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Haryana: 20 विस क्षेत्रों में 50 फीसदी से कम मतदाता सूची का मिलान, इनमें से 16 सीटें भाजपा कीं
आशीष वर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Fri, 16 Jan 2026 12:49 PM IST
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सार
हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए श्री निवास ने सूची मिलान न होने के पीछे का कारण बताते हुए कहा- इन क्षेत्रों में पिछले दो दशकों में शहरीकरण हुआ है, जिसकी वजह से कई लोगों के नाम 2002 की मतदाता सूची में नहीं हो सकते हैं। दूसरा कारण यह भी हो सकता है कि बीएलओ (बूथ लेवल आफिसर) को सोसाइटी में जाने में दिक्कत हो रही है।
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : संवाद
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विस्तार
हरियाणा में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से पहले साल 2002 व साल 2024 की मतदाता सूची का मिलान किया जा रहा है। हरियाणा में अब तक 58.18 फीसदी मतदाता सूची का मिलान किया जा चुका है।
इस दौरान 20 विधानसभा क्षेत्र ऐसे हैं, जहां मतदाता सूची का मिलान 50 फीसदी नहीं हो पाया। रोचक यह है कि इन 20 विधानसभा सीटों में से 16 विधानसभा सीटों पर भाजपा के विधायक हैं, जबकि तीन विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस और एक सीट पर भाजपा समर्थित निर्दलीय विधायक हैं। इनमें से लगभग सभी सीटें शहरी क्षेत्र की हैं।
हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए श्री निवास ने सूची मिलान न होने के पीछे का कारण बताते हुए कहा- इन क्षेत्रों में पिछले दो दशकों में शहरीकरण हुआ है, जिसकी वजह से कई लोगों के नाम 2002 की मतदाता सूची में नहीं हो सकते हैं। दूसरा कारण यह भी हो सकता है कि बीएलओ (बूथ लेवल आफिसर) को सोसाइटी में जाने में दिक्कत हो रही है। हालांकि राज्य में मतदाता सूची मिलान का कार्य आगे जारी रहेगा। करीब 20 हजार से ज्यादा बीएलओ इस कार्य को कर रहे हैं। जिले वार की सूची में सबसे कम मिलान फरीदाबाद ( 26.56%), गुरुग्राम ( 32.05% ) व पंचकूला (43.34%) में हुआ है। वहीं, इस सूची में सबसे आगे फतेहाबाद (77.55%), चरखी दादरी (75.61%) और सिरसा (73.89%) हैं।
विधानसभा मिलान दल
अंबाला कैंट 48.39 भाजपा
थानेसर 47.79 कांग्रेस
सोहाना 47.48 भाजपा
भिवानी 46.22 भाजपा
पलवल 44.99 भाजपा
रोहतक 44.58 कांग्रेस
पानीपत ग्रामीण 36.1 भाजपा
बहादुरगढ़ 36.02 भाजपा
पंचकूला 34.43 कांग्रेस
पानीपत सिटी 33.68 भाजपा
करनाल 30.44 भाजपा
फरीदाबाद 28.42 भाजपा
एनआईटी 27.09 भाजपा
हिसार 25.43 निर्दलीय
सोनीपत 24.86 भाजपा
गुरुग्राम 22.87 भाजपा
तिगांव 22.84 भाजपा
बल्लभगढ़ 18.51 भाजपा
बढ़खल 18.39 भाजपा
बादशाहपुर 18.15 भाजपा
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इस दौरान 20 विधानसभा क्षेत्र ऐसे हैं, जहां मतदाता सूची का मिलान 50 फीसदी नहीं हो पाया। रोचक यह है कि इन 20 विधानसभा सीटों में से 16 विधानसभा सीटों पर भाजपा के विधायक हैं, जबकि तीन विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस और एक सीट पर भाजपा समर्थित निर्दलीय विधायक हैं। इनमें से लगभग सभी सीटें शहरी क्षेत्र की हैं।
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हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए श्री निवास ने सूची मिलान न होने के पीछे का कारण बताते हुए कहा- इन क्षेत्रों में पिछले दो दशकों में शहरीकरण हुआ है, जिसकी वजह से कई लोगों के नाम 2002 की मतदाता सूची में नहीं हो सकते हैं। दूसरा कारण यह भी हो सकता है कि बीएलओ (बूथ लेवल आफिसर) को सोसाइटी में जाने में दिक्कत हो रही है। हालांकि राज्य में मतदाता सूची मिलान का कार्य आगे जारी रहेगा। करीब 20 हजार से ज्यादा बीएलओ इस कार्य को कर रहे हैं। जिले वार की सूची में सबसे कम मिलान फरीदाबाद ( 26.56%), गुरुग्राम ( 32.05% ) व पंचकूला (43.34%) में हुआ है। वहीं, इस सूची में सबसे आगे फतेहाबाद (77.55%), चरखी दादरी (75.61%) और सिरसा (73.89%) हैं।
राज्य में एसआईआर की घोषणा कभी भी
हरियाणा में एसआईआर की घोषणा कभी भी हो सकती है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए श्री निवास ने बताया, चुनाव आयोग ने उन्हें एसआईआर से पहले की तैयारियां करने के बारे में निर्देशित किया है। एसआईआर फरवरी में भी हो सकता या फिर अप्रैल में भी। उन्होंने बताया, यदि किसी व्यक्ति का मतदाता सूची में मिलान हो जाता है तो एसआईआर के वक्त उसे सिर्फ एक फार्म भरना होगा और फोटो खिंचवानी होगी। वहीं, जिस मतदाता का नाम 2024 में है और 2002 की सूची में नहीं है तो बीएलओ उसके पिता के कागज देखेंगे। यदि वह भी नहीं हो तो एसआईआर के वक्त उसे अपने कागज पेश करने होंगे। यदि कागज नहीं दिखा पाए तो मतदाता सूची से उसका नाम कट जाएगा।हरियाणा की मतदाता सूची में 29 लाख एक जैसे नाम व लिंग
निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची की त्रुटियों को दूर करने के लिए एक जनसांख्यिकीय समानता प्रविष्टि सॉफ्टवेयर लॉन्च किया था। इस साफ्टवेयर की सहायता से पता लगा है कि हरियाणा की मतदाता सूची में 29 लाख ऐसे मतदाता हैं, जिनके नाम, उम्र, लिंग, स्थान, शिक्षा व व्यवसाय एक जैसे मिले हैं। उल्लेखनीय है कि राहुल गांधी ने हरियाणा में 25 लाख वोट चोरी का आरोप लगाया था। उस दौरान उन्होंने कई विधानसभा सीटों का उल्लेख भी किया था। अब इन नामों को वेरिफाई किया जा रहा है।विधानसभा मिलान दल
अंबाला कैंट 48.39 भाजपा
थानेसर 47.79 कांग्रेस
सोहाना 47.48 भाजपा
भिवानी 46.22 भाजपा
पलवल 44.99 भाजपा
रोहतक 44.58 कांग्रेस
पानीपत ग्रामीण 36.1 भाजपा
बहादुरगढ़ 36.02 भाजपा
पंचकूला 34.43 कांग्रेस
पानीपत सिटी 33.68 भाजपा
करनाल 30.44 भाजपा
फरीदाबाद 28.42 भाजपा
एनआईटी 27.09 भाजपा
हिसार 25.43 निर्दलीय
सोनीपत 24.86 भाजपा
गुरुग्राम 22.87 भाजपा
तिगांव 22.84 भाजपा
बल्लभगढ़ 18.51 भाजपा
बढ़खल 18.39 भाजपा
बादशाहपुर 18.15 भाजपा