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Fatehabad News: निपुण से परखेंगे बुनियादी शिक्षा की नींव, नौनिहालों की होगी दक्षता जांच
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फतेहाबाद में शिक्षक मोबाइल एप पर छात्र का मूल्यांकन करते हुए स्त्रोत शिक्षा विभाग
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फतेहाबाद। निपुण हरियाणा मिशन के तहत जिले के राजकीय विद्यालयों में बालवाटिका से कक्षा तृतीय तक के 23,765 विद्यार्थियों का सावधिक आकलन-1 मंगलवार से शुरू हो गया। शिक्षा विभाग हिंदी और गणित विषय में विद्यार्थियों के अधिगम स्तर की जांच कर रहा है।
शिक्षक मोबाइल एप के माध्यम से मूल्यांकन कर रहे हैं। जिले में 384 प्राइमरी स्कूल हैं। सावधिक आकलन-1 का उद्देश्य विद्यार्थियों में आधारभूत साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान से जुड़ी दक्षताओं की वर्तमान स्थिति जानना है। इससे विद्यार्थियों की सीखने की प्रगति का भी आकलन होगा।
इस दौरान भाषा और गणित विषय में उनकी आधारभूत दक्षताओं की जांच की जाएगी। आकलन के परिणामों से विद्यार्थियों की दक्षता-वार अधिगम स्थिति की पहचान होगी। इससे शिक्षकों को उन विद्यार्थियों की जानकारी मिलेगी जिन्हें अतिरिक्त सहयोग की जरूरत है।
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परिणामों के आधार पर विद्यालय स्तर पर उपचारात्मक शिक्षण की योजना बनाई जाएगी। विद्यार्थियों की जरूरत के अनुसार आवश्यक गतिविधियां भी कराई जाएंगी। इस आकलन से शिक्षकों को विद्यार्थियों की शैक्षणिक स्थिति समझने में मदद मिलेगी। इससे कमजोर दक्षताओं की पहचान कर समय रहते सुधारात्मक प्रयास किए जा सकेंगे।
जिला संयोजक दिलबाग सिंह का कहना है कि आकलन से प्राप्त परिणामों के आधार पर विद्यार्थियों की दक्षता-वार अधिगम स्थिति की पहचान होगी। इससे शिक्षकों को उन विद्यार्थियों को पहचानने में मदद मिलेगी जिन्हें अतिरिक्त सहायता की जरूरत है। इन परिणामों के आधार पर विद्यालय स्तर पर उपचारात्मक शिक्षण की योजना बनाई जाएगी।
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184 विद्यालयों के शिक्षकों को डिजिटल शिक्षण का प्रशिक्षण
संपर्क फाउंडेशन जिले के 184 विद्यालयों के शिक्षकों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। इसका उद्देश्य शिक्षकों को संपर्क टीवी बॉक्स और संपर्क स्मार्ट शाला एप जैसे डिजिटल शिक्षण संसाधनों के प्रभावी उपयोग के लिए प्रशिक्षित करना रहा। प्रशिक्षण में शिक्षकों को कक्षा शिक्षण में डिजिटल संसाधनों के प्रभावी उपयोग की जानकारी दी गई। उन्हें विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने और विषय-वस्तु को सरल, रोचक बनाने के तरीके बताए गए।
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गतिविधि आधारित शिक्षण पर जानकारी दी
शिक्षकों को संपर्क टीवी बॉक्स के माध्यम से उपलब्ध शैक्षणिक सामग्री का नियमित उपयोग सुनिश्चित करने का मार्गदर्शन मिला। डिजिटल सामग्री और गतिविधि आधारित शिक्षण पर विस्तार से जानकारी दी गई। सीखने के परिणामों में सुधार से संबंधित पहलुओं पर भी चर्चा हुई। शिक्षकों को बताया गया कि डिजिटल संसाधनों का उपयोग बच्चों की अवधारणात्मक समझ विकसित करने के लिए किया जाना चाहिए यह केवल मनोरंजन के लिए नहीं है।
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अधिकारियों की राय और पाठ्यक्रम अनुरूप सामग्री
डिजिटल शिक्षण संसाधनों का प्रभावी उपयोग वर्तमान समय की आवश्यकता है। संपर्क फाउंडेशन के संसाधन शिक्षकों को कक्षा शिक्षण को अधिक सरल और प्रभावशाली बनाने में सहयोग दे रहे हैं।
