सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Dera factor in play ahead of Punjab elections Haryana to also hold civic elections next month

पंजाब चुनाव से पहले डेरा फैक्टर सक्रिय: नए समीकरणों की चर्चा, हरियाणा में भी अगले महीने होने हैं निकाय चुनाव

आशीष वर्मा, चंडीगढ़ Published by: Naveen Updated Sun, 08 Mar 2026 08:42 AM IST
विज्ञापन
सार

चुनाव की तैयारियों को लेकर भाजपा समेत अन्य दलों ने कमर कस ली है। इस बार सबसे ज्यादा चर्चा हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की हो रही है। वे पिछले कई महीनों से लगातार पंजाब के दौरे कर रहे हैं।

Dera factor in play ahead of Punjab elections Haryana to also hold civic elections next month
डेरा सच्चा सौदा - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार

पत्रकार राम चंद्र छत्रपति हत्याकांड में बरी किए जाने के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाएं गर्म हो गई हैं। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब पंजाब में अगले विधानसभा चुनावों की तैयारियां धीरे-धीरे तेज हो रही हैं और राजनीतिक दल अपने पैर जमाने की कोशिश में जुटे हैं। हरियाणा में भी अगले महीने निकाय चुनाव होने हैं। बहुत जल्द इन चुनावों की घोषणा हो सकती है। पंजाब व हरियाणा की राजनीति में डेरा सच्चा सौदा का प्रभाव लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है। दोनों राज्यों के कई प्रभावशाली नेता डेरा का आशीर्वाद लेने जाते रहे भी रहे हैं।

Trending Videos


पंजाब के मालवा क्षेत्र विशेष रूप से बठिंडा, मानसा, फरीदकोट, मुक्तसर, संगरूर और फाजिल्का जैसे जिलों में डेरा के अनुयायियों की बड़ी संख्या मानी जाती है। इन क्षेत्रों में कई विधानसभा सीटों पर डेरा समर्थकों की संख्या इतनी है कि वे चुनावी परिणामों को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं। पंजाब के बीते चुनावों में कई राजनीतिक दल चुनाव के दौरान डेरा समर्थकों का समर्थन हासिल करने की कोशिश करते रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसी तरह से हरियाणा में पंजाब से लगते सीमावर्ती क्षेत्र सिरसा, अंबाला, कुरुक्षेत्र, हिसार में भी डेरा का अच्छा प्रभाव रहा है। गुरमीत राम रहीम को मिली कानूनी राहत का मनोवैज्ञानिक प्रभाव उनके अनुयायियों पर पड़ सकता है। यह अलग बात है कि साध्वियों से रेप के मामले में डेरा प्रमुख जेल में रहेंगे, फिर इस फैसले से उनके समर्थकों के बीच एक सकारात्मक संदेश जा सकता है। यदि डेरा नेतृत्व किसी राजनीतिक दल के पक्ष में खुलकर समर्थन देता तो मालवा क्षेत्र की कई सीटों पर चुनावी समीकरण बदल सकता है।

इसका एक दूसरा पहलू भी है। पंजाब की राजनीति में सिख धार्मिक संगठनों और डेरा परंपराओं के बीच लंबे समय से वैचारिक टकराव रहा है। इसलिए यदि किसी राजनीतिक दल को डेरा समर्थकों का खुला समर्थन मिलता है, तो इससे कुछ सिख मतदाताओं के बीच नकारात्मक प्रतिक्रिया भी उत्पन्न हो सकती है। हालांकि यह तो वक्त ही बताएगा कि डेरा किसे समर्थन देता है। पंजाब में अगले साल चुनाव होने हैं।

चुनाव की तैयारियों को लेकर भाजपा समेत अन्य दलों ने कमर कस ली है। इस बार सबसे ज्यादा चर्चा हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की हो रही है। वे पिछले कई महीनों से लगातार पंजाब के दौरे कर रहे हैं। इससे वे पंजाब में चर्चाओं के केंद्र में आ गए हैं। पंजाब में भाजपा अभी तक मजबूत जनाधार बनाने के प्रयास में है और वह पारंपरिक क्षेत्रीय समीकरणों से बाहर नए सामाजिक समूहों को जोड़ने की रणनीति पर काम कर रही है।उधर, पंजाब में आम आदमी पार्टी भी रणनीति के तहत अपनी तैयारियों में जुटी हुई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed