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जनगणना का दूसरा चरण: इस बार जाति के साथ डिजिटल साक्षरता पर भी पूछे जाएंगे सवाल, दो जिलों में प्री-टेस्ट
Fri, 03 Jul 2026 09:54 AM IST
Nivedita
आशीष वर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
आशीष वर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Fri, 03 Jul 2026 09:54 AM IST
सार
जनगणना का दूसरा चरण अगले साल फरवरी या मार्च में शुरू हो सकता है। जनगणना विभाग ने प्री-टेस्ट के लिए 42 शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण देकर उनकी ड्यूटी लगाई है। इन शिक्षकों को मेहनताना के रूप में 10-10 हजार रुपये भी दिए जा रहे हैं।
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जनगणना
- फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
हरियाणा में जनगणना के दूसरे चरण की तैयारियां तेज हो गई हैं। मकानों की गणना पूरी होने के बाद अब लोगों की गिनती का काम शुरू किया जा रहा है। इसकी शुरुआत सोमवार से प्री-टेस्ट के साथ होगी।
हरियाणा में इसके लिए पंचकूला और फरीदाबाद जिलों का चयन किया गया है। इस बार की जनगणना कई मायनों में खास होगी। साल 1931 के बाद पहली बार लोगों से उनकी जाति और डिजिटल साक्षरता से जुड़े सवाल भी पूछे जाएंगे। डिजिटल साक्षरता के तहत यह जानकारी ली जाएगी कि व्यक्ति को कंप्यूटर चलाना आता है या नहीं, ई-मेल लिखना आता है या नहीं और वह स्मार्टफोन का इस्तेमाल कर सकता है या नहीं।
इस प्री-टेस्ट का मकसद यह जानना है कि एक व्यक्ति की पूरी जानकारी दर्ज करने में कितना समय लगता है, ताकि वास्तविक जनगणना के दौरान कर्मचारियों की संख्या और ड्यूटी उसी हिसाब से तय की जा सके। जनगणना का दूसरा चरण अगले साल फरवरी या मार्च में शुरू हो सकता है। जनगणना विभाग ने प्री-टेस्ट के लिए 42 शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण देकर उनकी ड्यूटी लगाई है। इन शिक्षकों को मेहनताना के रूप में 10-10 हजार रुपये भी दिए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि प्री-टेस्ट से मिलने वाले अनुभव के आधार पर अंतिम जनगणना की पूरी योजना तैयार की जाएगी। दो महीने पहले मई में मकानों की गणना के दौरान 34 सवाल पूछे गए थे।
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हरियाणा में इसके लिए पंचकूला और फरीदाबाद जिलों का चयन किया गया है। इस बार की जनगणना कई मायनों में खास होगी। साल 1931 के बाद पहली बार लोगों से उनकी जाति और डिजिटल साक्षरता से जुड़े सवाल भी पूछे जाएंगे। डिजिटल साक्षरता के तहत यह जानकारी ली जाएगी कि व्यक्ति को कंप्यूटर चलाना आता है या नहीं, ई-मेल लिखना आता है या नहीं और वह स्मार्टफोन का इस्तेमाल कर सकता है या नहीं।
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इस प्री-टेस्ट का मकसद यह जानना है कि एक व्यक्ति की पूरी जानकारी दर्ज करने में कितना समय लगता है, ताकि वास्तविक जनगणना के दौरान कर्मचारियों की संख्या और ड्यूटी उसी हिसाब से तय की जा सके। जनगणना का दूसरा चरण अगले साल फरवरी या मार्च में शुरू हो सकता है। जनगणना विभाग ने प्री-टेस्ट के लिए 42 शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण देकर उनकी ड्यूटी लगाई है। इन शिक्षकों को मेहनताना के रूप में 10-10 हजार रुपये भी दिए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि प्री-टेस्ट से मिलने वाले अनुभव के आधार पर अंतिम जनगणना की पूरी योजना तैयार की जाएगी। दो महीने पहले मई में मकानों की गणना के दौरान 34 सवाल पूछे गए थे।
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