- अनीता बाई, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी।
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संपर्क फाउंडेशन के डिजिटल संसाधन शिक्षण को बच्चों के लिए सरल और प्रभावशाली बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
- दिलबाग सिंह, जिला संयोजक एफएलएन।
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शिक्षक मोबाइल एप के माध्यम से मूल्यांकन कर रहे हैं। जिले में 384 प्राइमरी स्कूल हैं। सावधिक आकलन-1 का उद्देश्य विद्यार्थियों में आधारभूत साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान से जुड़ी दक्षताओं की वर्तमान स्थिति जानना है। इससे विद्यार्थियों की सीखने की प्रगति का भी आकलन होगा।
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इस दौरान भाषा और गणित विषय में उनकी आधारभूत दक्षताओं की जांच की जाएगी। आकलन के परिणामों से विद्यार्थियों की दक्षता-वार अधिगम स्थिति की पहचान होगी। इससे शिक्षकों को उन विद्यार्थियों की जानकारी मिलेगी जिन्हें अतिरिक्त सहयोग की जरूरत है।
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परिणामों के आधार पर विद्यालय स्तर पर उपचारात्मक शिक्षण की योजना बनाई जाएगी। विद्यार्थियों की जरूरत के अनुसार आवश्यक गतिविधियां भी कराई जाएंगी। इस आकलन से शिक्षकों को विद्यार्थियों की शैक्षणिक स्थिति समझने में मदद मिलेगी। इससे कमजोर दक्षताओं की पहचान कर समय रहते सुधारात्मक प्रयास किए जा सकेंगे।
जिला संयोजक दिलबाग सिंह का कहना है कि आकलन से प्राप्त परिणामों के आधार पर विद्यार्थियों की दक्षता-वार अधिगम स्थिति की पहचान होगी। इससे शिक्षकों को उन विद्यार्थियों को पहचानने में मदद मिलेगी जिन्हें अतिरिक्त सहायता की जरूरत है। इन परिणामों के आधार पर विद्यालय स्तर पर उपचारात्मक शिक्षण की योजना बनाई जाएगी।
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184 विद्यालयों के शिक्षकों को डिजिटल शिक्षण का प्रशिक्षण
संपर्क फाउंडेशन जिले के 184 विद्यालयों के शिक्षकों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। इसका उद्देश्य शिक्षकों को संपर्क टीवी बॉक्स और संपर्क स्मार्ट शाला एप जैसे डिजिटल शिक्षण संसाधनों के प्रभावी उपयोग के लिए प्रशिक्षित करना रहा। प्रशिक्षण में शिक्षकों को कक्षा शिक्षण में डिजिटल संसाधनों के प्रभावी उपयोग की जानकारी दी गई। उन्हें विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने और विषय-वस्तु को सरल, रोचक बनाने के तरीके बताए गए।
गतिविधि आधारित शिक्षण पर जानकारी दी
शिक्षकों को संपर्क टीवी बॉक्स के माध्यम से उपलब्ध शैक्षणिक सामग्री का नियमित उपयोग सुनिश्चित करने का मार्गदर्शन मिला। डिजिटल सामग्री और गतिविधि आधारित शिक्षण पर विस्तार से जानकारी दी गई। सीखने के परिणामों में सुधार से संबंधित पहलुओं पर भी चर्चा हुई। शिक्षकों को बताया गया कि डिजिटल संसाधनों का उपयोग बच्चों की अवधारणात्मक समझ विकसित करने के लिए किया जाना चाहिए यह केवल मनोरंजन के लिए नहीं है।
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अधिकारियों की राय और पाठ्यक्रम अनुरूप सामग्री
डिजिटल शिक्षण संसाधनों का प्रभावी उपयोग वर्तमान समय की आवश्यकता है। संपर्क फाउंडेशन के संसाधन शिक्षकों को कक्षा शिक्षण को अधिक सरल और प्रभावशाली बनाने में सहयोग दे रहे हैं।
- अनीता बाई, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी।
संपर्क फाउंडेशन के डिजिटल संसाधन शिक्षण को बच्चों के लिए सरल और प्रभावशाली बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
- दिलबाग सिंह, जिला संयोजक एफएलएन।