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Charkhi Dadri News: 30 अप्रैल तक पोर्टल पर दर्ज करें स्व-गणना
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Wed, 29 Apr 2026 01:11 AM IST
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चरखी दादरी। उपायुक्त डाॅ. मुनीश नागपाल ने कहा है कि जनगणना केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं बल्कि देश की प्रगति का आधार है। दुनिया के इस सबसे बड़े जनगणना अभियान में आमजन की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है।
उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक का लाभ उठाते हुए सरकार ने इस बार नागरिकों को सेल्फ एन्यूमरेशन यानी स्व गणना की सुविधा दी है, जिसके लिए आगामी 30 अप्रैल तक आधिकारिक पोर्टल खुला रहेगा। कोई भी नागरिक पोर्टल एसई.सेंसस.जीओवी.आईएन पर स्व जनगणना कर सकता है। उपायुक्त ने नागरिकों को आश्वस्त किया कि उनकी व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह गोपनीय और सुरक्षित है।
जनगणना अधिनियम 1948 के तहत आंकड़ों की गोपनीयता की कानूनी गारंटी दी गई है। यह डेटा सुरक्षित सर्वर पर एनक्रिप्टेड रूप में संग्रहित किया जाता है। महत्वपूर्ण बात यह है कि इस डेटा का उपयोग किसी भी प्रकार की जांच, टैक्स या पुलिस कार्रवाई के लिए नहीं किया जा सकता।
रिपोर्ट में केवल संकलित आंकड़े ही प्रकाशित किए जाते हैं और किसी व्यक्ति का नाम या पता किसी को नहीं दिया जाता। उन्होंने बताया कि जनगणना 2027 के पहले चरण के तहत फिलहाल मकानों का सूचीकरण और मकानों की गणना का कार्य किया जा रहा है।
उपायुक्त ने कहा कि जनगणना के लिए आने वाले कर्मचारियों को सही जानकारी दें। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनगणना की जिम्मेदारी केवल सरकारी कर्मचारियों की ही नहीं बल्कि हर प्रबुद्ध नागरिक की भी है। उपायुक्त ने डिजिटल माध्यम का उपयोग करते हुए कोई भी नागरिक अपने परिवार का विवरण खुद भी भर सकता है। इससे न केवल समय की बचत होगी बल्कि आंकड़ों की सटीकता भी सुनिश्चित होगी।
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उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक का लाभ उठाते हुए सरकार ने इस बार नागरिकों को सेल्फ एन्यूमरेशन यानी स्व गणना की सुविधा दी है, जिसके लिए आगामी 30 अप्रैल तक आधिकारिक पोर्टल खुला रहेगा। कोई भी नागरिक पोर्टल एसई.सेंसस.जीओवी.आईएन पर स्व जनगणना कर सकता है। उपायुक्त ने नागरिकों को आश्वस्त किया कि उनकी व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह गोपनीय और सुरक्षित है।
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जनगणना अधिनियम 1948 के तहत आंकड़ों की गोपनीयता की कानूनी गारंटी दी गई है। यह डेटा सुरक्षित सर्वर पर एनक्रिप्टेड रूप में संग्रहित किया जाता है। महत्वपूर्ण बात यह है कि इस डेटा का उपयोग किसी भी प्रकार की जांच, टैक्स या पुलिस कार्रवाई के लिए नहीं किया जा सकता।
रिपोर्ट में केवल संकलित आंकड़े ही प्रकाशित किए जाते हैं और किसी व्यक्ति का नाम या पता किसी को नहीं दिया जाता। उन्होंने बताया कि जनगणना 2027 के पहले चरण के तहत फिलहाल मकानों का सूचीकरण और मकानों की गणना का कार्य किया जा रहा है।
उपायुक्त ने कहा कि जनगणना के लिए आने वाले कर्मचारियों को सही जानकारी दें। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनगणना की जिम्मेदारी केवल सरकारी कर्मचारियों की ही नहीं बल्कि हर प्रबुद्ध नागरिक की भी है। उपायुक्त ने डिजिटल माध्यम का उपयोग करते हुए कोई भी नागरिक अपने परिवार का विवरण खुद भी भर सकता है। इससे न केवल समय की बचत होगी बल्कि आंकड़ों की सटीकता भी सुनिश्चित होगी।
