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Charkhi Dadri News: 21 जनवरी को नहरों में आएगा पानी, 168 गांवों के जलघर भरने की उम्मीद
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Fri, 16 Jan 2026 01:10 AM IST
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जिले में खाली हुई नहरें।
- फोटो : 1
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चरखी दादरी। जिले की नहरों में 21 जनवरी से पानी छोड़ा जाएगा। फिलहाल जिले के अधिकांश जलघर लगभग खाली पड़े हैं और पेयजल संकट गहराने लगा है। जिले को इस समय करीब 900 क्यूसिक पानी की आवश्यकता है, जबकि 60 से अधिक जलघर करीब 90 प्रतिशत तक खाली हो चुके हैं। ऐसे में नहरी पानी आने से शहर व ग्रामीण क्षेत्रों को राहत मिलने की उम्मीद है। जिले के 168 गांवों में जलघरों के माध्यम से नहरों का पानी पहुंचता है। ये सभी जलघर सीधे नहर से जुड़े हुए हैं। रबी की फसलों की पहली सिंचाई का समय चल रहा है और जिले का लगभग 60 प्रतिशत कृषि क्षेत्र नहरी पानी पर निर्भर है। गेहूं और जौ की फसलों के लिए इस समय सिंचाई बेहद जरूरी मानी जा रही है।
नहरी पानी चोरी की आशंका
पिछले वर्षों के अनुभव को देखते हुए इस बार भी नहरी पानी की चोरी की आशंका जताई जा रही है। पिछली बारी नहरी पानी चोरी के 500 से अधिक मामले सामने आए थे। ऐसे में सिंचाई विभाग के अधिकारियों को पानी छोड़े जाने के बाद लगातार फील्ड में मॉनिटरिंग करनी होगी, ताकि टेल तक पानी पहुंच सके।
प्रमुख नहरें और जलघर
जिले की प्रमुख नहरों में बधवाना माइनर, मैहड़ा, बौंद कलां डिस्ट्रीब्यूटरी और लोहारू कैनाल शामिल हैं। इन्हीं के माध्यम से शहर सहित घसोला, मंदोला, कलियाणा, चांगरोड़, दातोली, ढाणी फौगाट, चिड़िया, पांडवान, पालड़ी, मिसरी, बौंद कलां, अचीना, रानीला, इमलोटा, पैंतावास, झोझू कलां, घिकाड़ा, सांवड़, सांजरवास सहित अनेक गांवों के जलघर भरे जाते हैं। जिले में 68 से अधिक जोहड़ भी विभिन्न नहरों से जुड़े हुए हैं।
पिछली बार कम मिला था पानी
जिले की नहरी पानी की बारी लगभग 24 दिन में एक बार आती है। पिछली बारी शुरुआत में 850 क्यूसिक पानी छोड़ा गया था, लेकिन बाद में इसे घटाकर 450 क्यूसिक कर दिया गया जिससे सिंचाई और पेयजल व्यवस्था प्रभावित हुई थी। इस बार किसान और आमजन पर्याप्त पानी मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
वर्जन
पर्याप्त मात्रा में पानी मंगवाया जाएगा। जलघरों प्राथमिकता से भरा जाएगा। 16 दिन के लिए पानी मिलना है तब तक सभी जलघर भर दिए जाएंगे। इस बार ज्यादा पानी मंगवाया जाएगा। नहरी पानी की कमी नहीं रहने दी जाएगी। - एसडीओ हरवीर सिंह, सिंचाई विभाग।
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नहरी पानी चोरी की आशंका
पिछले वर्षों के अनुभव को देखते हुए इस बार भी नहरी पानी की चोरी की आशंका जताई जा रही है। पिछली बारी नहरी पानी चोरी के 500 से अधिक मामले सामने आए थे। ऐसे में सिंचाई विभाग के अधिकारियों को पानी छोड़े जाने के बाद लगातार फील्ड में मॉनिटरिंग करनी होगी, ताकि टेल तक पानी पहुंच सके।
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प्रमुख नहरें और जलघर
जिले की प्रमुख नहरों में बधवाना माइनर, मैहड़ा, बौंद कलां डिस्ट्रीब्यूटरी और लोहारू कैनाल शामिल हैं। इन्हीं के माध्यम से शहर सहित घसोला, मंदोला, कलियाणा, चांगरोड़, दातोली, ढाणी फौगाट, चिड़िया, पांडवान, पालड़ी, मिसरी, बौंद कलां, अचीना, रानीला, इमलोटा, पैंतावास, झोझू कलां, घिकाड़ा, सांवड़, सांजरवास सहित अनेक गांवों के जलघर भरे जाते हैं। जिले में 68 से अधिक जोहड़ भी विभिन्न नहरों से जुड़े हुए हैं।
पिछली बार कम मिला था पानी
जिले की नहरी पानी की बारी लगभग 24 दिन में एक बार आती है। पिछली बारी शुरुआत में 850 क्यूसिक पानी छोड़ा गया था, लेकिन बाद में इसे घटाकर 450 क्यूसिक कर दिया गया जिससे सिंचाई और पेयजल व्यवस्था प्रभावित हुई थी। इस बार किसान और आमजन पर्याप्त पानी मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
वर्जन
पर्याप्त मात्रा में पानी मंगवाया जाएगा। जलघरों प्राथमिकता से भरा जाएगा। 16 दिन के लिए पानी मिलना है तब तक सभी जलघर भर दिए जाएंगे। इस बार ज्यादा पानी मंगवाया जाएगा। नहरी पानी की कमी नहीं रहने दी जाएगी। - एसडीओ हरवीर सिंह, सिंचाई विभाग।