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Chandigarh-Haryana News: पंजाब के युवाओं से सीएम बोले- हरियाणा में भर्तियों से युवाओं का आत्मविश्वास बढ़ा
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फोटो समाचार
मुख्यमंत्री ने सुशासन व मेरिट आधारित मॉडल, पारदर्शी रोजगार नीति और कौशल विकास पर दिया बल
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को अपने आवास पर पंजाब के युवाओं से संवाद करते हुए शासन, नीति और रोजगार से जुड़े अवसरों पर सार्थक चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कौशल विकास को भविष्य की जरूरत बताते हुए कहा कि प्रशिक्षण, नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देकर युवा शक्ति को आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार ने बिना खर्ची–बिना पर्ची की नीति को सख्ती से लागू करते हुए योग्यता के आधार पर युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं। बीते वर्षों में बड़े पैमाने पर की गई भर्तियों से युवाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है और भरोसे की राजनीति को मजबूती मिली है। सीएम ने पंजाब के युवाओं को आश्वस्त किया कि वे कभी भी उनसे मिल सकते हैं और हरियाणा सरकार युवाओं के हितों के लिए हर संभव कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का है और इस लक्ष्य को साकार करने में देश का युवा वर्ग सबसे बड़ी शक्ति है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे के खिलाफ हरियाणा सरकार पूरी गंभीरता से कार्य कर रही है। नशा मुक्ति केंद्रों की स्थापना से लेकर नशे की लत से ग्रसित युवाओं के इलाज तक सरकार हर स्तर पर निरंतर प्रयास कर रही है। नशे के अवैध कारोबार में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करते हुए उनकी संपत्तियां भी अटैच की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा विदेश सहयोग विभाग की स्थापना कर युवाओं को सुरक्षित, पारदर्शी और सम्मानजनक तरीके से विदेश में रोजगार के अवसर मुहैया कराए जा रहे हैं। साथ ही वैध माध्यमों से युवाओं को विदेश भेजने की व्यवस्था भी सरकार द्वारा की जा रही है। सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि हरियाणा सरकार बुजुर्गों को 3200 रुपये मासिक पेंशन प्रदान कर रही है जबकि पंजाब में यह राशि 1500 रुपये है। पंजाब में जहां 60 हजार रुपये वार्षिक आय तक पेंशन का प्रावधान है वहीं हरियाणा में यह सीमा तीन लाख रुपये तक रखी गई है। माैके पर मुख्यमंत्री के ओएसडी तरुण भंडारी और बीबी भारती व मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव प्रवीण आत्रेय मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को अपने आवास पर पंजाब के युवाओं से संवाद करते हुए शासन, नीति और रोजगार से जुड़े अवसरों पर सार्थक चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कौशल विकास को भविष्य की जरूरत बताते हुए कहा कि प्रशिक्षण, नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देकर युवा शक्ति को आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार ने बिना खर्ची–बिना पर्ची की नीति को सख्ती से लागू करते हुए योग्यता के आधार पर युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं। बीते वर्षों में बड़े पैमाने पर की गई भर्तियों से युवाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है और भरोसे की राजनीति को मजबूती मिली है। सीएम ने पंजाब के युवाओं को आश्वस्त किया कि वे कभी भी उनसे मिल सकते हैं और हरियाणा सरकार युवाओं के हितों के लिए हर संभव कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का है और इस लक्ष्य को साकार करने में देश का युवा वर्ग सबसे बड़ी शक्ति है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे के खिलाफ हरियाणा सरकार पूरी गंभीरता से कार्य कर रही है। नशा मुक्ति केंद्रों की स्थापना से लेकर नशे की लत से ग्रसित युवाओं के इलाज तक सरकार हर स्तर पर निरंतर प्रयास कर रही है। नशे के अवैध कारोबार में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करते हुए उनकी संपत्तियां भी अटैच की जा रही हैं।
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मुख्यमंत्री ने कहा विदेश सहयोग विभाग की स्थापना कर युवाओं को सुरक्षित, पारदर्शी और सम्मानजनक तरीके से विदेश में रोजगार के अवसर मुहैया कराए जा रहे हैं। साथ ही वैध माध्यमों से युवाओं को विदेश भेजने की व्यवस्था भी सरकार द्वारा की जा रही है। सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि हरियाणा सरकार बुजुर्गों को 3200 रुपये मासिक पेंशन प्रदान कर रही है जबकि पंजाब में यह राशि 1500 रुपये है। पंजाब में जहां 60 हजार रुपये वार्षिक आय तक पेंशन का प्रावधान है वहीं हरियाणा में यह सीमा तीन लाख रुपये तक रखी गई है। माैके पर मुख्यमंत्री के ओएसडी तरुण भंडारी और बीबी भारती व मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव प्रवीण आत्रेय मौजूद रहे।