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Charkhi Dadri News: ग्रामीण चौकीदारों ने विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम डीआरओ को सौंपा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Thu, 12 Mar 2026 01:49 AM IST
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चरखी दादरी। हरियाणा ग्रामीण चौकीदार सभा संबंधित सीटू के बैनर तले ग्रामीण चौकीदारों की विभिन्न मांगों व समस्याओं के समाधान के लिए मुख्यमंत्री के नाम बुधवार को जिला राजस्व अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया। यह ज्ञापन हरियाणा ग्रामीण चौकीदार सभा के प्रधान वेद प्रकाश की अध्यक्षता में सौंपा गया।
सभा के प्रधान वेद प्रकाश ने ज्ञापन के माध्यम से अवगत करवाया कि प्रदेश के ग्रामीण चौकीदारों को वर्तमान में मात्र 11 हजार रुपये मानदेय दिया जा रहा है, जो बढ़ती महंगाई के दौर में बेहद कम है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण चौकीदार सरकार के विभिन्न विभागों के साथ समन्वय बनाकर गांव स्तर पर अहम जिम्मेदारियां निभाते हैं और प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारू रखने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं। इसके बावजूद इतने कम मानदेय में अपने परिवार का पालन-पोषण करना उनके लिए अत्यंत कठिन हो रहा है।
उन्होंने सरकार के समक्ष सात सूत्रीय मांग पत्र प्रस्तुत करते हुए चौकीदारों को नियमित करने की मांग उठाई। जब तक उन्हें पक्का नहीं किया जाता, तब तक न्यूनतम वेतन 30 हजार रुपये प्रतिमाह देने की मांग की गई। इसके साथ ही हाईकोर्ट के निर्देशानुसार चौकीदारों को पक्का करने की नीति लागू करने, प्रत्येक माह की सात तारीख तक मानदेय का भुगतान सुनिश्चित करने, सेवानिवृत्ति राशि में बढ़ोतरी करने तथा सालाना बजट में अलग से प्रावधान करने की मांग भी रखी गई।
ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि चौकीदारों से संबंधित चार लेबर कोड के मामलों को रद्द किया जाए, खाली पड़े पदों को शीघ्र भरा जाए तथा बढ़ती जनसंख्या के आधार पर नए चौकीदार पदों को सृजित किया जाए। इसके अतिरिक्त चौकीदार की अचानक मृत्यु होने की स्थिति में उसके परिवार को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग भी प्रमुख रूप से रखी गई।
इस अवसर पर चमन लाल भागवी, सतपाल रासीवास, सतीश, नरेश कुमार, सुरेश, सुभाष, राजेंद्र, रामफल, पवन, प्रदीप, अशोक, लीलाराम, पवन कुमार, राज्य कोषाध्यक्ष भगत सिंह आदि भी मौजूद रहे।
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सभा के प्रधान वेद प्रकाश ने ज्ञापन के माध्यम से अवगत करवाया कि प्रदेश के ग्रामीण चौकीदारों को वर्तमान में मात्र 11 हजार रुपये मानदेय दिया जा रहा है, जो बढ़ती महंगाई के दौर में बेहद कम है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण चौकीदार सरकार के विभिन्न विभागों के साथ समन्वय बनाकर गांव स्तर पर अहम जिम्मेदारियां निभाते हैं और प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारू रखने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं। इसके बावजूद इतने कम मानदेय में अपने परिवार का पालन-पोषण करना उनके लिए अत्यंत कठिन हो रहा है।
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उन्होंने सरकार के समक्ष सात सूत्रीय मांग पत्र प्रस्तुत करते हुए चौकीदारों को नियमित करने की मांग उठाई। जब तक उन्हें पक्का नहीं किया जाता, तब तक न्यूनतम वेतन 30 हजार रुपये प्रतिमाह देने की मांग की गई। इसके साथ ही हाईकोर्ट के निर्देशानुसार चौकीदारों को पक्का करने की नीति लागू करने, प्रत्येक माह की सात तारीख तक मानदेय का भुगतान सुनिश्चित करने, सेवानिवृत्ति राशि में बढ़ोतरी करने तथा सालाना बजट में अलग से प्रावधान करने की मांग भी रखी गई।
ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि चौकीदारों से संबंधित चार लेबर कोड के मामलों को रद्द किया जाए, खाली पड़े पदों को शीघ्र भरा जाए तथा बढ़ती जनसंख्या के आधार पर नए चौकीदार पदों को सृजित किया जाए। इसके अतिरिक्त चौकीदार की अचानक मृत्यु होने की स्थिति में उसके परिवार को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग भी प्रमुख रूप से रखी गई।
इस अवसर पर चमन लाल भागवी, सतपाल रासीवास, सतीश, नरेश कुमार, सुरेश, सुभाष, राजेंद्र, रामफल, पवन, प्रदीप, अशोक, लीलाराम, पवन कुमार, राज्य कोषाध्यक्ष भगत सिंह आदि भी मौजूद रहे।