{"_id":"6a84974b009f267a1c02ba66","slug":"guest-teachers-demanded-the-initiation-of-the-regularization-process-fatehabad-news-c-127-1-ftb1003-159474-2026-08-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehabad News: अतिथि अध्यापकों ने नियमितीकरण प्रक्रिया शुरू करने की मांग उठाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehabad News: अतिथि अध्यापकों ने नियमितीकरण प्रक्रिया शुरू करने की मांग उठाई
Tue, 18 Aug 2026 11:02 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Tue, 18 Aug 2026 11:02 PM IST
विज्ञापन
फतेहाबाद। नियमित करने के लिए बीईओ को ज्ञापन सौंपते अनुबंधित अध्यापक संघ के सदस्य। संघ
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फतेहाबाद। अतिथि अध्यापकों ने 2014 की नियमितीकरण नीतियों के तहत पात्र शिक्षकों को पक्का करने की प्रक्रिया तुरंत शुरू करने की मांग की है। राजकीय अनुबंधित अध्यापक संघ ने कुलदीप लोहान की अध्यक्षता में खंड शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
संघ ने सर्वोच्च न्यायालय और पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के फैसलों का पालन करने की मांग की। कर्मचारी नेताओं ने बताया कि हरियाणा सरकार ने अनियमित शिक्षकों और कर्मचारियों को नियमित करने के लिए 16 और 18 जून 2014 को नीतियां बनाई थीं।
लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद 16 अप्रैल को सर्वोच्च न्यायालय ने इन नीतियों को वैध माना। अदालत ने सेवा शर्तें पूरी करने वाले कर्मचारियों को नियमित करने का आदेश दिया है। संघ ने बताया कि 27 मई को पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने सुखविंदर सिंह व अन्य मामले में अपना फैसला सुनाया है।
विज्ञापन
अदालत ने शिक्षकों को राष्ट्र निर्माण की आधारशिला बताया। अदालत ने कहा कि शिक्षकों को लंबे समय तक अनियमित रखना अन्यायपूर्ण है। आदेश में 2014 की नीतियों के तहत पात्र अतिथि अध्यापकों को दो माह में नियमित करने के निर्देश दिए गए।
संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि अदालत के स्पष्ट आदेश के बावजूद शिक्षा विभाग और सरकार ने अभी तक नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू नहीं की है। उन्होंने प्रदेश सरकार से इस बारे में जल्द कार्रवाई की मांग की है ताकि अध्यापकों को उनका हक मिल सके।
संघ सदस्यों ने प्रदेश सरकार पर आरोप लगाया उनका हक देने में जानबूझकर देरी की जा रही है। इस अवसर पर हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के जिला प्रधान राजपाल मिताथल, राज्य ऑडिटर सुरजीत दुसाद, संदीप सिंह, रणधीर सिंह, सुमन रानी, शकुंतला, जिला कार्यालय सचिव राधेश्याम और खंड सचिव मुरारी लाल आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
संघ ने सर्वोच्च न्यायालय और पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के फैसलों का पालन करने की मांग की। कर्मचारी नेताओं ने बताया कि हरियाणा सरकार ने अनियमित शिक्षकों और कर्मचारियों को नियमित करने के लिए 16 और 18 जून 2014 को नीतियां बनाई थीं।
विज्ञापन
लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद 16 अप्रैल को सर्वोच्च न्यायालय ने इन नीतियों को वैध माना। अदालत ने सेवा शर्तें पूरी करने वाले कर्मचारियों को नियमित करने का आदेश दिया है। संघ ने बताया कि 27 मई को पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने सुखविंदर सिंह व अन्य मामले में अपना फैसला सुनाया है।
विज्ञापन
अदालत ने शिक्षकों को राष्ट्र निर्माण की आधारशिला बताया। अदालत ने कहा कि शिक्षकों को लंबे समय तक अनियमित रखना अन्यायपूर्ण है। आदेश में 2014 की नीतियों के तहत पात्र अतिथि अध्यापकों को दो माह में नियमित करने के निर्देश दिए गए।
संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि अदालत के स्पष्ट आदेश के बावजूद शिक्षा विभाग और सरकार ने अभी तक नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू नहीं की है। उन्होंने प्रदेश सरकार से इस बारे में जल्द कार्रवाई की मांग की है ताकि अध्यापकों को उनका हक मिल सके।
संघ सदस्यों ने प्रदेश सरकार पर आरोप लगाया उनका हक देने में जानबूझकर देरी की जा रही है। इस अवसर पर हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के जिला प्रधान राजपाल मिताथल, राज्य ऑडिटर सुरजीत दुसाद, संदीप सिंह, रणधीर सिंह, सुमन रानी, शकुंतला, जिला कार्यालय सचिव राधेश्याम और खंड सचिव मुरारी लाल आदि उपस्थित रहे।