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बस में आग लगने का मामला : सवारियों को बचाते अपनी जान गंवा बैठे एएसआई सुनील कुमार, बड़सी गांव में राजकीय सम्मान से अंतिम संस्कार, बेटे ने पिता की चिता को दी मुखाग्नि

संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Thu, 30 Apr 2026 10:59 PM IST
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Bus fire incident: ASI Sunil Kumar lost his life saving passengers, given state honors at the funeral in Badsi village, son performed the last rites by lighting his father's funeral pyre.
​भिवानी में बस आग हादसे में मृतक सीआईडी सुनील के पा​र्थिक शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित करते पूर्व 
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बवानीखेड़ा (भिवानी)। मिलकपुर के पास निजी बस में सोमवार रात विस्फोट के साथ आग लगते ही सवारियों में चीख-पुकार मच गई थी। ऐसे समय में बिना धैर्य खोए बस में सवार सीआईडी के एएसआई सुनील कुमार खुद की परवाह किए बगैर सवारियों को बचाने की कोशिश में जुट गए। इस दौरान खुद गंभीर रूप से झुलस गए और बस से बाहर निकलने तक का मौका नहीं मिला। वीरवार को उनकी बहादुरी के चर्चे पुलिस और ग्रामीणों की जुबान पर थे। गांव बड़सी में गमगीन माहौल में राजकीय सम्मान के साथ सुनील कुमार का अंतिम संस्कार कर दिया। बेटे ने चिता को मुखाग्नि दी।
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बस के अंदर जलने से सुनील कुमार (51) शव कंकाल बन गया था। बुधवार को डीएनए जांच से पुष्टि के बाद वीरवार सुबह 10 बजे भिवानी जिला अस्पताल से पैतृक गांव बड़सी में उनके आवास पर लाया गया। पार्थिव शरीर को देखकर परिजन फफक पड़े। इन्हें देखकर ग्रामीण भी भावुक हो गए। इसके बाद अंतिम यात्रा रवाना हुई। बड़ी संख्या लोग इसमें शामिल हुए। अंतिम संस्कार से पहले पुलिस के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार ने कहा कि सुनील कुमार कर्तव्यनिष्ठ और साहसी अधिकारी थे। उन्होंने अपने फर्ज को निभाते हुए दूसरों की जान बचाने का प्रयास किया। उनका बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा।
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बवानीखेड़ा में तैनात थे
सुनील कुमार बवानीखेड़ा में तैनात थे और रोजाना बस से मिलकपुर में उतरकर कार द्वारा अपने गांव जाते थे। इसी घटना में दूसरे मृतक भिवानी के सेवा नगर निवासी बलजीत हिसार स्थित जिंदल फैक्टरी में कार्यरत थे। उनकी पहचान भी डीएनए रिपोर्ट के माध्यम से हुई।
सवारियों को बस से नीचे उतारने में लगे रहे
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक जब बस में आग लगी तो सुनील कुमार लगातार लोगों को नीचे उतारते रहे। इसी प्रयास में उन्होंने अपनी जान गंवा दी। हादसे में घायल मिल गेट हिसार निवासी संदीप ने बताया कि सबके उतरने के बाद सुनील कुमार को किसी ने बताया कि एक व्यक्ति अंदर रह गया है। इस पर वे बस के अंदर गए और इसी दौरान एक और धमाका हो गया। वे बाहर नहीं निकल सके। ग्रामीणों ने कहा कि सुनील कुमार ने कर्तव्यनिष्ठा और बहादुरी का परिचय देते हुए अपने प्राण न्योछावर किए हैं, इसलिए उन्हें शहीद का दर्जा दिया जाना चाहिए।
सीसीटीवी फुटेज में बस में धमाके की पुष्टिबस में आग लगने का वास्तविक कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। घटनास्थल के पास एक मकान के सीसीटीवी फुटेज में आग से घिरी बस दिखाई दे रही है और धमाका सुनाई दे रहा है। यह किससे हुआ इसका अभी पता नहीं लगा है। जांच टीमों ने घटनास्थल से साक्ष्य और सैंपल एकत्र कर लैब भेज दिए हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार रिपोर्ट आने में करीब पांच दिन का समय और लग सकता है। बस को घटनास्थल पर ही सील कर दिया है।
सीआईडी अधिकारी को मिले शहीद का दर्जा
अपनी जान पर खेलकर दूसरों की जिंदगी बचाने वाले एएसआई सुनील कुमार को शहीद का दर्जा देने की मांंग लोगों ने की है। बड़सी सहित आसपास के करीब दस गांवों के लोगों ने प्रशासन के समक्ष सुनील कुमार को शहीद का दर्जा देने की वकालत की। हादसे में दो लोगों की मौत के मामले में पुलिस ने वीरवार को प्राथमिकी भी दर्ज कर ली।
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