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Charkhi Dadri News: छपार की बेटी इशिता सांगवान ने फाइटर पायलट बन रचा इतिहास
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sun, 14 Jun 2026 12:02 AM IST
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पासिंग आउट परेड में ईशिता सांगवान को बैज लगाते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह।
- फोटो : 1
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चरखी दादरी। जिले के गांव छपार की बेटी इशिता सांगवान ने भारतीय सैन्य इतिहास में नया अध्याय जोड़ते हुए ऐसा मुकाम हासिल किया है जो बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा। इशिता ने एनडीए के माध्यम से फाइटर स्ट्रीम तक पहुंचने वाली पहली महिला फाइटर पायलट बनकर इतिहास रच दिया है।
शनिवार को एयर फोर्स अकादमी (एएफए) डुंडीगल, हैदराबाद में आयोजित पासिंग आउट परेड के दौरान इशिता को स्थायी कमीशन प्रदान किया गया। इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उन्हें बैज पहनाकर सम्मानित किया। समारोह में उनके माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे। वर्ष 2021 में सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद महिलाओं के लिए राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) के रास्ते खुले थे। इसी अवसर को अपनी मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प से उपलब्धि में बदलते हुए ईशिता ने सफलता की नई इबारत लिखी। उन्होंने खड़कवासला, पुणे स्थित एनडीए में तीन वर्षों की बेसिक सैन्य ट्रेनिंग पूरी की। इसके बाद हैदराबाद स्थित एयर फोर्स अकादमी में 140 घंटे फाइटर पायलट की विशेष प्रशिक्षण प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी की।
इशिता की सफलता की कहानी संघर्ष और समर्पण का उदाहरण है। जब वह बारहवीं कक्षा में पढ़ रही थीं उसी दौरान महिलाओं को एनडीए में प्रवेश की अनुमति मिली थी। यह जानकारी मिलने के बाद उन्होंने बोर्ड परीक्षा की तैयारी के साथ-साथ एनडीए परीक्षा की तैयारी भी शुरू कर दी। इशिता के पिता चरण सिंह सांगवान राजस्थान के एक स्कूल में बतौर प्राचार्य कार्यरत हैं और उनकी माता अनीता सांगवान शिक्षिका हैं। उनकी जुड़वा बहन आस्था सांगवान गुजरात के सूरत से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही हैं और भाई आर्यन सांगवान पुणे से बीटेक कर रहे हैं। इशिता के पिता चरण सिंह सांगवान ने बताया कि वर्ष 2021 में महिलाओं के लिए एनडीए में प्रवेश का रास्ता खुलने की जानकारी उन्होंने स्वयं बेटी को फोन पर दी थी। इसके बाद इशिता ने बिना समय गंवाए तैयारी शुरू कर दी। उन्होंने कहा कि बेटी की यह उपलब्धि पूरे परिवार, गांव और प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।
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इशिता बचपन से ही अनुशासित और लक्ष्य के प्रति समर्पित रही है। उसे फाइटर पायलट के रूप में देखकर परिवार का सपना पूरा हुआ है। हमें विश्वास है कि उसकी उपलब्धि देश की लाखों बेटियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देगी।- चरण सिंह सांगवान, इशिता के पिता।
शनिवार को एयर फोर्स अकादमी (एएफए) डुंडीगल, हैदराबाद में आयोजित पासिंग आउट परेड के दौरान इशिता को स्थायी कमीशन प्रदान किया गया। इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उन्हें बैज पहनाकर सम्मानित किया। समारोह में उनके माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे। वर्ष 2021 में सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद महिलाओं के लिए राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) के रास्ते खुले थे। इसी अवसर को अपनी मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प से उपलब्धि में बदलते हुए ईशिता ने सफलता की नई इबारत लिखी। उन्होंने खड़कवासला, पुणे स्थित एनडीए में तीन वर्षों की बेसिक सैन्य ट्रेनिंग पूरी की। इसके बाद हैदराबाद स्थित एयर फोर्स अकादमी में 140 घंटे फाइटर पायलट की विशेष प्रशिक्षण प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी की।
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इशिता की सफलता की कहानी संघर्ष और समर्पण का उदाहरण है। जब वह बारहवीं कक्षा में पढ़ रही थीं उसी दौरान महिलाओं को एनडीए में प्रवेश की अनुमति मिली थी। यह जानकारी मिलने के बाद उन्होंने बोर्ड परीक्षा की तैयारी के साथ-साथ एनडीए परीक्षा की तैयारी भी शुरू कर दी। इशिता के पिता चरण सिंह सांगवान राजस्थान के एक स्कूल में बतौर प्राचार्य कार्यरत हैं और उनकी माता अनीता सांगवान शिक्षिका हैं। उनकी जुड़वा बहन आस्था सांगवान गुजरात के सूरत से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही हैं और भाई आर्यन सांगवान पुणे से बीटेक कर रहे हैं। इशिता के पिता चरण सिंह सांगवान ने बताया कि वर्ष 2021 में महिलाओं के लिए एनडीए में प्रवेश का रास्ता खुलने की जानकारी उन्होंने स्वयं बेटी को फोन पर दी थी। इसके बाद इशिता ने बिना समय गंवाए तैयारी शुरू कर दी। उन्होंने कहा कि बेटी की यह उपलब्धि पूरे परिवार, गांव और प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।
इशिता बचपन से ही अनुशासित और लक्ष्य के प्रति समर्पित रही है। उसे फाइटर पायलट के रूप में देखकर परिवार का सपना पूरा हुआ है। हमें विश्वास है कि उसकी उपलब्धि देश की लाखों बेटियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देगी।- चरण सिंह सांगवान, इशिता के पिता।