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Haryana: जिला कैडर शिक्षकों की ट्रांसफर पॉलिसी में संशोधन, स्वैच्छिक जिला बदलने का मिलेगा मौका
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 05 Feb 2026 12:08 PM IST
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सार
नई व्यवस्था के तहत नियमित रूप से कार्यरत प्राइमरी टीचर (पीआरटी), जूनियर बेसिक टीचर (जेबीटी), हेड टीचर और सीएंडवी शिक्षक इस पॉलिसी के दायरे में आएंगे। शिक्षक केवल उसी श्रेणी की रिक्तियों के आधार पर एक जिले से दूसरे जिले में कैडर बदल सकेंगे।
तबादला आदेश
- फोटो : प्रतीकात्मक
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विस्तार
हरियाणा सरकार ने जिला कैडर शिक्षकों की कैडर चेंज पॉलिसी-2025 में संशोधन को मंजूरी दे दी है। स्कूल शिक्षा विभाग (एलिमेंट्री) की ओर से 4 फरवरी 2026 को जारी आदेश के अनुसार नई संशोधित पॉलिसी 2 फरवरी 2026 से लागू मानी जाएगी। इसका उद्देश्य शिक्षकों को स्वैच्छिक आधार पर जिला बदलने का अवसर देकर उनकी नौकरी से संतुष्टि बढ़ाना और साथ ही विद्यार्थियों के शैक्षणिक हितों की सुरक्षा करना है।
नई व्यवस्था के तहत नियमित रूप से कार्यरत प्राइमरी टीचर (पीआरटी), जूनियर बेसिक टीचर (जेबीटी), हेड टीचर और सीएंडवी शिक्षक इस पॉलिसी के दायरे में आएंगे। शिक्षक केवल उसी श्रेणी की रिक्तियों के आधार पर एक जिले से दूसरे जिले में कैडर बदल सकेंगे। अंतिम निर्णय का अधिकार स्कूल शिक्षा विभाग के प्रशासनिक सचिव को दिया गया है।
पॉलिसी में इमीडिएट फैमिली की परिभाषा परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) के आधार पर तय की गई है, जबकि मेरिट पॉइंट के लिए अलग से क्वालिफाइंग डेट निर्धारित होगी। साथ ही, छात्रों की संख्या के अनुसार शिक्षकों की वास्तविक जरूरत तय करने के लिए पदों का रैशनलाइजेशन भी किया जाएगा। सरकार का कहना है कि संशोधन से शिक्षकों और छात्रों दोनों को लाभ मिलेगा।
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नई व्यवस्था के तहत नियमित रूप से कार्यरत प्राइमरी टीचर (पीआरटी), जूनियर बेसिक टीचर (जेबीटी), हेड टीचर और सीएंडवी शिक्षक इस पॉलिसी के दायरे में आएंगे। शिक्षक केवल उसी श्रेणी की रिक्तियों के आधार पर एक जिले से दूसरे जिले में कैडर बदल सकेंगे। अंतिम निर्णय का अधिकार स्कूल शिक्षा विभाग के प्रशासनिक सचिव को दिया गया है।
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पॉलिसी में इमीडिएट फैमिली की परिभाषा परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) के आधार पर तय की गई है, जबकि मेरिट पॉइंट के लिए अलग से क्वालिफाइंग डेट निर्धारित होगी। साथ ही, छात्रों की संख्या के अनुसार शिक्षकों की वास्तविक जरूरत तय करने के लिए पदों का रैशनलाइजेशन भी किया जाएगा। सरकार का कहना है कि संशोधन से शिक्षकों और छात्रों दोनों को लाभ मिलेगा।
