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Charkhi Dadri News: नहरों में सात जुलाई को छोड़ा जाएगा पानी, 60 जलघर हैं खाली
Tue, 30 Jun 2026 12:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Tue, 30 Jun 2026 12:35 AM IST
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जिले में सूखी पड़ी नहर।
- फोटो : 1
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चरखी दादरी। जिले में पेयजल संकट से जूझ रहे लोगों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। सिंचाई विभाग के अनुसार 7 जुलाई को नहरों में पानी छोड़ा जाएगा जो 8 जुलाई तक नहरों में पहुंच जाएगा। वर्तमान में जिले के 65 से अधिक जलघर लगभग खाली पड़े हैं। जिले को 800 क्यूसिक पानी की जरूरत है। ग्रामीण क्षेत्र के जलघर खाली होने से पेयजल संकट बना हुआ है। शहरवासियाें ने प्रतिदिन पेयजल की आपूर्ति करने की मांग की है।
जिले के 168 गांवों में जलघरों के जरिये पेयजल आपूर्ति की जाती है। सभी जलघर नहरों से ही भरे जाते हैं। शहर के अलावा गांव घसोला, मंदोला, कलियाणा, जावा, चांगरोड़, दातोली, ढाणी फौगाट, चिडिय़ा, पांडवान, जावा, पालड़ी, मिसरी, बौंद कलां, अचीना, रानीला, इमलोटा, चरखी, पैंतावास, झोझू कलां मंदोला, घिकाड़ा, सांवड़, सांजरवास आदि जलघरों में नहरों से ही पानी भरा जाता है।
नहरों से जुड़े 68 जोहड़
जिले की मेन बधवाना, मैहड़ा, बौंद कलां डिस्ट्रीब्यूटरी व लोहारू कैनाल प्रमुख हैं। जिले में 68 से ज्यादा जोहड़ विभिन्न नहरों से जुड़े हुए हैं। जिले की नहरी पानी की बारी 24 दिन मेंं आती है। पिछली बारी में पर्याप्त मात्रा में पानी मिला था। गर्मी सीजन को देखते हुए इस बार सभी जोहड़ व जलघर पानी से लबालब करने की जरूरत है। पानी की खपत ज्यादा बनी हुई है।
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गांवों में पानी का संकट
गांव ढाणी फोगाट निवासी महिला कृष्णा देवी, धनपति, सुंदर देवी, धर्मकौर ने बताया कि उनके गांव में पानी का संकट बना हुआ है। चार से पांच दिन में कुछ समय के लिए पानी की आपूर्ति की जा रही है। इनका कहना है कि पानी अंतिम छोर तक नहीं पहुंच पाता है गांव में जोन की संख्या बढ़ाए जाने की जरूरत है ताकि सभी को पर्याप्त मात्रा में पेयजल मिल सके। इनका कहना है कि पानी की सप्लाई की भी कोई समय-सारिणी नहीं है। महिलाओं ने जनस्वास्थ्य विभाग अधिकारियों से गांव में प्रतिदिन पानी की सप्लाई करने की मांग की है।
जुलाई के पहले सप्ताह में मानसन की संभावना
अब तो मानसून की बारिश होने पर पेयजल संकट से राहत मिल सकती है। जुलाई प्रथम सप्ताह में बारिश होने की संभावनाएं जताई जा रही हैं। बारिश होने के बाद पानी की 40 प्रतिशत तक खपत कम हो जाएगी। इस बार सिंचाई के लिए पानी की जरूरत कम ही रहेगी। धान की रोपाई के लिए पानी की जरूरत रहेगी।
8 जुलाई को पहुंचेगा पानी
आठ जुलाई को नहरों में पानी पहुंच जाएगा जो 16 दिन तक चलेगा। विदित रहे गर्मी सीजन में पानी की खपत ज्यादा होती है। जलघर नहरी पानी पर भी निर्भर हैं। इस समय गांवों में पेयजल संकट ज्यादा बना हुआ है। इस बार करीब 800 क्यूसिक पानी की जरूरत है तब जाकर पूर्ति संभव है।
टैंकर खरीदने का मजबूर लोग
