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Fatehabad News: सफाई के नाम पर ठेकेदारों में रस्साकशी
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sun, 21 Jun 2026 11:57 PM IST
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गांव ढाणी ढोबा के पास रंगोई नाले में उगी जलकुंभी व अन्य कचरा। संवाद
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फतेहाबाद। मानसून की दस्तक से पहले जल निकासी व्यवस्था पर प्रशासन और सिंचाई विभाग के दावों पर सवाल उठने लगे हैं। सिंचाई विभाग के ठेकेदारों ने एक-दूसरे का कार्यक्षेत्र बताकर गांव ढाणी ढोबा से मल्हड़ जाने वाली सड़क के साथ बने रंगोई नाले की करीब 500 मीटर लंबाई में सफाई करने से इन्कार कर दिया है। इससे ग्रामीणों में रोष है।
ग्रामीणों का कहना है कि नाले में जमा गंदगी और दो पुलों के नीचे अवरोध के कारण बारिश के दौरान पानी की निकासी प्रभावित हो सकती है जिससे खेतों और ढाणियों में जलभराव का खतरा बढ़ गया है। समय रहते सफाई कार्य पूरा नहीं होने पर किसानों को फसलों के नुकसान की आशंका सता रही है।
ग्रामीणों के अनुसार रंगोई नाले की सफाई का कार्य कई दिनों से चल रहा था। करीब 15 दिन पहले ठेकेदार के कर्मचारी काम छोड़ कर चले गए। इस दौरान जब उन कर्मचारियों को इस बारे में पूछा तो उनका कहना था कि सिंचाई विभाग की ओर से दूसरे ठेकेदार के कर्मचारी आएंगे वो यह काम करेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि यदि मानसून के दौरान अधिक बारिश हुई तो नाले का पानी खेतों और आसपास के घरों में घुस सकता है।
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सीमा का विवाद ठेकेदार ने रोकी सफाई
गांव ढाणी ढोबा के किसान शंकर, सुरेश, प्रवीन, संदीप, रामेश्वर आदि ने बताया कि हर वर्ष बारिश के मौसम में जलभराव की समस्या सामने आती है। इस बार भी स्थिति में कोई विशेष सुधार दिखाई नहीं दे रहा। समय रहते नाले की पूरी सफाई नहीं होने से किसानों को अपनी खड़ी फसलों की चिंता सताने लगी है। उनका मानना है कि पानी की निकासी बाधित होने पर फसलें खराब हो सकती हैं, जिससे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। प्रशासन की ओर से समय से पहले सफाई का काम तो शुरू कर दिया गया है लेकिन कुछ जगह पर काम बीच में ही छोड़ दिया जा रहा है। करीब 15 दिनाें से पहले प्रशासन से इस हिस्से में सफाई को लेकर संपर्क कर चुके है लेकिन सीमा विवाद के कारण काम रुक गया है, विभाग के जेई से बात करते है तो वह बोलते है कि यह इलाके में अधीन नहीं आता है। उनका कहना है कि तैयारियों के दावे तो किए जा रहे हैं, मगर मौके पर कार्य की वास्तविक स्थिति अलग नजर आती है। लोगों का आरोप है कि मानसून की बारिश शुरू होने के बाद उठाए गए कदमों का कोई विशेष लाभ नहीं रहेगा क्योंकि तब तक नुकसान हो चुका होगा।
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अधिकारियों के निरीक्षण के बाद काम अधूरे
फतेहाबाद व रतिया को बाढ़ से बचाने के लिए रंगाई नाला व घग्घर नदी ही एकमात्र सहारा है। बारिश का पानी इन्हीं में डाला जाता है ताकि बारिश का पानी आबादी क्षेत्र में प्रवेश न कर सके। मानसून नजदीक होने के चलते उपायुक्त डॉ. विवेक भारती सहित आला अधिकारी कई बार रंगोई नाला व घग्घर नदी का निरीक्षण कर चुके है और बारिश के पानी की निकासी को लेकर सिंचाई विभाग के अधिकारी निर्देश भी दिए गए है कि मानसून से पहले हर हाल में नालों व नदियों की पूर्ण सफाई करवाई जाए।
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मानसून आने में अधिक समय नहीं बचा है, लेकिन नाले की सफाई अभी तक पूरी नहीं हुई। अधिकारियों की ओर से केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारी बारिश की स्थिति में सबसे अधिक नुकसान किसानों को झेलना पड़ेगा।
- किसान शंकर, निवासी गांव ढाणी ढोबा।
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हर साल बरसात से पहले सफाई की बातें होती हैं, लेकिन कार्य अधूरा रह जाता है। उनके अनुसार यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो कई घरों में पानी भर सकता है और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
- किसान साधुराम, निवासी गांव ढाणी ढोबा।
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कई बार अधिकारियों को समस्या बताई गई, लेकिन अब तक सुनवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि बारिश के बाद नुकसान होने पर जिम्मेदारी से बचने की कोशिश की जाएगी, इसलिए अभी तत्काल कार्रवाई जरूरी है।
