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बुद्धि और आत्मा को परमात्मा से जोड़ने की प्रक्रिया है योग : वसुधा
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sun, 14 Jun 2026 11:23 PM IST
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चरखी दादरी। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की झोझू कलां शाखा में जिला प्रशासन, आयुष विभाग की ओर से 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित प्रोटोकॉल प्रशिक्षण कार्यक्रम में बड़ी संख्या में योग साधकों एवं ग्रामीणों ने भाग लिया।
राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी वसुधा ने उपस्थित जनसमूह को राजयोग का अभ्यास करवाते हुए कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि मन, बुद्धि और आत्मा को परमात्मा से जोड़ने की दिव्य प्रक्रिया है।
योग शिक्षक बिशन सिंह आर्य एवं मनीषा यादव ने योग प्रोटोकॉल का अभ्यास करवाते हुए विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान की विधियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाकर अनेक बीमारियों से बचा जा सकता है तथा स्वस्थ जीवन जिया जा सकता है।
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सामाजिक कार्यकर्ता एवं अध्यापक रविन्द्र सांगवान बादल ने अपने संबोधन में कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जिसे आज पूरा विश्व अपना रहा है। योग व्यक्ति के सर्वांगीण विकास का माध्यम है तथा समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
बीडीसी कविता ने भी युवाओं को आह्वान किया कि वो अपने जीवन में दैनिक रोजमर्रा की के जीवन में योग को अपनाए व इसके लाभों को उठाए इससे वो तनाव आदि से दूर रह सकते हैं। योगवीर एवं मा. संजू ने कहा कि योग शरीर को स्वस्थ, मन को शांत और जीवन को अनुशासित बनाता है।
राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी वसुधा ने उपस्थित जनसमूह को राजयोग का अभ्यास करवाते हुए कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि मन, बुद्धि और आत्मा को परमात्मा से जोड़ने की दिव्य प्रक्रिया है।
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योग शिक्षक बिशन सिंह आर्य एवं मनीषा यादव ने योग प्रोटोकॉल का अभ्यास करवाते हुए विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान की विधियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाकर अनेक बीमारियों से बचा जा सकता है तथा स्वस्थ जीवन जिया जा सकता है।
सामाजिक कार्यकर्ता एवं अध्यापक रविन्द्र सांगवान बादल ने अपने संबोधन में कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जिसे आज पूरा विश्व अपना रहा है। योग व्यक्ति के सर्वांगीण विकास का माध्यम है तथा समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
बीडीसी कविता ने भी युवाओं को आह्वान किया कि वो अपने जीवन में दैनिक रोजमर्रा की के जीवन में योग को अपनाए व इसके लाभों को उठाए इससे वो तनाव आदि से दूर रह सकते हैं। योगवीर एवं मा. संजू ने कहा कि योग शरीर को स्वस्थ, मन को शांत और जीवन को अनुशासित बनाता है।