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Charkhi Dadri News: दादरी में जेएनवी स्थापित करने की मांग, मुख्यमंत्री को सौपा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Tue, 17 Mar 2026 01:29 AM IST
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जवाहर नवोदय विद्यालय की मांग को लेकर सीएम को ज्ञापन सौंपते अधिवक्ता कुलवंत।
- फोटो : 1
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चरखी दादरी। जिले के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाने के उद्देश्य से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) विधि प्रकोष्ठ के जिला संयोजक अधिवक्ता कुलवंत फोगाट के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात की। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने जिले में जवाहर नवोदय विद्यालय (जेएनवी) की स्थापना की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।
फोगाट ने कहा कि दादरी को जिला बने लंबा समय हो गया है, लेकिन यहां के मेधावी छात्र अभी भी केंद्रीय स्तरीय आवासीय विद्यालय की सुविधा से वंचित हैं। जिले में ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे रहते हैं और नवोदय विद्यालय न होने के कारण उन्हें उच्च स्तरीय शिक्षा पाने के लिए अन्य जिलों पर निर्भर रहना पड़ता है। इससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ भी बढ़ता है।
ज्ञापन में कहा गया कि दक्षिण हरियाणा का यह हिस्सा शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़ा हुआ है और दादरी के लिए स्वतंत्र नवोदय विद्यालय की तत्काल स्थापना की जाए। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के मेधावी बच्चों को स्थानीय स्तर पर ही निशुल्क और उच्च स्तरीय शिक्षा मिल सकेगी, और शिक्षा स्तर में सुधार से युवाओं के रोजगार और भविष्य की राह आसान होगी। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल की मांगों को ध्यानपूर्वक सुना और सकारात्मक आश्वासन दिया।
इस अवसर पर अधिवक्ता संदीप श्योराण, धर्मराज, प्रेम सिंह, विवेक गौड़, देवेंद्र, सत्येंद्र सांगवान, रविंद्र, अजीत मोड़ी आदि भी मौजूद रहे।
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फोगाट ने कहा कि दादरी को जिला बने लंबा समय हो गया है, लेकिन यहां के मेधावी छात्र अभी भी केंद्रीय स्तरीय आवासीय विद्यालय की सुविधा से वंचित हैं। जिले में ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे रहते हैं और नवोदय विद्यालय न होने के कारण उन्हें उच्च स्तरीय शिक्षा पाने के लिए अन्य जिलों पर निर्भर रहना पड़ता है। इससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ भी बढ़ता है।
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ज्ञापन में कहा गया कि दक्षिण हरियाणा का यह हिस्सा शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़ा हुआ है और दादरी के लिए स्वतंत्र नवोदय विद्यालय की तत्काल स्थापना की जाए। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के मेधावी बच्चों को स्थानीय स्तर पर ही निशुल्क और उच्च स्तरीय शिक्षा मिल सकेगी, और शिक्षा स्तर में सुधार से युवाओं के रोजगार और भविष्य की राह आसान होगी। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल की मांगों को ध्यानपूर्वक सुना और सकारात्मक आश्वासन दिया।
इस अवसर पर अधिवक्ता संदीप श्योराण, धर्मराज, प्रेम सिंह, विवेक गौड़, देवेंद्र, सत्येंद्र सांगवान, रविंद्र, अजीत मोड़ी आदि भी मौजूद रहे।