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High Court : यूपी-हरियाणा सीमा विवाद मामले में मांगा जवाब, भूमि की वास्तविक स्थिति और विवरण करें स्पष्ट

अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 12 Apr 2026 05:23 PM IST
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सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी-हरियाणा सीमा से जुड़ी जमीन के स्वामित्व और कब्जे को लेकर पलवल के डिप्टी कमिश्नर / डीएम से व्यक्तिगत हलफनामा मांगा है। कहा है कि जमीन की वास्तविक स्थिति और प्लॉट का विवरण स्पष्ट करें।

Answer sought in UP-Haryana border dispute case, clarify the actual status and details of the land
इलाहाबाद हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी-हरियाणा सीमा से जुड़ी जमीन के स्वामित्व और कब्जे को लेकर पलवल के डिप्टी कमिश्नर / डीएम से व्यक्तिगत हलफनामा मांगा है। कहा है कि जमीन की वास्तविक स्थिति और प्लॉट का विवरण स्पष्ट करें। वहीं, अलीगढ़ के डीएम को निर्देश दिया कि शपथपत्र दाखिल कर बताएं कि जमीन यूपी को हस्तांतरित होने के बाद क्या कदम उठाए गए। वर्तमान में जमीन किसके कब्जे में है।

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मामले की सुनवाई चार मई को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल की एकल पीठ ने कानपुर नगर निवासी प्रकाश बाजपेयी व अन्य की याचिका पर दिया है। शासकीय अधिवक्ता ने दलील दी कि हरियाणा और उत्तर प्रदेश (सीमा परिवर्तन) अधिनियम-1979 लागू होने के बाद संबंधित जमीन की सीमाएं बदली गई थीं। कुल 395.72 एकड़ भूमि यूपी में स्थानांतरित हुई, जिसमें से 1.28 एकड़ निजी व्यक्तियों/किसानों की हैं। शेष जमीन ग्रामसभा की है।
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जिस विक्रय विलेख (सेल डीड) के आधार पर आधिकारिक परिसमापक (ओएल) कब्जा लेना चाहते हैं, वह 1995 से 1997 के बीच हरियाणा में निष्पादित हुआ था। बाद में उक्त जमीन उत्तर प्रदेश में स्थानांतरित हो गई। ऐसे में हरियाणा के अधिकारियों को प्लॉट नंबर और वास्तविक स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। वहीं, आधिकारिक परिसमापक के अधिवक्ता ने दलील दी कि न्यायालय के पूर्व आदेश के अनुपालन में 23 जुलाई 2018 को संयुक्त टीम की ओर से स्थल निरीक्षण किया गया था। उसमें यूपी और हरियाणा के अधिकारी थे। प्रतीकात्मक कब्जा भी दिया गया था। केवल आठ एकड़ भूमि हरियाणा में है, जबकि शेष उत्तर प्रदेश में आती है। 

आधिकारिक परिसमापक

इसमें केंद्र सरकार की ओर से नियुक्त वरिष्ठ अधिकारी होते हैं। वे कंपनी की संपत्तियों को बेचकर लेनदारों का भुगतान करने और व्यवसाय को बंद करने के लिए जिम्मेदार होते हैं।

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