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Charkhi Dadri News: चार साल से बिना कनेक्शन का दमकल केंद्र, पड़ोस से पानी भरकर बुझ रही आग
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Tue, 19 May 2026 01:28 AM IST
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शहर के 27 फुटा रोड पर बनाए गए दमकल विभाग कार्यालय ।
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चरखी दादरी। सरकारी विभागों की आपसी तालमेल की कमी और प्रशासन की अनदेखी के चलते दमकल विभाग कार्यालय में पिछले 4 साल से पानी का कनेक्शन नसीब नहीं हो पाया है। जिस विभाग के जिम्मे पूरे शहर और आसपास के सैकड़ों गांवों को आग की लपटों से बचाना है, वह खुद पानी की एक-एक बूंद के लिए लाचार खड़ा है। दमकल कर्मचारी पड़ोस के खेत में लगे ट्यूबवेल से पानी भरकर दूसरों की जिंदगी और आशियाने बचा रहे हैं।
सरकार ने 4 साल पहले लाखों रुपये खर्च कर जिलास्तरीय दमकल विभाग का निर्माण करवाया गया था। इस दौरान कार्यालय परिसर में पानी का भंडारण रखने के लिए 4.5 लाख लीटर का रिजर्व टैंक भी बनवाया गया था। लेकिन विभाग को पानी का कनेक्शन नहीं मिलने के कारण दमकल विभाग के कर्मचारियों को आगजनी की घटना से निपटने के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालात ऐसे है कि स्थानीय कर्मचारी टैंक को भरने के लिए साथ के खेत में लगे ट्यूबवेल का पानी भरने को मजबूर होना पड़ रहा है।
तीन महीने में 350 जगहों पर बुझाई आग
विभाग के कर्मचारियों ने पिछले तीन महीने की अवधि के दौरान जिले में हुई 350 से अधिक आगजनी की घटनाओं को काबू किया गया हैं। जिनमें सबसे बड़ी आग गांव झिंंझर स्थित पशु चारे में लगी थी जिसको बुझाने के लिए साथ लगते जिला महेंद्रगढ़, भिवानी और दादरी स्थित दमकल विभाग की 40 से अधिक गाड़ियों से काबू पाया गया था। इस दौरान दमकल विभाग के कर्मचारियों की मुस्तैदी के चलते आग गांव तक नहीं पहुंच पाई थी। विभाग कार्यालय में पानी का कनेक्शन लगवाने के लिए अधिकारी कई बार प्रशासन को अवगत करवा चुके है।
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4.5 लाख लीटर का टैंक सूखा
प्रशासन की ओर से दमकल केंद्र के परिसर में ही करीब 4.5 लाख लीटर क्षमता का एक विशाल वाटर टैंक बनाया गया है। इसका उपयोग था कि आपातकाल में दमकल की गाड़ियों के लिए पानी की कोई कमी न हो। लेकिन प्रशासनिक तालमेल की कमी और जनस्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण टैंक में आज तक पानी का कनेक्शन नहीं हो पाया है। पानी का टैंक भरने के लिए विभाग के कर्मचारियों को खेत से पाइप लाइन लाकर पानी भरना पड़ता है। दमकल विभाग के पास एक ट्यूबवेल कनेक्शन भी है लेकिन इसमें पानी खारा आता है जो लंबे समय तक गाड़ियों में भरे जाने से गाड़ी की बॉडी को खराब कर सकता है।
करोड़ों की संपत्ति बचाई
दमकल विभाग ने पिछले तीन महीने में 30 से अधिक घरों और दुकानों में शॉर्ट सर्किट व अन्य कारणों से लगी भीषण आग को दमकलकर्मियों ने वक्त रहते बुझाया जिससे करोड़ों रुपये की संपत्ति खाक होने से बच गई। वहीं जिले के मुख्य मार्गों पर 15 चलती गाड़ियों में लगी आग पर काबू पाकर कई यात्रियों की जान बचाई गई। इसके अलावा सैकड़ों एकड़ में खड़ी और कटी फसलों के अवशेषों में लगी आग को गांवों में फैलने से रोका गया। वहीं हजारों की संख्या में हरे पेड़ व पौधों को बचाया गया है।
जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से साथ में ही बूस्टिंग स्टेशन बनाया गया है, बूस्टिंग स्टेशन चालू होने के बाद ही रिजर्व टैंक में पानी का भंडारण होना संभव हो पाएगा। फिलहाल हमारे कर्मचारी साथ लगते खेत में लगे ट्यूबवेल के पानी से रिजर्व टैंक को भरा रखते हैं।
- रमन मिश्रा, फायर ऑफिसर, दादरी।
सरकार ने 4 साल पहले लाखों रुपये खर्च कर जिलास्तरीय दमकल विभाग का निर्माण करवाया गया था। इस दौरान कार्यालय परिसर में पानी का भंडारण रखने के लिए 4.5 लाख लीटर का रिजर्व टैंक भी बनवाया गया था। लेकिन विभाग को पानी का कनेक्शन नहीं मिलने के कारण दमकल विभाग के कर्मचारियों को आगजनी की घटना से निपटने के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालात ऐसे है कि स्थानीय कर्मचारी टैंक को भरने के लिए साथ के खेत में लगे ट्यूबवेल का पानी भरने को मजबूर होना पड़ रहा है।
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तीन महीने में 350 जगहों पर बुझाई आग
विभाग के कर्मचारियों ने पिछले तीन महीने की अवधि के दौरान जिले में हुई 350 से अधिक आगजनी की घटनाओं को काबू किया गया हैं। जिनमें सबसे बड़ी आग गांव झिंंझर स्थित पशु चारे में लगी थी जिसको बुझाने के लिए साथ लगते जिला महेंद्रगढ़, भिवानी और दादरी स्थित दमकल विभाग की 40 से अधिक गाड़ियों से काबू पाया गया था। इस दौरान दमकल विभाग के कर्मचारियों की मुस्तैदी के चलते आग गांव तक नहीं पहुंच पाई थी। विभाग कार्यालय में पानी का कनेक्शन लगवाने के लिए अधिकारी कई बार प्रशासन को अवगत करवा चुके है।
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प्रशासन की ओर से दमकल केंद्र के परिसर में ही करीब 4.5 लाख लीटर क्षमता का एक विशाल वाटर टैंक बनाया गया है। इसका उपयोग था कि आपातकाल में दमकल की गाड़ियों के लिए पानी की कोई कमी न हो। लेकिन प्रशासनिक तालमेल की कमी और जनस्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण टैंक में आज तक पानी का कनेक्शन नहीं हो पाया है। पानी का टैंक भरने के लिए विभाग के कर्मचारियों को खेत से पाइप लाइन लाकर पानी भरना पड़ता है। दमकल विभाग के पास एक ट्यूबवेल कनेक्शन भी है लेकिन इसमें पानी खारा आता है जो लंबे समय तक गाड़ियों में भरे जाने से गाड़ी की बॉडी को खराब कर सकता है।
करोड़ों की संपत्ति बचाई
दमकल विभाग ने पिछले तीन महीने में 30 से अधिक घरों और दुकानों में शॉर्ट सर्किट व अन्य कारणों से लगी भीषण आग को दमकलकर्मियों ने वक्त रहते बुझाया जिससे करोड़ों रुपये की संपत्ति खाक होने से बच गई। वहीं जिले के मुख्य मार्गों पर 15 चलती गाड़ियों में लगी आग पर काबू पाकर कई यात्रियों की जान बचाई गई। इसके अलावा सैकड़ों एकड़ में खड़ी और कटी फसलों के अवशेषों में लगी आग को गांवों में फैलने से रोका गया। वहीं हजारों की संख्या में हरे पेड़ व पौधों को बचाया गया है।
जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से साथ में ही बूस्टिंग स्टेशन बनाया गया है, बूस्टिंग स्टेशन चालू होने के बाद ही रिजर्व टैंक में पानी का भंडारण होना संभव हो पाएगा। फिलहाल हमारे कर्मचारी साथ लगते खेत में लगे ट्यूबवेल के पानी से रिजर्व टैंक को भरा रखते हैं।
- रमन मिश्रा, फायर ऑफिसर, दादरी।