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Chandigarh-Haryana News: हरियाणा की मंडियों में अभी अधूरी तैयारियां, कहीं कैमरे संचालित नहीं तो बारदाने की कमी
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फोटो संख्या :
- प्रदेश की 416 मंडियों में गेहूं और 110 मंडियों में सरसों की होगी खरीद
- खाद्य आपूर्ति मंत्री ने मंगलवार को फिर से बुलाई बैठक, कहा निरीक्षण भी करूंगा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा की मंडियों में सरसों और गेहूं की खरीद की तैयारियां आखिरी चरण में हैं। हरियाणा खाद्य आपूर्ति निदेशालय और मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारियों का दावा है कि सभी इंतजाम पूरे हैं। 28 मार्च से सरसों की खरीद शुरू होगी। 1 अप्रैल से गेहूं की खरीद होनी है। 5 जिलों में पर्याप्त बारदाना नहीं। 7 जिलों में मजदूरों और ढुलाई के टेंडर नहीं हो सके हैं। फसलों की खरीद के दाैरान कड़ी निगरानी के लिए आवागमन वाले रास्तों पर सीसीटीवी कैमरे लगने हैं मगर कुछ जिलों की मंडियों में अभी कैमरे संचालित नहीं हो सके हैं।
प्रदेश में रबी-2026 सीजन की फसलों की खरीद के लिए कुल 560 मंडियों को तैयार किया गया है। गेहूं की खरीद 407 मंडियों में होगी। जाै की खरीद के लिए 25 मंडियां चिह्नित की गई हैं। चना की खरीद 11 मंडियों और मसूर 7 मंडियों में में होगी। यदि सरसों की बात करें तो 110 मंडियां खरीद के लिए चिह्नित की गई हैं। मंडियों में इंतजामों की बात करें तो पानीपत जिले में 12 गेहूं खरीद केंद्र हैं। सरसों की खरीद पानीपत, समालखा, इसराना में होगी। मंडियों में अभी तक सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए गए हैं। टीनशेड पर्याप्त नहीं। बरदाना नहीं है। अनाज उठान के टेंडर आखिरी चरण में हैं। पेयजल आपूर्ति और शाैचालयों के भी अधूरे इंतजाम हैं। कैथल में 43 गेहूं और 4 सरसों के खरीद केंद्र हैं। किसान-मजदूरों की कैंटीन के लिए सिलिंडर का इंतजाम कर लिया गया है। बारदाना पर्याप्त नहीं है। मजदूरों और ढुलाई से संबंधित टेंडर आखिरी चरण में हैं। हरियाणा मार्केटिंग बोर्ड के मुख्य प्रशासक मुकेश आहूजा का कहना है कि मंडियों में फसल खरीद को लेकर इंतजाम पूरे किए जा रहे हैं जहां भी जो कमियां हैं उन्हें जल्द दूर कर लिया जाएगा।
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अंबाला में जीपीएस पर संशय, यमुना नगर में कैमरे नहीं लगे
अंबाला जिले में गेहूं खरीद के लिए 13 केंद्र बनाए गए हैं। मंडी के गेट पर कैमरे लगवा दिए गए हैं। नमी वाले डिजिटल मीटर की मरम्मत कराई जा चुकी है। अभी वाहनों में ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) को लेकर स्पष्टता नहीं। यमुनानगर और अंबाला में ढुलाई से संबंधित टेंडर आखिरी चरण में हैं। अधिकारियों का दावा है कि खरीद की शुरुआत से पहले यह कार्य हो जाएगा। मंडियों में अभी बारदाना नहीं पहुंचा है। करनाल में 16 खरीद केंद्रों में गेहूं की खरीद होगी मगर अभी तक पर्याप्त बारदाना नहीं पहुंचा है। मजदूरों के लिए ढुलाई का टेंडर अभी नहीं हुआ है। किसान व मजदूरों के लिए बनाई गई कैंटीन में गैस की किल्लत नहीं है। कुरुक्षेत्र जिले में 25 मंडियों में गेहूं और 6 क्रय केंद्रों पर सरसों खरीदी जाएगी। मंडियों में सफाई व सड़कों की मरम्मत के कार्य जारी हैं।
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हिसार में सीसीटीवी कैमरे संचालित कराए, फतेहाबाद में कैमरे लगने का इंतजार
