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हरियाणा में बनेगा स्मार्ट एग्रीकल्चर व स्मार्ट इंडस्ट्रियल जोन : सैनी
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फोटो समाचार
बैठक में आईएमटी मानेसर, बावल व कुंडली में फैक्ट्रियों में काम करने वाले मजदूरों के लिए आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश
उद्योग एवं वाणिज्य विभाग से संबंधित बजट घोषणाओं की मुख्यमंत्री ने की समीक्षा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। प्रदेश सरकार ने किसानों व उद्योगपतियों के लिए बड़ी घोषणा की है। उद्योग व वाणिज्य विभाग से संबंधित बजट घोषणाओं की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य में एक स्मार्ट एग्रीकल्चर जोन व एक स्मार्ट इंडस्ट्रियल जोन बनाया जाएगा जहां किसानों व उद्योगपतियों को विशेष सुविधाएं दी जाएंगी। इसके साथ ही उन्होंने आईएमटी मानेसर, बावल व कुंडली में फैक्ट्रियों में काम करने वाले मजदूरों के लिए आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
बैठक में सीएम को जानकारी दी गई कि कम से कम 50 फैक्ट्रियों वाली जिन अवैध कॉलोनियों को नियमित करने के लिए जो पोर्टल लांच किया गया था उसके अब सकारात्मक परिणाम आ रहे हैं। उद्योगपति अपनी यूनिट को उक्त पोर्टल पर रजिस्टर कर रहे हैं। इन कॉलोनियों के नियमित होने पर उद्योगपतियों को जहां विभिन्न योजनाओं का समय पर लाभ मिल सकेगा वहीं अलग -अलग विभागों की औपचारिकताएं पूरी करने के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। वहीं हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) की ओर से अलॉट (राज्य के विभिन्न इंडस्ट्रियल एस्टेट्स में ) प्लॉटों के मालिकों की लंबित समस्याओं का निराकरण कर दिया गया है। इन प्लॉटों का पूरा कंट्रोल अब हरियाणा राज्य औद्योगिक व अवसंरचना विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) को दिया गया है। इंडस्ट्रियल प्लॉट को एचएसवीपी से एचएसआईआईडीसी को ट्रांसफर कराने के मामले में ऑक्युपेशन सर्टिफिकेट व प्रोजेक्ट कम्प्लीशन सर्टिफिकेट को प्राप्त करने में उद्योग मालिकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
75 फीसदी सस्ती दरों पर दी जाएगी जमीन
पिछले बजट में ईएसआईसी अस्पताल/ डिस्पेंसरी खोलने के लिए प्लॉट देने के मामले में रियायत की घोषणा को पूरा कर दिया गया है। अब भविष्य में एचएसवीपी, एचएसआईआईडीसी, पंचायत व दूसरे सरकारी विभागों से ईएसआईसी अस्पताल/ डिस्पेंसरी खोलने के लिए जो जमीन ली जाएगी वह 75 फीसदी सस्ती दरों पर मिलेगी। बैठक में सीएम ने औद्योगिक क्षेत्रों जो शहरी आबादी के बीच में आ गए हैं उनमें सीवर, सड़क, पेयजल, स्ट्रीट लाइट जैसे सुविधाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने सभी इंडस्ट्रियल एस्टेट्स में स्टार्टअप्स को रियायती दरों पर काम करवाने की सुविधा देने के लिए इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित करने के निर्देश दिए। आईएमटी मानेसर में एआई व क्वांटम कंप्यूटिंग टेक्नोलॉजी और आईएमटी खरखौदा में इलेक्ट्रिक व्हीकल व ऑटोमोटिव सेक्टर के प्रस्तावित इन्क्यूबेशन सेंटर के लिए जमीन चिह्नित कर ली गई है। दूसरे स्थानों पर भी इन्क्यूबेशन सेंटर बनाने के लिए प्रक्रिया जारी है।
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उद्योग एवं वाणिज्य विभाग से संबंधित बजट घोषणाओं की मुख्यमंत्री ने की समीक्षा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। प्रदेश सरकार ने किसानों व उद्योगपतियों के लिए बड़ी घोषणा की है। उद्योग व वाणिज्य विभाग से संबंधित बजट घोषणाओं की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य में एक स्मार्ट एग्रीकल्चर जोन व एक स्मार्ट इंडस्ट्रियल जोन बनाया जाएगा जहां किसानों व उद्योगपतियों को विशेष सुविधाएं दी जाएंगी। इसके साथ ही उन्होंने आईएमटी मानेसर, बावल व कुंडली में फैक्ट्रियों में काम करने वाले मजदूरों के लिए आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
बैठक में सीएम को जानकारी दी गई कि कम से कम 50 फैक्ट्रियों वाली जिन अवैध कॉलोनियों को नियमित करने के लिए जो पोर्टल लांच किया गया था उसके अब सकारात्मक परिणाम आ रहे हैं। उद्योगपति अपनी यूनिट को उक्त पोर्टल पर रजिस्टर कर रहे हैं। इन कॉलोनियों के नियमित होने पर उद्योगपतियों को जहां विभिन्न योजनाओं का समय पर लाभ मिल सकेगा वहीं अलग -अलग विभागों की औपचारिकताएं पूरी करने के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। वहीं हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) की ओर से अलॉट (राज्य के विभिन्न इंडस्ट्रियल एस्टेट्स में ) प्लॉटों के मालिकों की लंबित समस्याओं का निराकरण कर दिया गया है। इन प्लॉटों का पूरा कंट्रोल अब हरियाणा राज्य औद्योगिक व अवसंरचना विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) को दिया गया है। इंडस्ट्रियल प्लॉट को एचएसवीपी से एचएसआईआईडीसी को ट्रांसफर कराने के मामले में ऑक्युपेशन सर्टिफिकेट व प्रोजेक्ट कम्प्लीशन सर्टिफिकेट को प्राप्त करने में उद्योग मालिकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
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75 फीसदी सस्ती दरों पर दी जाएगी जमीन
पिछले बजट में ईएसआईसी अस्पताल/ डिस्पेंसरी खोलने के लिए प्लॉट देने के मामले में रियायत की घोषणा को पूरा कर दिया गया है। अब भविष्य में एचएसवीपी, एचएसआईआईडीसी, पंचायत व दूसरे सरकारी विभागों से ईएसआईसी अस्पताल/ डिस्पेंसरी खोलने के लिए जो जमीन ली जाएगी वह 75 फीसदी सस्ती दरों पर मिलेगी। बैठक में सीएम ने औद्योगिक क्षेत्रों जो शहरी आबादी के बीच में आ गए हैं उनमें सीवर, सड़क, पेयजल, स्ट्रीट लाइट जैसे सुविधाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने सभी इंडस्ट्रियल एस्टेट्स में स्टार्टअप्स को रियायती दरों पर काम करवाने की सुविधा देने के लिए इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित करने के निर्देश दिए। आईएमटी मानेसर में एआई व क्वांटम कंप्यूटिंग टेक्नोलॉजी और आईएमटी खरखौदा में इलेक्ट्रिक व्हीकल व ऑटोमोटिव सेक्टर के प्रस्तावित इन्क्यूबेशन सेंटर के लिए जमीन चिह्नित कर ली गई है। दूसरे स्थानों पर भी इन्क्यूबेशन सेंटर बनाने के लिए प्रक्रिया जारी है।
