{"_id":"6a0b6eee2d31c8ad98068b01","slug":"the-shrimad-bhagwat-katha-describes-the-incidents-of-lord-jagannath-and-devotee-dhruva-charkhi-dadri-news-c-126-1-shsr1012-155426-2026-05-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Charkhi Dadri News: श्रीमद्भागवत कथा में भगवान जगन्नाथ व भक्त ध्रुव के प्रसंगों का किया वर्णन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Charkhi Dadri News: श्रीमद्भागवत कथा में भगवान जगन्नाथ व भक्त ध्रुव के प्रसंगों का किया वर्णन
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Tue, 19 May 2026 01:26 AM IST
विज्ञापन
गीता भवन में आयोजित भागवत कथा में शामिल भक्त।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
चरखी दादरी। नगर स्थित गीता ज्ञान मंदिर के सभागार में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन मुख्य यजमान के रूप में प्रमुख समाजसेवी एवं गोसेवक पंडित अर्जुन देव व यजमान अग्रवाल सभा के पूर्व प्रधान विष्णु गोयल उपस्थित रहे। पंडित अमित शास्त्री ने नवग्रह पूजन संपन्न करवाई।
वृंदावन धाम से कथावाचक पंडित चंद्रप्रकाश ठाकुर ने कथा में भगवान जगन्नाथ और भक्त ध्रुव के प्रसंगों का वर्णन किया। कथावाचक ने बालक ध्रुव की अटूट भक्ति का गुणगान करते हुए कहा कि दृढ़ निश्चय, तपस्या और भगवान के प्रति अटूट विश्वास से ही ध्रुव ने अमर पद प्राप्त किया।
ध्रुव की कथा संदेश देती है कि यदि मनुष्य सच्चे मन से भगवान की आराधना करे तो प्रभु स्वयं जीवन को दिव्यता से भर देते हैं। पंडित चंद्रप्रकाश ठाकुर ने राजा परीक्षित और शुकदेव का भी प्रेरणादायक प्रसंग सुनाया। उन्होंने बताया कि जब राजा परीक्षित को कथा सुनते हुए छह दिन बीत गए, तब भी उनके मन में मृत्यु का भय बना हुआ था। तब शुकदेव ने उन्हें एक कथा सुनाई थी।
विज्ञापन
इस अवसर पर श्रीकृष्ण सेवादल के प्रधान शिवकुमार गर्ग, राहुल मराठा, गौरी शंकर सिंघल, रमेश गर्ग, पवन चेतन पुरिया, नरेश मित्तल, सतीश कुमार, पूर्व पार्षद एवं गीता भवन ट्रस्टी प्रीतम जांगड़ा, महेंद्र ऐरन, पीतांबर गर्ग, गोपीराम गर्ग, विजय गर्ग आदि मौजूद रहे।
वृंदावन धाम से कथावाचक पंडित चंद्रप्रकाश ठाकुर ने कथा में भगवान जगन्नाथ और भक्त ध्रुव के प्रसंगों का वर्णन किया। कथावाचक ने बालक ध्रुव की अटूट भक्ति का गुणगान करते हुए कहा कि दृढ़ निश्चय, तपस्या और भगवान के प्रति अटूट विश्वास से ही ध्रुव ने अमर पद प्राप्त किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
ध्रुव की कथा संदेश देती है कि यदि मनुष्य सच्चे मन से भगवान की आराधना करे तो प्रभु स्वयं जीवन को दिव्यता से भर देते हैं। पंडित चंद्रप्रकाश ठाकुर ने राजा परीक्षित और शुकदेव का भी प्रेरणादायक प्रसंग सुनाया। उन्होंने बताया कि जब राजा परीक्षित को कथा सुनते हुए छह दिन बीत गए, तब भी उनके मन में मृत्यु का भय बना हुआ था। तब शुकदेव ने उन्हें एक कथा सुनाई थी।
Trending Videos
इस अवसर पर श्रीकृष्ण सेवादल के प्रधान शिवकुमार गर्ग, राहुल मराठा, गौरी शंकर सिंघल, रमेश गर्ग, पवन चेतन पुरिया, नरेश मित्तल, सतीश कुमार, पूर्व पार्षद एवं गीता भवन ट्रस्टी प्रीतम जांगड़ा, महेंद्र ऐरन, पीतांबर गर्ग, गोपीराम गर्ग, विजय गर्ग आदि मौजूद रहे।