हिसार अनाज मंडी में प्रवेश और निवासी वाले गेट पर 2-2 सीसीटीवी संचालित करा दिए हैं। फसलों के उठान को लेकर 21 मंडियों में टेंडर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। फतेहाबाद जिले में मंडी और क्रय केंद्र 52 हैं। फतेहाबाद शहर की पुरानी मंडी के प्रवेश-निकासी द्वार पर सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं। नमी जांच वाले डिजिटल मीटर 10 हैं और 5 नए खरीदे गए हैं। शाैचालयों की सफाई नहीं कराई गई। खरीद एजेंसी स्वयं बारदाने का इंतजाम करेंगी। अभी तक मजदूरों और ढुलाई के टेंडर होने हैं। भिवानी में 11 मंडियों में खरीद केंद्र हैं। भिवानी मुख्यालय की मंडी को छोड़कर शेष में किसानों की फसल सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त शेड नहीं है। मजदूरों और माल ढुलाई के टेंडर नहीं हुए हैं। पानी की टंकियों की सफाई नहीं हो सकी है।
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झज्जर में कैमरे संचालित नहीं, रेवाड़ी में टेंडर होने का इंतजार
झज्जर अनाज मंडी के गेट पर सीसीटीवी कैमरे संचालित नहीं हो सके हैं। ठेकेदार को भुगतान न होने के कारण मंडी में शेड के ऊपर टीन नहीं लगाया गया। मंडी में कैंटीन की सुविधा नहीं है। रेवाड़ी की मंडियों में सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं। ढुलाई और वाहन के लिए टेंडर अभी नहीं लगे हैं। जींद में 5.45 लाख एकड़ में गेहूं की बिजाई हुई है और 39 मंडियों में गेहूं की खरीद होगी। बारदाना, उठान व लेबर के टेंडर अभी नहीं हुए हैं। सड़कों की मरम्मत के कार्य कराए जा रहे हैं। नारनाैल मंडी में 9 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। अनाज मंडी में 50-50 हजार बैग की क्षमता के दो टीनशेड हैं। ढुलाई व मजदूरों से संबंधित टेंडर होने हैं। सोनीपत की मंडियों में पीने के पानी का पर्याप्त इंतजाम नहीं है। सीसीटीवी कैमरे अभी नहीं लगे हैं। फुटपाथ की मरम्मत का कार्य हो रहा है।
हरियाणा की मंडियों में गेहूं और सरसों की खरीद को लेकर सभी इंतजाम पूरे करने के पहले ही निर्देश दिए जा चुके हैं। फिर भी कहीं इंतजाम अधूरे हैं तो मंगलवार को फिर बैठक बुलाई है। इस बैठक में कहां अधूरे इंतजाम हैं इसकी जानकारी ली जाएगी। मैं खुद भी मंडियों में औचक निरीक्षण करके इंतजामों की वास्तविकता देखूंगा।
राजेश नागर, मंत्री खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले
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- प्रदेश की 416 मंडियों में गेहूं और 110 मंडियों में सरसों की होगी खरीद
- खाद्य आपूर्ति मंत्री ने मंगलवार को फिर से बुलाई बैठक, कहा निरीक्षण भी करूंगा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा की मंडियों में सरसों और गेहूं की खरीद की तैयारियां आखिरी चरण में हैं। हरियाणा खाद्य आपूर्ति निदेशालय और मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारियों का दावा है कि सभी इंतजाम पूरे हैं। 28 मार्च से सरसों की खरीद शुरू होगी। 1 अप्रैल से गेहूं की खरीद होनी है। 5 जिलों में पर्याप्त बारदाना नहीं। 7 जिलों में मजदूरों और ढुलाई के टेंडर नहीं हो सके हैं। फसलों की खरीद के दाैरान कड़ी निगरानी के लिए आवागमन वाले रास्तों पर सीसीटीवी कैमरे लगने हैं मगर कुछ जिलों की मंडियों में अभी कैमरे संचालित नहीं हो सके हैं।
प्रदेश में रबी-2026 सीजन की फसलों की खरीद के लिए कुल 560 मंडियों को तैयार किया गया है। गेहूं की खरीद 407 मंडियों में होगी। जाै की खरीद के लिए 25 मंडियां चिह्नित की गई हैं। चना की खरीद 11 मंडियों और मसूर 7 मंडियों में में होगी। यदि सरसों की बात करें तो 110 मंडियां खरीद के लिए चिह्नित की गई हैं। मंडियों में इंतजामों की बात करें तो पानीपत जिले में 12 गेहूं खरीद केंद्र हैं। सरसों की खरीद पानीपत, समालखा, इसराना में होगी। मंडियों में अभी तक सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए गए हैं। टीनशेड पर्याप्त नहीं। बरदाना नहीं है। अनाज उठान के टेंडर आखिरी चरण में हैं। पेयजल आपूर्ति और शाैचालयों के भी अधूरे इंतजाम हैं। कैथल में 43 गेहूं और 4 सरसों के खरीद केंद्र हैं। किसान-मजदूरों की कैंटीन के लिए सिलिंडर का इंतजाम कर लिया गया है। बारदाना पर्याप्त नहीं है। मजदूरों और ढुलाई से संबंधित टेंडर आखिरी चरण में हैं। हरियाणा मार्केटिंग बोर्ड के मुख्य प्रशासक मुकेश आहूजा का कहना है कि मंडियों में फसल खरीद को लेकर इंतजाम पूरे किए जा रहे हैं जहां भी जो कमियां हैं उन्हें जल्द दूर कर लिया जाएगा।
