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Charkhi Dadri News: उमस भरी गर्मी ने किया बेहाल, दोपहर बाद बूंदाबांदी से मौसम हुआ सुहाना
Thu, 06 Aug 2026 01:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Thu, 06 Aug 2026 01:14 AM IST
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गांव ढाणी अहिरान में आसमान में छाए बादल।
- फोटो : 1
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चरखी दादरी। जिले में मंगलवार को हुई बारिश का असर बुधवार को लगभग समाप्त हो गया। सुबह से ही तेज उमस और गर्मी ने लोगों को परेशान किया। हालांकि दोपहर बाद आसमान में बादल छा गए और शहर के कुछ हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी होने से मौसम कुछ समय के लिए सुहावना हो गया।
बारिश अधिक देर तक नहीं चली, लेकिन इससे लोगों को उमस से थोड़ी राहत जरूर मिली। मौसम विभाग ने वीरवार को भी जिले में बारिश की संभावना जताई है।
हल्की बूंदाबांदी हुई
बुधवार सुबह से ही धूप और उमस का असर बना रहा। हवा में नमी अधिक होने से लोगों को सामान्य दिनों की तुलना में ज्यादा गर्मी महसूस हुई। दोपहर तक बाजारों और सड़कों पर आवाजाही भी कम रही। दोपहर बाद अचानक मौसम ने करवट ली और बादल छाने शुरू हो गए।
इसके बाद शहर में हल्की बूंदाबांदी हुई जिससे तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की गई और वातावरण कुछ समय के लिए खुशनुमा हो गया।
अधिकतम पारा 1 डिग्री बढ़ा
मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को जिले का अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तापमान सामान्य सीमा में रहने के बावजूद हवा में अधिक नमी के कारण उमस बनी रही। मंगलवार से यह पारा एक डिग्री ज्यादा रहा। शाम के समय बादलों के बने रहने से मौसम अपेक्षाकृत राहत भरा रहा।
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फसलों के लिए और बारिश की जरूरत
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि मंगलवार की बारिश से खरीफ फसलों को कुछ राहत मिली थी, लेकिन बेहतर बढ़वार और अच्छी पैदावार के लिए अभी और बारिश की आवश्यकता है। जिले में बाजरा, ज्वार, कपास, मूंग, तिल और धान की फसलें खेतों में खड़ी हैं। लंबे समय तक पर्याप्त वर्षा नहीं होने से खेतों में नमी लगातार कम हो रही है। विशेषकर रेतीली भूमि वाले क्षेत्रों में किसानों की चिंता अभी भी बनी हुई है।
धान उत्पादकों की बढ़ी चिंता
धान की खेती करने वाले किसानों के सामने सिंचाई की समस्या सबसे अधिक बनी हुई है। पर्याप्त बारिश नहीं होने और नहरी पानी की सीमित उपलब्धता के कारण किसानों को ट्यूबवेल के माध्यम से सिंचाई करनी पड़ रही है।
इससे खेती की लागत बढ़ रही है और भूजल पर अतिरिक्त दबाव भी पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि यदि अगले दो-तीन दिनों में अच्छी बारिश होती है तो फसलों की स्थिति में काफी सुधार आ सकता है।
वर्सन:
6 अगस्त के दौरान हवाओं व गरज चमक के साथ ज्यादातर क्षेत्रों में बारिश की संभावना है। इस दौरान कुछेक स्थानों पर तेज बारिश की भी संभावना बन रही है। परंतु 7 व 8 अगस्त को आंशिक बादल व कहीं-कहीं छिटपुट हल्की बारिश की संभावना है।
इस दौरान बीच-बीच में बादलवाही रहने से दिन के तापमान में हल्की गिरावट परंतु रात्रि तापमान में हल्की बढ़ोतरी होने की संभावना है। -डॉ. मदन खीचड़, विभागाध्यक्ष, कृषि मौसम विज्ञान विभाग
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बारिश अधिक देर तक नहीं चली, लेकिन इससे लोगों को उमस से थोड़ी राहत जरूर मिली। मौसम विभाग ने वीरवार को भी जिले में बारिश की संभावना जताई है।
हल्की बूंदाबांदी हुई
बुधवार सुबह से ही धूप और उमस का असर बना रहा। हवा में नमी अधिक होने से लोगों को सामान्य दिनों की तुलना में ज्यादा गर्मी महसूस हुई। दोपहर तक बाजारों और सड़कों पर आवाजाही भी कम रही। दोपहर बाद अचानक मौसम ने करवट ली और बादल छाने शुरू हो गए।
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इसके बाद शहर में हल्की बूंदाबांदी हुई जिससे तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की गई और वातावरण कुछ समय के लिए खुशनुमा हो गया।
अधिकतम पारा 1 डिग्री बढ़ा
मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को जिले का अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तापमान सामान्य सीमा में रहने के बावजूद हवा में अधिक नमी के कारण उमस बनी रही। मंगलवार से यह पारा एक डिग्री ज्यादा रहा। शाम के समय बादलों के बने रहने से मौसम अपेक्षाकृत राहत भरा रहा।
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फसलों के लिए और बारिश की जरूरत
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि मंगलवार की बारिश से खरीफ फसलों को कुछ राहत मिली थी, लेकिन बेहतर बढ़वार और अच्छी पैदावार के लिए अभी और बारिश की आवश्यकता है। जिले में बाजरा, ज्वार, कपास, मूंग, तिल और धान की फसलें खेतों में खड़ी हैं। लंबे समय तक पर्याप्त वर्षा नहीं होने से खेतों में नमी लगातार कम हो रही है। विशेषकर रेतीली भूमि वाले क्षेत्रों में किसानों की चिंता अभी भी बनी हुई है।
धान उत्पादकों की बढ़ी चिंता
धान की खेती करने वाले किसानों के सामने सिंचाई की समस्या सबसे अधिक बनी हुई है। पर्याप्त बारिश नहीं होने और नहरी पानी की सीमित उपलब्धता के कारण किसानों को ट्यूबवेल के माध्यम से सिंचाई करनी पड़ रही है।
इससे खेती की लागत बढ़ रही है और भूजल पर अतिरिक्त दबाव भी पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि यदि अगले दो-तीन दिनों में अच्छी बारिश होती है तो फसलों की स्थिति में काफी सुधार आ सकता है।
वर्सन:
6 अगस्त के दौरान हवाओं व गरज चमक के साथ ज्यादातर क्षेत्रों में बारिश की संभावना है। इस दौरान कुछेक स्थानों पर तेज बारिश की भी संभावना बन रही है। परंतु 7 व 8 अगस्त को आंशिक बादल व कहीं-कहीं छिटपुट हल्की बारिश की संभावना है।
इस दौरान बीच-बीच में बादलवाही रहने से दिन के तापमान में हल्की गिरावट परंतु रात्रि तापमान में हल्की बढ़ोतरी होने की संभावना है। -डॉ. मदन खीचड़, विभागाध्यक्ष, कृषि मौसम विज्ञान विभाग