गांवों में लोग पानी के टैंकर खरीदने को मजबूर हैं। शहर में एक दिन छोड़कर पानी की आपूर्ति की जा रही है जबकि प्रतिदिन आपूर्ति करने की जरूरत है। ऐसे में शहरवासियों को प्रति व्यक्ति 135 लीटर पानी नहीं मिल पा रहा है।
वर्सन:
सात जुलाई को मेन हेड से पानी छोड़ा जाएगा। जलघरों को प्राथमिकता से भरा जाएगा। 16 दिन के लिए पानी मिलेगा तब तक सभी जलघर भर दिए जाएंगे। नहरी पानी की कमी नहीं रहने दी जाएगी। - सतेंद्र कुमार, एक्सईएन, सिंचाई विभाग।
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जिले के 168 गांवों में जलघरों के जरिये पेयजल आपूर्ति की जाती है। सभी जलघर नहरों से ही भरे जाते हैं। शहर के अलावा गांव घसोला, मंदोला, कलियाणा, जावा, चांगरोड़, दातोली, ढाणी फौगाट, चिडिय़ा, पांडवान, जावा, पालड़ी, मिसरी, बौंद कलां, अचीना, रानीला, इमलोटा, चरखी, पैंतावास, झोझू कलां मंदोला, घिकाड़ा, सांवड़, सांजरवास आदि जलघरों में नहरों से ही पानी भरा जाता है।
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नहरों से जुड़े 68 जोहड़
जिले की मेन बधवाना, मैहड़ा, बौंद कलां डिस्ट्रीब्यूटरी व लोहारू कैनाल प्रमुख हैं। जिले में 68 से ज्यादा जोहड़ विभिन्न नहरों से जुड़े हुए हैं। जिले की नहरी पानी की बारी 24 दिन मेंं आती है। पिछली बारी में पर्याप्त मात्रा में पानी मिला था। गर्मी सीजन को देखते हुए इस बार सभी जोहड़ व जलघर पानी से लबालब करने की जरूरत है। पानी की खपत ज्यादा बनी हुई है।
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गांवों में पानी का संकट
गांव ढाणी फोगाट निवासी महिला कृष्णा देवी, धनपति, सुंदर देवी, धर्मकौर ने बताया कि उनके गांव में पानी का संकट बना हुआ है। चार से पांच दिन में कुछ समय के लिए पानी की आपूर्ति की जा रही है। इनका कहना है कि पानी अंतिम छोर तक नहीं पहुंच पाता है गांव में जोन की संख्या बढ़ाए जाने की जरूरत है ताकि सभी को पर्याप्त मात्रा में पेयजल मिल सके। इनका कहना है कि पानी की सप्लाई की भी कोई समय-सारिणी नहीं है। महिलाओं ने जनस्वास्थ्य विभाग अधिकारियों से गांव में प्रतिदिन पानी की सप्लाई करने की मांग की है।
जुलाई के पहले सप्ताह में मानसन की संभावना
अब तो मानसून की बारिश होने पर पेयजल संकट से राहत मिल सकती है। जुलाई प्रथम सप्ताह में बारिश होने की संभावनाएं जताई जा रही हैं। बारिश होने के बाद पानी की 40 प्रतिशत तक खपत कम हो जाएगी। इस बार सिंचाई के लिए पानी की जरूरत कम ही रहेगी। धान की रोपाई के लिए पानी की जरूरत रहेगी।
8 जुलाई को पहुंचेगा पानी
आठ जुलाई को नहरों में पानी पहुंच जाएगा जो 16 दिन तक चलेगा। विदित रहे गर्मी सीजन में पानी की खपत ज्यादा होती है। जलघर नहरी पानी पर भी निर्भर हैं। इस समय गांवों में पेयजल संकट ज्यादा बना हुआ है। इस बार करीब 800 क्यूसिक पानी की जरूरत है तब जाकर पूर्ति संभव है।
टैंकर खरीदने का मजबूर लोग
गांवों में लोग पानी के टैंकर खरीदने को मजबूर हैं। शहर में एक दिन छोड़कर पानी की आपूर्ति की जा रही है जबकि प्रतिदिन आपूर्ति करने की जरूरत है। ऐसे में शहरवासियों को प्रति व्यक्ति 135 लीटर पानी नहीं मिल पा रहा है।
वर्सन:
सात जुलाई को मेन हेड से पानी छोड़ा जाएगा। जलघरों को प्राथमिकता से भरा जाएगा। 16 दिन के लिए पानी मिलेगा तब तक सभी जलघर भर दिए जाएंगे। नहरी पानी की कमी नहीं रहने दी जाएगी। - सतेंद्र कुमार, एक्सईएन, सिंचाई विभाग।