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Chandigarh-Haryana News: जल जीवन मिशन में आखिरी चरण के काम अधूरे, बजट मिलने पर होंगे काम
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- प्रदेश की 6000 पंचायतों में हुआ था काम, मगर अभी भी 250 पंचायतों में काम अधूरे
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। जल जीवन मिशन के तहत प्रदेश की करीब 250 पंचायतों में कार्य अटके हुए हैं। पिछले करीब एक वर्ष से बजट का इंतजार है। अब अधूरे कार्य पूरा कराने के लिए केंद्र सरकार से करीब 500 करोड़ रुपये का बजट मांगा गया है।
प्रदेश में जल जीवन मिशन के तहत 6000 पंचायतों में काम कराए गए हैं। जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग के अनुसार अभी भी करीब 250 पंचायतें ऐसी हैं जहां पेयजल आपूर्ति के लिए नई लाइन बिछाने का कार्य होना है। नए बूस्टिंग स्टेशनों के निर्माण, वाटर क्लीयर टैंक और उनके विस्तार के कार्य प्रस्तावित हैं। जल जीवन मिशन के तहत पेयजल आपूर्ति वाले टैंकों की क्षमता भी बढ़ाने की योजना प्रस्तावित थी। हाल ही में केंद्र और राज्य सरकार के बीच समझाैता हुआ है जिसमें जल जीवन मिशन के कार्यों के लिए 3000 करोड़ मिलने का रास्ता खुल गया है। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के इंजीनियर इन चीफ देवेंद्र दहिया का कहना है कि बजट मिलते ही पंचायतों में अटके हुए कार्यों को शुरू करवा दिया जाएगा।
गांवों तक पानी आपूर्ति क्षमता बढ़ेगी
प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में नहरी पानी की आपूर्ति से जुड़े करीब 1591 जलघर हैं। इसी तरह से ग्रामीण क्षेत्रों की पेयजल आपूर्ति के लिए 10 हजार 152 नलकूप स्थापित हैं। विभाग के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र में करीब 31.50 लाख उपभोक्ताओं को भरपूर व आवश्यकता अनुसार पेयजल आपूर्ति के लिए काम जारी हैं। गर्मियों के सीजन में सबसे अधिक पानी की किल्लत होती है। विभाग ने जल जीवन मिशन के तहत हर घर जल योजना के लिए प्रदेश में 6600 पंचायतों को चुना था। इनमें से करीब 6000 पंचायतों में योजना के तहत लगभग कार्य पूरे हो गए हैं। करीब 250 पंचायतों में कार्य आखिरी चरण अटके हुए हैं जबकि शेष पंचायतों में काम जारी हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। जल जीवन मिशन के तहत प्रदेश की करीब 250 पंचायतों में कार्य अटके हुए हैं। पिछले करीब एक वर्ष से बजट का इंतजार है। अब अधूरे कार्य पूरा कराने के लिए केंद्र सरकार से करीब 500 करोड़ रुपये का बजट मांगा गया है।
प्रदेश में जल जीवन मिशन के तहत 6000 पंचायतों में काम कराए गए हैं। जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग के अनुसार अभी भी करीब 250 पंचायतें ऐसी हैं जहां पेयजल आपूर्ति के लिए नई लाइन बिछाने का कार्य होना है। नए बूस्टिंग स्टेशनों के निर्माण, वाटर क्लीयर टैंक और उनके विस्तार के कार्य प्रस्तावित हैं। जल जीवन मिशन के तहत पेयजल आपूर्ति वाले टैंकों की क्षमता भी बढ़ाने की योजना प्रस्तावित थी। हाल ही में केंद्र और राज्य सरकार के बीच समझाैता हुआ है जिसमें जल जीवन मिशन के कार्यों के लिए 3000 करोड़ मिलने का रास्ता खुल गया है। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के इंजीनियर इन चीफ देवेंद्र दहिया का कहना है कि बजट मिलते ही पंचायतों में अटके हुए कार्यों को शुरू करवा दिया जाएगा।
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गांवों तक पानी आपूर्ति क्षमता बढ़ेगी
प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में नहरी पानी की आपूर्ति से जुड़े करीब 1591 जलघर हैं। इसी तरह से ग्रामीण क्षेत्रों की पेयजल आपूर्ति के लिए 10 हजार 152 नलकूप स्थापित हैं। विभाग के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र में करीब 31.50 लाख उपभोक्ताओं को भरपूर व आवश्यकता अनुसार पेयजल आपूर्ति के लिए काम जारी हैं। गर्मियों के सीजन में सबसे अधिक पानी की किल्लत होती है। विभाग ने जल जीवन मिशन के तहत हर घर जल योजना के लिए प्रदेश में 6600 पंचायतों को चुना था। इनमें से करीब 6000 पंचायतों में योजना के तहत लगभग कार्य पूरे हो गए हैं। करीब 250 पंचायतों में कार्य आखिरी चरण अटके हुए हैं जबकि शेष पंचायतों में काम जारी हैं।