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Fatehabad News: टूटे मीटर व लटकती तारों से हादसों का खतरा

संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Sun, 08 Feb 2026 11:36 PM IST
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Broken meters and hanging wires pose a risk of accidents
शहर के एसबीआई रोड की गली में लगे बिजली मीटर का टूटा हुआ बॉक्स। संवाद
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फतेहाबाद। शहर की तंग गलियों में बिजली निगम की लापरवाही सामने आ रही है। डिजिटल इंडिया और स्मार्ट मीटरिंग के दावों के बीच चार मरला कॉलोनी, स्वामी नगर और हंस कॉलोनी में बिजली मीटरों के बॉक्स पिछले करीब छह माह से टूटे पड़े हैं। खुले और क्षतिग्रस्त मीटर बॉक्स किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं, लेकिन निगम इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
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स्थानीय लोगों के अनुसार इन इलाकों की गलियां बेहद संकरी हैं। जब बड़े वाहन यहां से गुजरते हैं तो खंभों पर लगे मीटर बॉक्स उनसे टकरा जाते हैं, इससे उनके ढक्कन टूट जाते हैं। निगम की व्यवस्था के अनुसार मीटर की रीडिंग में आसानी रखने के लिए मीटर केवल करीब तीन फीट की ऊंचाई पर लगाए गए हैं।
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इतनी कम ऊंचाई पर खुले मीटर बॉक्स राहगीरों, खेलते बच्चों और पालतू जानवरों के लिए लगातार खतरा बने हुए हैं। बारिश या नमी की स्थिति में इनमें करंट फैलने से हादसे की आशंका बनी रहती है। शहरवासियों ने मांग की है कि टूटे मीटर बॉक्स तुरंत बदले जाएं और इन पर मजबूत ढक्कन लगाए जाएं। साथ ही मीटरों की सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त की जाए, ताकि तंग गलियों में रहने वाले लोग खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें।

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न रबर की कोटिंग, न सुरक्षा कवच



बिजली के मीटर के साथ लगी तार पर रबर की कोटिंग (इन्सुलेशन) तक नहीं है। खुलीं तार और टूटे प्लास्टिक के ढक्कन बारिश के मौसम या सीलन वाली दीवारों में कभी भी शॉर्ट सर्किट का कारण बन सकते हैं। बिजली उपभोक्ता बनवारी लाल, अमर सिंह, रामप्रताप और लीलू राम आदि का कहना है कि उन्होंने कई बार निगम को इसकी सूचना दी है, लेकिन 6 माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई।



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गली इतनी तंग है कि एक कार भी यहां से मुश्किल से गुजर सकती है। ऐसे में खुले मीटर और तार के पास से निकलना जान जोखिम में डालने जैसा है। बच्चों को घर से बाहर अकेले छोड़ने में डर लगता है। निगम को इस पर ध्यान देना चाहिए।

-गुरदीप सिंह।

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निगम कर्मचारी हर महीने रीडिंग लेने के लिए इन्हीं गलियों में आते हैं, लेकिन उन्हें ये टूटे ढक्कन और लटकती तार नजर नहीं आतीं। लगता है निगम को किसी हादसे का इंतजार है। हालांकि इससे पहले कई मीटर के टूटे ढक्कन लगाए गए हैं।

हरदीप सिंह।

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यदि समय रहते इन मीटरों को दुरुस्त नहीं किया गया और इन्हें सुरक्षित ऊंचाई पर शिफ्ट नहीं किया गया, तो इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है। बिजली निगम के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि इस लापरवाही पर तुरंत संज्ञान लिया जाए।

-विकास गावड़ी।

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:: बिजली निगम के पास जैसे ही मीटर के ढक्कन टूटने की सूचना आती तो तुरंत बदलकर नए लगा दिए जाते हैं। शहरी बिजली निगम ने दो माह पहले 126 ढक्कन लगाए थे। जिन उपभोक्ताओं के बिजली मीटर के बॉक्स टूटे हुए हैं वे इस बारे में निगम की इस बारे में जानकारी दें।

-रविंद्र, एसडीओ, शहरी बिजली निगम, फतेहाबाद।
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