियादी सुविधाओं तक पहुंच मजबूत होती है। साथ ही उपभोग बढ़ने से बाजार में मांग बढ़ती है जिससे उद्योग और रोजगार को भी गति मिलती है।
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हर साल बढ़ रहा कर्ज का बोझ
वित्त मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार पंजाब पर कर्ज लगातार बढ़ रहा है। वर्ष 2024 में राज्य पर 3.46 लाख करोड़ रुपये का कर्ज था जो वर्ष 2025 के संशोधित अनुमान में बढ़कर 3.79 लाख करोड़ रुपये हो गया। वर्ष 2026 के बजट अनुमान में यह आंकड़ा 4.13 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने की संभावना है। हाल ही में राज्य सरकार विकास कार्यों के लिए दो हजार करोड़ रुपये का नया कर्ज लेने की तैयारी में है। देश के सबसे अधिक कर्ज वाले राज्यों में तमिलनाडु और महाराष्ट्र भी शामिल हैं। वर्ष 2026 के अनुमान के अनुसार तमिलनाडु पर 10.42 लाख करोड़ रुपये और महाराष्ट्र पर 9.37 लाख करोड़ रुपये का कर्ज होगा।
आय बढ़ाने के लिए सरकार के प्रयास
सरकार कौशल विकास, रोजगार सृजन, उद्यमिता और कारोबार करने में सुगमता बढ़ाने पर जोर दे रही है। साथ ही परिवारों की आजीविका मजबूत करने और स्थायी आय के अवसर पैदा करने के प्रयास किए जा रहे हैं। पंजाब विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग की प्रोफेसर स्मिता शर्मा के अनुसार प्रदेश में खर्च अधिक और आय के स्रोत सीमित हैं। यही वजह है कि कर्ज लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत है लेकिन आय बढ़ाने के साथ वित्तीय अनुशासन भी जरूरी होगा।
वित्त मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार पंजाब पर कर्ज लगातार बढ़ रहा है। वर्ष 2024 में राज्य पर 3.46 लाख करोड़ रुपये का कर्ज था जो वर्ष 2025 के संशोधित अनुमान में बढ़कर 3.79 लाख करोड़ रुपये हो गया। वर्ष 2026 के बजट अनुमान में यह आंकड़ा 4.13 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने की संभावना है। हाल ही में राज्य सरकार विकास कार्यों के लिए दो हजार करोड़ रुपये का नया कर्ज लेने की तैयारी में है। देश के सबसे अधिक कर्ज वाले राज्यों में तमिलनाडु और महाराष्ट्र भी शामिल हैं। वर्ष 2026 के अनुमान के अनुसार तमिलनाडु पर 10.42 लाख करोड़ रुपये और महाराष्ट्र पर 9.37 लाख करोड़ रुपये का कर्ज होगा।
आय बढ़ाने के लिए सरकार के प्रयास
सरकार कौशल विकास, रोजगार सृजन, उद्यमिता और कारोबार करने में सुगमता बढ़ाने पर जोर दे रही है। साथ ही परिवारों की आजीविका मजबूत करने और स्थायी आय के अवसर पैदा करने के प्रयास किए जा रहे हैं। पंजाब विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग की प्रोफेसर स्मिता शर्मा के अनुसार प्रदेश में खर्च अधिक और आय के स्रोत सीमित हैं। यही वजह है कि कर्ज लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत है लेकिन आय बढ़ाने के साथ वित्तीय अनुशासन भी जरूरी होगा।