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Charkhi Dadri News: 28.63 करोड़ से बनेगा आधुनिक कृषि भवन, एक छत के नीचे मिलेंगी सभी सुविधाएं
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Wed, 17 Jun 2026 11:47 PM IST
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लोहारू रोड स्थित पुराने परिसर में शुरु किया गया जिला कृषि भवन का निर्माण कार्य।
- फोटो : 1
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चरखी दादरी। जिले के किसानों को कृषि संबंधी सेवाएं, तकनीकी सलाह और सरकारी योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध करवाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए स्थानीय लोहारू रोड स्थित पुराने कृषि कार्यालय परिसर में आधुनिक जिलास्तरीय कृषि भवन के निर्माण कार्य की शुरुआत हो गई है। प्रदेश सरकार की ओर से इस परियोजना पर 28.63 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। निर्माण एजेंसी ने पुराने ढांचों को हटाकर भूमि समतलीकरण का कार्य पूरा कर लिया है और अब मुख्य भवन की नींव रखने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
बता दें कि करीब 17 कनाल 5 मरला भूमि पर बनने वाला यह आधुनिक परिसर जिले के लगभग 67 हजार से अधिक पंजीकृत किसानों के लिए सुविधाओं का केंद्र बनेगा। लंबे समय से किसान संगठनों और क्षेत्र के किसानों की मांग रही थी कि कृषि विभाग की विभिन्न शाखाओं और अधिकारियों को एक ही परिसर में स्थापित किया जाए ताकि उन्हें बार-बार अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। वर्तमान में कृषि विभाग की कई शाखाएं शहर के अलग-अलग स्थानों पर संचालित हो रही हैं जिससे किसानों को योजनाओं की जानकारी, सब्सिडी आवेदन, तकनीकी मार्गदर्शन और अन्य कार्यों के लिए परेशानी का सामना करना पड़ता है।
नए कृषि भवन के निर्माण के बाद विभाग के सभी अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ और विभिन्न शाखाएं एक ही परिसर में कार्य करेंगी। इससे किसानों को समय और धन दोनों की बचत होगी तथा उनकी समस्याओं का समाधान भी तेजी से हो सकेगा।
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मुख्य द्वार पर स्थापित होंगी खाद, बीज की दुकानें
इस परियोजना की विशेषता यह है कि भवन के मुख्य द्वार पर ही खाद और प्रमाणित बीजों की सरकारी दुकानें स्थापित की जाएंगी। इससे किसानों को सीजन के दौरान गुणवत्तापूर्ण बीज और उर्वरक उचित मूल्य पर उपलब्ध हो सकेंगे। साथ ही नकली खाद-बीज की बिक्री और कालाबाजारी जैसी समस्याओं पर भी प्रभावी रोक लगने की उम्मीद है।
यहीं पर होगी मिट्टी-पानी की जांच
किसानों को मिट्टी और पानी की जांच के लिए भी अब दूर नहीं जाना पड़ेगा। वर्तमान में यह सुविधा नई अनाज मंडी स्थित प्रयोगशाला में उपलब्ध है, जहां पहुंचने के लिए किसानों को लगभग पांच किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। नए जिला स्तरीय कृषि भवन में अत्याधुनिक मिट्टी एवं पानी जांच प्रयोगशाला स्थापित की जाएगी। किसान इसी परिसर में नमूने जमा कर सकेंगे और निर्धारित समय में रिपोर्ट प्राप्त कर सकेंगे।
किसानों के लिए बनेगा विश्राम गृह
आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित इस परिसर में प्रशासनिक ब्लॉक के अलावा किसानों के लिए विश्राम गृह, सभागार, अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए आवासीय क्वार्टर तथा पार्क का भी निर्माण किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि निर्माण कार्य को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि जल्द से जल्द किसानों को इस परियोजना का लाभ मिल सके।
वर्सन :
जिलास्तरीय कृषि भवन बनाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। एजेंसी के साथ हुए अनुबंध के अनुसार निर्माण कार्य लगभग दो वर्ष में पूरा होने की संभावना है। भवन तैयार होने के बाद जिले के किसानों को कृषि संबंधी सभी सेवाएं और जानकारी एक ही छत के नीचे उपलब्ध हो सकेंगी।-- निखिल राठी, कार्यकारी अभियंता, मार्केटिंग बोर्ड, दादरी।
बता दें कि करीब 17 कनाल 5 मरला भूमि पर बनने वाला यह आधुनिक परिसर जिले के लगभग 67 हजार से अधिक पंजीकृत किसानों के लिए सुविधाओं का केंद्र बनेगा। लंबे समय से किसान संगठनों और क्षेत्र के किसानों की मांग रही थी कि कृषि विभाग की विभिन्न शाखाओं और अधिकारियों को एक ही परिसर में स्थापित किया जाए ताकि उन्हें बार-बार अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। वर्तमान में कृषि विभाग की कई शाखाएं शहर के अलग-अलग स्थानों पर संचालित हो रही हैं जिससे किसानों को योजनाओं की जानकारी, सब्सिडी आवेदन, तकनीकी मार्गदर्शन और अन्य कार्यों के लिए परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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नए कृषि भवन के निर्माण के बाद विभाग के सभी अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ और विभिन्न शाखाएं एक ही परिसर में कार्य करेंगी। इससे किसानों को समय और धन दोनों की बचत होगी तथा उनकी समस्याओं का समाधान भी तेजी से हो सकेगा।
मुख्य द्वार पर स्थापित होंगी खाद, बीज की दुकानें
इस परियोजना की विशेषता यह है कि भवन के मुख्य द्वार पर ही खाद और प्रमाणित बीजों की सरकारी दुकानें स्थापित की जाएंगी। इससे किसानों को सीजन के दौरान गुणवत्तापूर्ण बीज और उर्वरक उचित मूल्य पर उपलब्ध हो सकेंगे। साथ ही नकली खाद-बीज की बिक्री और कालाबाजारी जैसी समस्याओं पर भी प्रभावी रोक लगने की उम्मीद है।
यहीं पर होगी मिट्टी-पानी की जांच
किसानों को मिट्टी और पानी की जांच के लिए भी अब दूर नहीं जाना पड़ेगा। वर्तमान में यह सुविधा नई अनाज मंडी स्थित प्रयोगशाला में उपलब्ध है, जहां पहुंचने के लिए किसानों को लगभग पांच किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। नए जिला स्तरीय कृषि भवन में अत्याधुनिक मिट्टी एवं पानी जांच प्रयोगशाला स्थापित की जाएगी। किसान इसी परिसर में नमूने जमा कर सकेंगे और निर्धारित समय में रिपोर्ट प्राप्त कर सकेंगे।
किसानों के लिए बनेगा विश्राम गृह
आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित इस परिसर में प्रशासनिक ब्लॉक के अलावा किसानों के लिए विश्राम गृह, सभागार, अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए आवासीय क्वार्टर तथा पार्क का भी निर्माण किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि निर्माण कार्य को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि जल्द से जल्द किसानों को इस परियोजना का लाभ मिल सके।
वर्सन :
जिलास्तरीय कृषि भवन बनाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। एजेंसी के साथ हुए अनुबंध के अनुसार निर्माण कार्य लगभग दो वर्ष में पूरा होने की संभावना है। भवन तैयार होने के बाद जिले के किसानों को कृषि संबंधी सभी सेवाएं और जानकारी एक ही छत के नीचे उपलब्ध हो सकेंगी।