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Fatehabad News: अतिक्रमण की भेंट चढ़ा साझा बाजार, 6 दुकानें बंद, महिलाओं के अरमानों पर फिरा पानी

संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Mon, 16 Feb 2026 12:56 AM IST
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Encroachment has left the common market, with six shops closed, and women's aspirations thwarted.
शहर के थाना रोड पर कार पार्किंग में बनाई साझा बाजार की दुकानें, पिछले 4 महीनों से बंद है।
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फतेहाबाद। शहर के थाना रोड स्थित कार पार्किंग में महिला सशक्तीकरण के उद्देश्य से शुरू किया गया साझा बाजार बंद हो गया है। प्रशासन के सहयोग के अभाव और बढ़ते अतिक्रमण के कारण यहां संचालित होने वाली सभी 6 दुकानें बंद हो गई हैं।
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स्वरोजगार का सपना संजो रही महिला संचालकों को लाखों का आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है। वहीं दुकानें बंद होने के बाद अब उनके पास पिछले चार महीनों से कोई काम नहीं है। साझा बाजार में मिट्टी के बर्तनों की दुकान सुमित्रा, लोहे के बर्तन की दुकान सुनीता, फोटो फ्रेम की दुकान पायल, दूध-पनीर का काम रेखारानी, जनरल स्टोर नीतू रानी और फल की दुकान राजरानी ने उत्साह के साथ और मुनाफा की उम्मीद लेकर शुरू किया था।
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इन महिलाओं ने अपना कीमती जमा-पूंजी लगाकर दुकानों में बिजली फिटिंग और अन्य साज-सज्जा का काम करवाया था। लेकिन अब स्थिति यह है कि दुकानों पर ताले लटके हैं और दुकानें खाली हैं।
अतिक्रमण ने छीनी रोजी-रोटी

दुकानदार सुमित्रा, सुनीता और पायल आदि का कहना है कि उनकी दुकानों के ठीक सामने कपड़ा विक्रेताओं का अतिक्रमण है, जिससे ग्राहकों का दुकानों तक पहुंचना नामुमकिन हो गया। प्रशासन ने कई बार आश्वासन दिया कि दुकानों के आगे से अतिक्रमण हटाया जाएगा, लेकिन धरातल पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। प्रशासन ने वादा किया था कि रास्ता साफ कराया जाएगा, लेकिन स्थिति जस की तस बनी रही। इसी अतिक्रमण की वजह से दिवाली का सीजन पूरी तरह मंदा रहा।
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प्रशासनिक उदासीनता और आर्थिक संकट

दुकानें बंद होने से इन महिलाओं को लाखों का नुकसान हुआ है। संचालकों का कहना है कि दुकानें बंद होने के कारण परिवार के भरण-पोषण में दिक्कत आ रही है। बार-बार गुहार लगाने के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस मदद नहीं मिली। महिलाओं ने मांग की है कि प्रशासन उनके नुकसान की भरपाई करे और दुकानों के सामने से स्थायी रूप से अतिक्रमण हटाकर उन्हें दोबारा काम शुरू करने का माहौल दें या फिर उनके नुकसान की भरपाई करवाई जाए।


:: साझा बाजार की दुकानें किसी दुकानदार के लिए स्थायी नहीं होती। ऐसे में इसे समय-समय पर बदला जाता है। हमारी तरफ से दुकानों को सभी सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई थीं।

-सतबीर, डीपीएम, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, फतेहाबाद।



:: साझा बाजार की दुकानों के बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है। इसे बारे में ईओ जानकारी देंगे।

-निक्की गोयल, डीपीएम, शहरी आजीविका मिशन, फतेहाबाद।
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