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Fatehabad News: अब नशा पीड़ितों को सिरिंज नहीं देगा रेडक्रॉस
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sun, 21 Jun 2026 11:13 PM IST
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फतेहाबाद में नशा मुक्ति केंद्र संवाद
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फतेहाबाद। केंद्र सरकार के टीआई प्रोजेक्ट यानि लक्षित हस्तक्षेप के तहत अब नशा करने वाले युवाओं को सिरिंज नहीं दी जाएगी। जिले में रेडक्रॉस और शांति युवा मंडल के तहत ये प्रोजेक्ट चलाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय ने इस पर रोक लगाने के निर्देश जारी किए हैं। बीमारियां कम होने की जगह बढ़ने के चलते ये कदम उठाया गया है।
नशा करने वाले युवाओं को हेपेटाइटिस सी और एचआईवी बीमारी से बचाने के लिए प्रशासन द्वारा टीआई प्रोजेक्ट के तहत सिरिंज उपलब्ध करवाई जा रही थी। हालांकि शिकायतें मिलने के चलते इस साल अप्रैल माह में प्रशासन ने इस पर रोक लगाने के निर्देश जारी किए थे। प्रशासनिक अधिकारियों ने इस मामले को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के सामने भी रखा। इसके बाद इस पर रोक लगाई गई है। जिले में इंजेक्शन के जरिये हेरोइन नशा लेने वाले 582 युवा रजिस्टर्ड हुए हैं। इसमें 398 मरीज एचआईवी और हेपेटाइटिस सी से ग्रस्त मिले हैं। संवाद
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- सिरिंज का हो रहा है गलत इस्तेमाल
जिले में फतेहाबाद और रतिया में टीआई प्रोजेक्ट को रेडक्रॉस और जाखल व टोहाना में इसे शांति युवा मंडल की देखरेख में चलाया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट के तहत गंभीर बीमारियों जैसे कि हेपेटाइटिस सी और एचआईवी को रोकने के लिए सिरिंज बांटनी शुरू की गई है। इसके पीछे कारण ये था कि युवा अगर हेरोइन का नशा कर रहा है तो वह खुद की सिरिंज का ही इस्तेमाल करें और उसे नष्ट कर दे लेकिन जो सिरिंज उसे मिल रही है उसका इस्तेमाल संगत में शामिल दूसरे युवा भी कर रहे हैं। इससे बीमारी बढ़ रही है। नशा करने वाले सभी युवाओं तक सिरिंज पहुंच नहीं रही है। वे दूसरे साथी की सिरिंज का इस्तेमाल कर रहे हैं।
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नशा ले रहे 19 फीसदी एचआईवी संक्रमित
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक 582 मरीज ओएसटी में रजिस्टर्ड हुए हैं। जांच के दौरान इसमें 111 मरीज एचआईवी संक्रमित मिले हैं। इसके अलावा 287 मरीज हेपेटाइटिस सी ग्रस्त मिले हैं।
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नशा मुक्ति केंद्र फतेहाबाद में दाखिल मरीजों की स्थिति
वर्ष ओपीडी दाखिल मरीज
2018 2315 2157
2019 7104 456
2020 4105 161
2021 1622 106
2022 2768 419
2023 2452 251
2024 2231 244
2025 3274 228
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अभी फिलहाल सिरिंज देने पर रोक लगाई गई है। सिरिंज के गलत इस्तेमाल कारण हो सकता है। हालांकि जिले में प्रशासन ने पहले ही रोक लगा दी थी।
- सुमित कुमार, प्रोजेक्ट मैनेजर, टीआई, शांति युवा मंडल
नशा करने वाले युवाओं को हेपेटाइटिस सी और एचआईवी बीमारी से बचाने के लिए प्रशासन द्वारा टीआई प्रोजेक्ट के तहत सिरिंज उपलब्ध करवाई जा रही थी। हालांकि शिकायतें मिलने के चलते इस साल अप्रैल माह में प्रशासन ने इस पर रोक लगाने के निर्देश जारी किए थे। प्रशासनिक अधिकारियों ने इस मामले को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के सामने भी रखा। इसके बाद इस पर रोक लगाई गई है। जिले में इंजेक्शन के जरिये हेरोइन नशा लेने वाले 582 युवा रजिस्टर्ड हुए हैं। इसमें 398 मरीज एचआईवी और हेपेटाइटिस सी से ग्रस्त मिले हैं। संवाद
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- सिरिंज का हो रहा है गलत इस्तेमाल
जिले में फतेहाबाद और रतिया में टीआई प्रोजेक्ट को रेडक्रॉस और जाखल व टोहाना में इसे शांति युवा मंडल की देखरेख में चलाया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट के तहत गंभीर बीमारियों जैसे कि हेपेटाइटिस सी और एचआईवी को रोकने के लिए सिरिंज बांटनी शुरू की गई है। इसके पीछे कारण ये था कि युवा अगर हेरोइन का नशा कर रहा है तो वह खुद की सिरिंज का ही इस्तेमाल करें और उसे नष्ट कर दे लेकिन जो सिरिंज उसे मिल रही है उसका इस्तेमाल संगत में शामिल दूसरे युवा भी कर रहे हैं। इससे बीमारी बढ़ रही है। नशा करने वाले सभी युवाओं तक सिरिंज पहुंच नहीं रही है। वे दूसरे साथी की सिरिंज का इस्तेमाल कर रहे हैं।
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नशा ले रहे 19 फीसदी एचआईवी संक्रमित
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक 582 मरीज ओएसटी में रजिस्टर्ड हुए हैं। जांच के दौरान इसमें 111 मरीज एचआईवी संक्रमित मिले हैं। इसके अलावा 287 मरीज हेपेटाइटिस सी ग्रस्त मिले हैं।
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नशा मुक्ति केंद्र फतेहाबाद में दाखिल मरीजों की स्थिति
वर्ष ओपीडी दाखिल मरीज
2018 2315 2157
2019 7104 456
2020 4105 161
2021 1622 106
2022 2768 419
2023 2452 251
2024 2231 244
2025 3274 228
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अभी फिलहाल सिरिंज देने पर रोक लगाई गई है। सिरिंज के गलत इस्तेमाल कारण हो सकता है। हालांकि जिले में प्रशासन ने पहले ही रोक लगा दी थी।
- सुमित कुमार, प्रोजेक्ट मैनेजर, टीआई, शांति युवा मंडल