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अंबाला में जीपीएस पर संशय, यमुना नगर में कैमरे नहीं लगे
अंबाला जिले में गेहूं खरीद के लिए 13 केंद्र बनाए गए हैं। मंडी के गेट पर कैमरे लगवा दिए गए हैं। नमी वाले डिजिटल मीटर की मरम्मत कराई जा चुकी है। अभी वाहनों में ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) को लेकर स्पष्टता नहीं। यमुनानगर और अंबाला में ढुलाई से संबंधित टेंडर आखिरी चरण में हैं। अधिकारियों का दावा है कि खरीद की शुरुआत से पहले यह कार्य हो जाएगा। मंडियों में अभी बारदाना नहीं पहुंचा है। करनाल में 16 खरीद केंद्रों में गेहूं की खरीद होगी मगर अभी तक पर्याप्त बारदाना नहीं पहुंचा है। मजदूरों के लिए ढुलाई का टेंडर अभी नहीं हुआ है। किसान व मजदूरों के लिए बनाई गई कैंटीन में गैस की किल्लत नहीं है। कुरुक्षेत्र जिले में 25 मंडियों में गेहूं और 6 क्रय केंद्रों पर सरसों खरीदी जाएगी। मंडियों में सफाई व सड़कों की मरम्मत के कार्य जारी हैं।
हिसार में सीसीटीवी कैमरे संचालित कराए, फतेहाबाद में कैमरे लगने का इंतजार
हिसार अनाज मंडी में प्रवेश और निवासी वाले गेट पर 2-2 सीसीटीवी संचालित करा दिए हैं। फसलों के उठान को लेकर 21 मंडियों में टेंडर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। फतेहाबाद जिले में मंडी और क्रय केंद्र 52 हैं। फतेहाबाद शहर की पुरानी मंडी के प्रवेश-निकासी द्वार पर सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं। नमी जांच वाले डिजिटल मीटर 10 हैं और 5 नए खरीदे गए हैं। शाैचालयों की सफाई नहीं कराई गई। खरीद एजेंसी स्वयं बारदाने का इंतजाम करेंगी। अभी तक मजदूरों और ढुलाई के टेंडर होने हैं। भिवानी में 11 मंडियों में खरीद केंद्र हैं। भिवानी मुख्यालय की मंडी को छोड़कर शेष में किसानों की फसल सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त शेड नहीं है। मजदूरों और माल ढुलाई के टेंडर नहीं हुए हैं। पानी की टंकियों की सफाई नहीं हो सकी है।
झज्जर में कैमरे संचालित नहीं, रेवाड़ी में टेंडर होने का इंतजार
झज्जर अनाज मंडी के गेट पर सीसीटीवी कैमरे संचालित नहीं हो सके हैं। ठेकेदार को भुगतान न होने के कारण मंडी में शेड के ऊपर टीन नहीं लगाया गया। मंडी में कैंटीन की सुविधा नहीं है। रेवाड़ी की मंडियों में सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं। ढुलाई और वाहन के लिए टेंडर अभी नहीं लगे हैं। जींद में 5.45 लाख एकड़ में गेहूं की बिजाई हुई है और 39 मंडियों में गेहूं की खरीद होगी। बारदाना, उठान व लेबर के टेंडर अभी नहीं हुए हैं। सड़कों की मरम्मत के कार्य कराए जा रहे हैं। नारनाैल मंडी में 9 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। अनाज मंडी में 50-50 हजार बैग की क्षमता के दो टीनशेड हैं। ढुलाई व मजदूरों से संबंधित टेंडर होने हैं। सोनीपत की मंडियों में पीने के पानी का पर्याप्त इंतजाम नहीं है। सीसीटीवी कैमरे अभी नहीं लगे हैं। फुटपाथ की मरम्मत का कार्य हो रहा है।
हरियाणा की मंडियों में गेहूं और सरसों की खरीद को लेकर सभी इंतजाम पूरे करने के पहले ही निर्देश दिए जा चुके हैं। फिर भी कहीं इंतजाम अधूरे हैं तो मंगलवार को फिर बैठक बुलाई है। इस बैठक में कहां अधूरे इंतजाम हैं इसकी जानकारी ली जाएगी। मैं खुद भी मंडियों में औचक निरीक्षण करके इंतजामों की वास्तविकता देखूंगा।
राजेश नागर, मंत्री खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले