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Charkhi Dadri News: गर्मी सीजन में प्रत्येक जलघर में एक मोटर रहेगी चालू दूसरी रहेगी रिजर्व
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Fri, 13 Mar 2026 11:05 PM IST
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शहर के चंपापुरी क्षेत्र में बना जलघर। संवाद
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चरखी दादरी। जलघर व बूस्टिंग स्टेशनों में रखीं मोटरें आए दिन खराब होने से पेयजल संकट गहरा जाता है। गर्मी के सीजन को देखते हुए विभाग मोटर रिजर्व रखने की योजना पर काम करने जा रहा है ताकि अचानक खराबी आने पर नई मोटर लगाई जा सके। जलघर या बूस्टिंग स्टेशन की मोटर खराब होने पर ठीक करवाने में पांच से छह दिन का समय लग जाता है। जिले में करीब 65 जलघर व 35 बूस्टिंग स्टेशन हैं जिनमें समय-समय पर कोई न कोई दिक्कत बनी रहती है। गर्मी सीजन से पहले जलघरों की पूरी मशीनरी को दुरुस्त करने की जरूरत है। गर्मी सीजन में प्रत्येक जलघर में एक मोटर रिजर्व व दूसरी चालू रहेगी।
135 के बजाय 70 लीटर मिल रहा पानी
गर्मियों का सीजन शुरू हो चुका है और आने वाले दिनों में पेयजल की खपत और बढनें वाली है। जिले में पानी का टोटा पहले से ही बना हुआ है। इस समय पेयजल उपभोक्ता को 135 की बजाय 70 लीटर पानी प्रति व्यक्ति पानी मिल रहा है।
अतिरिक्त मोटर, स्टार्टर की होगी व्यवस्था
पेयजल की पर्याप्त एवं निर्बाध आपूर्ति के लिए जलघरों में अतिरिक्त मोटर, पैनल व स्टार्टर की मरम्मत की जाएगी। मोटर अचानक खराब होने पर उसे तत्काल बदला जाएगा। विभाग इस समय हर पहलू को ध्यान में रख रहा है ताकि पेयजल आपूर्ति में किसी प्रकार का व्यवधान न आए। विभाग शहर में पेयजल आपूर्ति पर विशेष ध्यान कर रहा है। इस प्लान के तहत विभाग प्रपोजल तैयार करने जा रहा है।
जिले में हैं करीब 65 जलघर
जिले में करीब 65 जलघर हैं। इन जलघरों के जरिए घरों तक पानी पहुंचाया जाता है। आमतौर पर लोगों की शिकायतें रहती हैं कि जलघर से पानी उठान की मोटर व पैनल आदि खराब होने पर सप्लाई प्रभावित होती है। अक्सर मोटर को ठीक करवाने में कई दिन लग जाते हैं। इसे देखते हुए जनस्वास्थ्य विभाग इस बार पहले से ही सतर्क हो गया है। शहर में खासकर अतिरिक्त मोटर जो ठीक प्रकार से काम नहीं कर रही थी उनकी अब मरम्मत करवाई जाएगी। मोटरों के अलावा चैनल व स्टार्टर भी ठीक करवाए जाएंगे ताकि पेयजल आपूर्ति में व्यवधान न होने पाए। 10 बजे तक होती है सप्लाई
विभाग सुबह चार बजे पानी की सप्लाई शुरू कर देता है जो रात 10 बजे तक जारी रहती है। इस समय जोन के अनुरूप पानी की सप्लाई की जा रही है। शहर के जलघरों में वैसे कुछ दिन पहले कई नई मोटर भी लगाई गई हैं। शहर ही नहीं गांवों में भी जलघरों की मोटरों को अपग्रेड कर दिया गया है। ग्रामीण क्षेत्र में तो लोग खेतों में बने टयूबवेल व हैंडपंप आदि से काम चला लेते हैं जबकि शहर केवल सरकारी पेयजल आपूर्ति पर ही निर्भर है।
वर्सन:
गर्मी सीजन को देखते हुए विभाग जलघरों में अतिरिक्त मोटर की व्यवस्था करेगा। पैनल व स्टार्टर की मरम्मत करवाई जाएगी, ताकि कोई मोटर अचानक खराब होने पर उसे तत्काल बदला जा सके। कुछ लोग घरों के सामने या आंगन एवं गली में पानी का छिड़काव करते हैं जिससे पानी की बर्बादी होती है। लोग पानी की एक-एक बूंद को बचाएं। गर्मी सीजन में पेयजल संकट नहीं होने दिया जाएगा। सभी जलघरों में रिजर्व मोटर रखी जाएंगी। खराबी आने पर तत्काल बदलवा दिया जाएगा।- मोहनलाल, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग।
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135 के बजाय 70 लीटर मिल रहा पानी
गर्मियों का सीजन शुरू हो चुका है और आने वाले दिनों में पेयजल की खपत और बढनें वाली है। जिले में पानी का टोटा पहले से ही बना हुआ है। इस समय पेयजल उपभोक्ता को 135 की बजाय 70 लीटर पानी प्रति व्यक्ति पानी मिल रहा है।
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अतिरिक्त मोटर, स्टार्टर की होगी व्यवस्था
पेयजल की पर्याप्त एवं निर्बाध आपूर्ति के लिए जलघरों में अतिरिक्त मोटर, पैनल व स्टार्टर की मरम्मत की जाएगी। मोटर अचानक खराब होने पर उसे तत्काल बदला जाएगा। विभाग इस समय हर पहलू को ध्यान में रख रहा है ताकि पेयजल आपूर्ति में किसी प्रकार का व्यवधान न आए। विभाग शहर में पेयजल आपूर्ति पर विशेष ध्यान कर रहा है। इस प्लान के तहत विभाग प्रपोजल तैयार करने जा रहा है।
जिले में हैं करीब 65 जलघर
जिले में करीब 65 जलघर हैं। इन जलघरों के जरिए घरों तक पानी पहुंचाया जाता है। आमतौर पर लोगों की शिकायतें रहती हैं कि जलघर से पानी उठान की मोटर व पैनल आदि खराब होने पर सप्लाई प्रभावित होती है। अक्सर मोटर को ठीक करवाने में कई दिन लग जाते हैं। इसे देखते हुए जनस्वास्थ्य विभाग इस बार पहले से ही सतर्क हो गया है। शहर में खासकर अतिरिक्त मोटर जो ठीक प्रकार से काम नहीं कर रही थी उनकी अब मरम्मत करवाई जाएगी। मोटरों के अलावा चैनल व स्टार्टर भी ठीक करवाए जाएंगे ताकि पेयजल आपूर्ति में व्यवधान न होने पाए। 10 बजे तक होती है सप्लाई
विभाग सुबह चार बजे पानी की सप्लाई शुरू कर देता है जो रात 10 बजे तक जारी रहती है। इस समय जोन के अनुरूप पानी की सप्लाई की जा रही है। शहर के जलघरों में वैसे कुछ दिन पहले कई नई मोटर भी लगाई गई हैं। शहर ही नहीं गांवों में भी जलघरों की मोटरों को अपग्रेड कर दिया गया है। ग्रामीण क्षेत्र में तो लोग खेतों में बने टयूबवेल व हैंडपंप आदि से काम चला लेते हैं जबकि शहर केवल सरकारी पेयजल आपूर्ति पर ही निर्भर है।
वर्सन:
गर्मी सीजन को देखते हुए विभाग जलघरों में अतिरिक्त मोटर की व्यवस्था करेगा। पैनल व स्टार्टर की मरम्मत करवाई जाएगी, ताकि कोई मोटर अचानक खराब होने पर उसे तत्काल बदला जा सके। कुछ लोग घरों के सामने या आंगन एवं गली में पानी का छिड़काव करते हैं जिससे पानी की बर्बादी होती है। लोग पानी की एक-एक बूंद को बचाएं। गर्मी सीजन में पेयजल संकट नहीं होने दिया जाएगा। सभी जलघरों में रिजर्व मोटर रखी जाएंगी। खराबी आने पर तत्काल बदलवा दिया जाएगा।- मोहनलाल, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग।