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Fatehabad News: बरसाती निकासी पाइपलाइन निर्माण में घटिया सामग्री के आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sun, 29 Mar 2026 11:25 PM IST
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भूना नगर पालिका की ओर से हाल ही में डाली गई पाइपलाइन।
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भूना। शहर में चल रही करीब 30 करोड़ रुपये की बरसाती पानी निकासी पाइपलाइन परियोजना शुरुआती चरण में ही विवादों में आ गई है। शहरवासियों ने निर्माण कार्य में भारी अनियमितताओं और घटिया सामग्री के उपयोग के आरोप लगाए हैं। आरोप है कि ठेकेदार द्वारा टेंडर शर्तों की अनदेखी कर काम में खानापूर्ति की जा रही है, जिससे भविष्य में बड़ी समस्या खड़ी हो सकती है।
भूना निवासी पवन कुमार, सज्जन कुमार, राजेश कुमार, बलजीत सिंह व कृष्ण कुमार ने आरोप लगाया कि आरसीसी पाइपलाइन के नीचे टेंडर के अनुसार 4 इंच मोटा सीमेंट, क्रेशर और बजरी का मजबूत बेड बनाया जाना जरूरी है, लेकिन मौके पर ऐसा नहीं किया जा रहा। उनका कहना है कि सामग्री की गुणवत्ता बेहद खराब है और कई जगह बिना सही मिश्रण के सूखी सामग्री ही डाली जा रही है।
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लीकेज की हो सकती है समस्या
शहरवासियों का यह भी आरोप है कि पाइपलाइन के जोड़ को मजबूत करने के लिए मूंज की रस्सी को सीमेंट में भिगोकर उपयोग करने का प्रावधान है, लेकिन इस प्रक्रिया को भी नजरअंदाज किया जा रहा है। इससे पाइपलाइन की मजबूती पर सवाल खड़े हो रहे हैं और भविष्य में लीकेज की आशंका बढ़ गई है। लोगों ने बताया कि निर्माण में उपयोग की जा रही सामग्री को ग्राइंडर में मिलाकर डालना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा। इसके चलते पाइपलाइन कमजोर बन रही है और कई स्थानों पर लीकेज की समस्या सामने आने लगी है। एक गली में पाइपलाइन से पानी भरने की स्थिति बन गई, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भूना निवासी पवन कुमार सिंगला ने बताया कि ठेकेदार ने उन पाइपों को भी नुकसान पहुंचाया है, जिन पर नगर पालिका हाल ही में लाखों रुपए खर्च कर चुकी है।
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पाइपलाइन के नीचे चार इंच का बेड डालना अनिवार्य है और यह कार्य कनिष्ठ अभियंता सुनील कुमार की निगरानी में किया जा रहा है। यदि कहीं अनियमितता पाई जाती है तो इसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं होने दिया जाएगा।
- भागीराम, एसडीओ, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग
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लीकेज की हो सकती है समस्या
शहरवासियों का यह भी आरोप है कि पाइपलाइन के जोड़ को मजबूत करने के लिए मूंज की रस्सी को सीमेंट में भिगोकर उपयोग करने का प्रावधान है, लेकिन इस प्रक्रिया को भी नजरअंदाज किया जा रहा है। इससे पाइपलाइन की मजबूती पर सवाल खड़े हो रहे हैं और भविष्य में लीकेज की आशंका बढ़ गई है। लोगों ने बताया कि निर्माण में उपयोग की जा रही सामग्री को ग्राइंडर में मिलाकर डालना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा। इसके चलते पाइपलाइन कमजोर बन रही है और कई स्थानों पर लीकेज की समस्या सामने आने लगी है। एक गली में पाइपलाइन से पानी भरने की स्थिति बन गई, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भूना निवासी पवन कुमार सिंगला ने बताया कि ठेकेदार ने उन पाइपों को भी नुकसान पहुंचाया है, जिन पर नगर पालिका हाल ही में लाखों रुपए खर्च कर चुकी है।
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पाइपलाइन के नीचे चार इंच का बेड डालना अनिवार्य है और यह कार्य कनिष्ठ अभियंता सुनील कुमार की निगरानी में किया जा रहा है। यदि कहीं अनियमितता पाई जाती है तो इसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं होने दिया जाएगा।
- भागीराम, एसडीओ, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग