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ऐतिहासिक और आध्यात्मिक धरोहर के रूप में स्थापित होगा गुरु स्मारक : जैन मुनि

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 01 May 2026 12:59 AM IST
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Jain monks, nuns and devotees present in the Maha Mantra chanting worship program at the Guru Samadhi site.
गुरु समाधि स्थल पर महा मंत्र जाप आराधना कार्यक्रम में मौजूद जैन साधु, साध्वियां व श्रद्धालु।
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चरखी दादरी। दादरी के गामड़ी क्षेत्र के समीप गुरु स्मारक के नवनिर्माण के उपलक्ष्य में उपप्रवर्तक आनंद मुनि, प्रवचन दीवाकर दीपेश मुनि, साध्वी मंजुल ठाणे 5, साध्वी श्रेया ठाणे 2 के सानिध्य में वीरवार को महामंत्र जाप आराधना कार्यक्रम का आयोजन गुरु समाधि स्थल पर किया गया।
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इस अवसर पर दीपेश मुनि ने बताया कि क्षेत्र में आस्था और गुरु भक्ति का एक नया अध्याय लिखा जा रहा है। आचार्य गुरुदेव रघुनाथ, पंडित स्वामी गुरुदेव ज्ञान चंद्र एवं आचार्य खुशहाल चंद्र की पावन स्मृति में गुरु खुशहाल विहार के पीछे भव्य गुरु स्मारक का निर्माण कार्य शीघ्र ही प्रारंभ होने जा रहा है। यह स्मारक आने वाले समय में न केवल दादरी क्षेत्र बल्कि पूरे प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक धरोहर के रूप में स्थापित होगा।
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श्रद्धालुओं ने बताया कि यह स्मारक सफेद स्वरूप में निर्मित होगा जो भक्ति, शांति और गुरु महिमा का जीवंत प्रतीक बनेगा। इसकी भव्यता और दिव्यता इसे एक अनोखी आध्यात्मिक इमारत के रूप में प्रतिष्ठित करेगी, जहां श्रद्धालु आकर आत्मिक शांति और गुरु कृपा का अनुभव कर सकेंगे। बता दें कि इन तीनों गुरुओं ने स्थानीय छोटी बजारी स्थित जैन स्थानक में अनेक वर्षों तक कठोर साधना कर धर्म की अलख जगाई। उनके सानिध्य में काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने आध्यात्मिक मार्ग प्राप्त किया और जीवन की दिशा बदली।
प्रत्येक वीरवार को इन गुरुओं की स्मृति में नियमित रूप से गुरु आराधना सत्संग, भजन-कीर्तन एवं श्रद्धा कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। इस सत्संग में दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचकर गुरु चरणों में अपनी भावनाएं अर्पित करते हैं।
उपप्रवर्तक महाश्रमण आनंद मुनि ने भाव व्यक्त करते हुए कहा कि यह गुरु स्मारक केवल एक निर्माण नहीं, बल्कि भक्ति और विश्वास का साकार रूप होगा, जो आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरणा देता रहेगा। दीपेश मुनि ने गुरुओं की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि सच्चे मन से गुरु नाम का स्मरण करने वाला साधक अपने जीवन के हर कार्य में सफलता प्राप्त करता है। वीरवार की प्रभावना का वितरण इंद्र जैन परिवार द्वारा किया गया। इस अवसर पर काफी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
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