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Rohtak: स्क्वाड्रन लीडर अनुज का सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार, परिवार कर रहा था शादी की तैयारियां

संवाद न्यूज एजेंसी कलानौर (रोहतक) Published by: शाहिल शर्मा Updated Sat, 07 Mar 2026 10:26 PM IST
सार

पिता आनंद वशिष्ठ ने कहा कि होली के दिन ही बेटे से वीडियो कॉल पर बात हुई थी। अनुज ने जल्द घर आने की बात कही थी लेकिन यह नहीं पता था कि वह तिरंगे में लिपटकर आएगा।

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Squadron Leader Anuj was cremated with military honors
शहीद अनुज का अंतिम संस्कार - फोटो : संवाद
असम में भारतीय वायुसेना के सुखोई सु-30 एमकेआई लड़ाकू विमान हादसे में वीरवार को बलिदान हुए स्क्वाड्रन लीडर अनुज वशिष्ठ का शव शनिवार को उनके पैतृक गांव ककराना पहुंचा। गांव में सैनिक सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। छोटे भाई मनुज ने उनको मुखाग्नि दी।
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Squadron Leader Anuj was cremated with military honors
पैतृक गांव में हुआ अंतिम संस्कार - फोटो : संवाद
पिता आनंद वशिष्ठ ने कहा कि होली के दिन ही बेटे से वीडियो कॉल पर बात हुई थी। अनुज ने जल्द घर आने की बात कही थी लेकिन यह नहीं पता था कि वह तिरंगे में लिपटकर आएगा। शहीद पोते अनुज का शव देख दादा महावीर भावुक हो उठे। बोले-पोते ने पूरे परिवार का मान बढ़ाया है। हमें उस पर नाज है। 
 
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स्क्वाड्रन लीडर अनुज के दादा - फोटो : संवाद
शहीद की अंतिम यात्रा में गांव ही नहीं, आसपास के गांवों के काफी संख्या में लोग शामिल हुए।
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शहीद जवान को अंतिम सलामी देते एयरफोर्स के जवान - फोटो : संवाद
पिता आनंद ने कहा कि अनुज शुरू से ही होनहार व मेहनती रहा है। वह पढ़ाई में भी तेज रहा, इसीलिए हजारों जवानों के बीच परीक्षा पास कर वह स्क्वाड्रन लीडर पदोन्नत हुआ।
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शहीद जवान को श्रद्धांजलि देते एयरफोर्स के अधिकारी - फोटो : संवाद
शादी की चल रही थी तैयारी

बेटे की शहादत पर पिता ने भावुक होते हुए कहा-घर में उसकी शादी की तैयारी चल रही थी। आंगन में खुशियां आने से पहले ही बिखर गईं। अनुज शर्मा का जन्म 9 अगस्त 1993 को रोहतक जिले के गांव ककराना में हुआ था। अनुज का वर्ष 2015 में भारतीय वायुसेना में चयन हुआ था। ट्रेनिंग पूरी करने के बाद जब वह पहली बार गांव पहुंचे थे तो ग्रामीणों ने उनका भव्य स्वागत किया था। अब उनका परिवार गुरुग्राम में रह रहा है।
 
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