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सरकार केवल पूंजीपतियों के कर्ज माफी को दे रही प्राथमिकता : रमेश
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sun, 01 Feb 2026 12:43 AM IST
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बाढड़ा अनाज मंडी में बकाया मुआवजे की मांग के लिए नारेबाजी करते किसान।
- फोटो : 1
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बाढड़ा। सरकार किसान व नौजवान को आत्मनिर्भर बनाने के बजाय केवल पूंजीपति व्यवस्था को बढ़ावा दे रही है। सरकार दिखावे के नाम पर तो कृषि, किसान के लिए बड़ा बजट आवंटित कर देती है जबकि धरातल पर किसान को कुछ हाथ नहीं लगता है।
यह बात किसान नेता रमेश भांभू ने अनाज मंडी में संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से संचालित धरने पर शनिवार को कही। उन्होंने कहा कि किसान को आज सजगता के साथ काम करने की जरूरत है। देश के पीएम एक तरफ तो जनता को हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की बात कर रहे है जबकि किसान की दुर्दशा हो रही है। किसान को प्राकृतिक आपदा के समय हुए नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजा नहीं मिल रहा है।
यह सरकार की सोची समझी योजना है, ताकि किसान अपनी कृषि भूमि बेच दे और काॅरपोरेट घरानों का दबाव बढ़ जाए। अन्नदाता को भविष्य का श्रमिक बनाने की योजना है जो किसी सूरत में मान्य नहीं है। अब तक बड़े उद्योगपतियों का ऋण माफ किया गया किया है। किसान को मुआवजा नहीं तक नहीं दिया जाता है।
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यह बात किसान नेता रमेश भांभू ने अनाज मंडी में संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से संचालित धरने पर शनिवार को कही। उन्होंने कहा कि किसान को आज सजगता के साथ काम करने की जरूरत है। देश के पीएम एक तरफ तो जनता को हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की बात कर रहे है जबकि किसान की दुर्दशा हो रही है। किसान को प्राकृतिक आपदा के समय हुए नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजा नहीं मिल रहा है।
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यह सरकार की सोची समझी योजना है, ताकि किसान अपनी कृषि भूमि बेच दे और काॅरपोरेट घरानों का दबाव बढ़ जाए। अन्नदाता को भविष्य का श्रमिक बनाने की योजना है जो किसी सूरत में मान्य नहीं है। अब तक बड़े उद्योगपतियों का ऋण माफ किया गया किया है। किसान को मुआवजा नहीं तक नहीं दिया जाता है।