- किसान पृथ्वी सिंह, निवासी गांव ढाणी ढोबा।
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रंगाेई नाले के कार्यक्षेत्र को लेकर संबंधित अधिकारियों व ठेकेदारों को निर्देश जारी कर सफाई करवाई जाएगी। मानसून से पहले जिले के सभी नाले व नदियों की पूर्ण सफाई करवा दी जाएगी। ग्रामीणाें को मानसून के मौसम में कोई दिक्कत नहीं आने देंगे।
- एन के भोला, एक्सईन सिंचाई विभाग फतेहाबाद।
ग्रामीणों का कहना है कि नाले में जमा गंदगी और दो पुलों के नीचे अवरोध के कारण बारिश के दौरान पानी की निकासी प्रभावित हो सकती है जिससे खेतों और ढाणियों में जलभराव का खतरा बढ़ गया है। समय रहते सफाई कार्य पूरा नहीं होने पर किसानों को फसलों के नुकसान की आशंका सता रही है।
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ग्रामीणों के अनुसार रंगोई नाले की सफाई का कार्य कई दिनों से चल रहा था। करीब 15 दिन पहले ठेकेदार के कर्मचारी काम छोड़ कर चले गए। इस दौरान जब उन कर्मचारियों को इस बारे में पूछा तो उनका कहना था कि सिंचाई विभाग की ओर से दूसरे ठेकेदार के कर्मचारी आएंगे वो यह काम करेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि यदि मानसून के दौरान अधिक बारिश हुई तो नाले का पानी खेतों और आसपास के घरों में घुस सकता है।
सीमा का विवाद ठेकेदार ने रोकी सफाई
गांव ढाणी ढोबा के किसान शंकर, सुरेश, प्रवीन, संदीप, रामेश्वर आदि ने बताया कि हर वर्ष बारिश के मौसम में जलभराव की समस्या सामने आती है। इस बार भी स्थिति में कोई विशेष सुधार दिखाई नहीं दे रहा। समय रहते नाले की पूरी सफाई नहीं होने से किसानों को अपनी खड़ी फसलों की चिंता सताने लगी है। उनका मानना है कि पानी की निकासी बाधित होने पर फसलें खराब हो सकती हैं, जिससे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। प्रशासन की ओर से समय से पहले सफाई का काम तो शुरू कर दिया गया है लेकिन कुछ जगह पर काम बीच में ही छोड़ दिया जा रहा है। करीब 15 दिनाें से पहले प्रशासन से इस हिस्से में सफाई को लेकर संपर्क कर चुके है लेकिन सीमा विवाद के कारण काम रुक गया है, विभाग के जेई से बात करते है तो वह बोलते है कि यह इलाके में अधीन नहीं आता है। उनका कहना है कि तैयारियों के दावे तो किए जा रहे हैं, मगर मौके पर कार्य की वास्तविक स्थिति अलग नजर आती है। लोगों का आरोप है कि मानसून की बारिश शुरू होने के बाद उठाए गए कदमों का कोई विशेष लाभ नहीं रहेगा क्योंकि तब तक नुकसान हो चुका होगा।
अधिकारियों के निरीक्षण के बाद काम अधूरे
फतेहाबाद व रतिया को बाढ़ से बचाने के लिए रंगाई नाला व घग्घर नदी ही एकमात्र सहारा है। बारिश का पानी इन्हीं में डाला जाता है ताकि बारिश का पानी आबादी क्षेत्र में प्रवेश न कर सके। मानसून नजदीक होने के चलते उपायुक्त डॉ. विवेक भारती सहित आला अधिकारी कई बार रंगोई नाला व घग्घर नदी का निरीक्षण कर चुके है और बारिश के पानी की निकासी को लेकर सिंचाई विभाग के अधिकारी निर्देश भी दिए गए है कि मानसून से पहले हर हाल में नालों व नदियों की पूर्ण सफाई करवाई जाए।
मानसून आने में अधिक समय नहीं बचा है, लेकिन नाले की सफाई अभी तक पूरी नहीं हुई। अधिकारियों की ओर से केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारी बारिश की स्थिति में सबसे अधिक नुकसान किसानों को झेलना पड़ेगा।
- किसान शंकर, निवासी गांव ढाणी ढोबा।
हर साल बरसात से पहले सफाई की बातें होती हैं, लेकिन कार्य अधूरा रह जाता है। उनके अनुसार यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो कई घरों में पानी भर सकता है और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
- किसान साधुराम, निवासी गांव ढाणी ढोबा।
कई बार अधिकारियों को समस्या बताई गई, लेकिन अब तक सुनवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि बारिश के बाद नुकसान होने पर जिम्मेदारी से बचने की कोशिश की जाएगी, इसलिए अभी तत्काल कार्रवाई जरूरी है।
- किसान पृथ्वी सिंह, निवासी गांव ढाणी ढोबा।
रंगाेई नाले के कार्यक्षेत्र को लेकर संबंधित अधिकारियों व ठेकेदारों को निर्देश जारी कर सफाई करवाई जाएगी। मानसून से पहले जिले के सभी नाले व नदियों की पूर्ण सफाई करवा दी जाएगी। ग्रामीणाें को मानसून के मौसम में कोई दिक्कत नहीं आने देंगे।
- एन के भोला, एक्सईन सिंचाई विभाग फतेहाबाद।