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Fatehabad News: शराब खुर्दबुर्द करने का आरोपी थाना प्रभारी गिरफ्तार, मालखाना इंचार्ज सस्पेंड
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sun, 21 Jun 2026 11:56 PM IST
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फतेहाबाद के सदर थाना में जांच करते हुए एसआईटी सदस्य संवाद
- फोटो : सांकेतिक
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फतेहाबाद। सदर थाने में मालखाने से शराब खुर्दबुर्द करने के दो मामलों में फंसे एसएचओ प्रहलाद सिंह को पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जहां से उन्हें कर एक दिन के रिमांड पर लिया है। इस मामले में लापरवाही बरतने वाले मालखाना इंचार्ज मुख्य सिपाही कमल कुमार को निलंबित कर दिया गया है। एसआईटी पूरे प्रकरण की जांच कर रही है।
डीएसपी जगदीश काजला के नेतृत्व में बनाई एसआईटी ने शराब बरामदगी के दोनों मामलों की जांच की और मालखाने का रिकॉर्ड खंगाला। टीम में शहर थाना प्रभारी सुरेंद्र, सदर थाना प्रभारी प्रहलाद राय के अलावा आर्थिक अपराध शाखा के अधिकारी भी शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि 5 जून को जब शराब नष्ट की जानी थी। इससे पहले ही कुछ पेटियां अलग रखने की योजना बना ली गई थी। ये पेटियां कंटेनर से बाहर निकाली ही नहीं गई। ड्यूटी मजिस्ट्रेट एईटीओ रविंद्र सैनी ने भी जांच नहीं की कि कुल कितनी पेटियां थी और इनमें से कितनी नष्ट की जा रही हैं। थाने के अधिकारियों के कहने पर सारी शराब नष्ट दिखाकर खानापूर्ति कर दी गई। वीडियोग्राफी भी सिर्फ नष्ट की जा रही शराब की बोतलों की ही करवाई। कंटेनर के अंदर की वीडियोग्राफी नहीं की गई।
एसएचओ ने 15 पेटियां हवालात में रखवाईं
मार्च 2024 के मुकदमा नंबर 80 में पुलिस ने राजस्थान नंबर के कंटेनर से शराब की बोतलें बरामद की थी। इस मामले में 5 जून 2026 को कोर्ट के आदेश पर शराब को नष्ट किया गया लेकिन मुख्य सिपाही कमल ने जांच के दौरान एएसपी दिव्यांशी सिंगला को बताया कि कंटेनर में 180 पेटियां रखवाई गई थीं और 15 पेटियां हवालात में रखी थी। कमल के अनुसार एसएचओ ने इन पेटियों का निपटारा बाद में करने का कहकर रखवाया था। जबकि रिपोर्ट में पूरी नष्ट करनी दिखा दी गई। होमगार्ड रामभगत ने जांच में बताया कि दो-दो बोतल शराब कर्मचारियों को दी गई थी लेकिन मांगी किसी ने नहीं थी।
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रात 10 बजे आखिर क्यों रखवाई गईं पेटियां
जांच में ये भी सवाल उठा है 15 जून की रात एसएचओ ने 6 पेटियां अपनी गाड़ी में आखिर क्यों रखवाई थी। होमगार्ड अनिल और विक्रम एएसपी की जांच में बता चुके हैं कि उन्होंने तीन-तीन पेटियां रात 10 बजे एसएचओ की गाड़ी में रखी थी।
अधिकारियों और कर्मचारियों के बयान अलग-अलग
एसपी निकिता खट्टर को शिकायत मिली थी कि सदर थाने में शराब को खुर्दबुर्द किया गया है। एएसपी दिव्यांशी सिंगला ने जांच की तो पता चला कि एक मार्च 2024 में पकड़ी गई शराब को कोर्ट के आदेश पर पूरी तरह से नष्ट नहीं किया गया। वर्ष 2021 के शराब बरामदगी मामले में 561 बोतलें कम मिलीं। जांच में एसएचओ प्रहलाद सिंह, मुंशी कमल, होमगार्ड के बयान भी अलग-अलग पाए गए।
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पहले भी हो चुके लाइन हाजिर
आरोपी प्रहलाद सिंह पहले भी सदर थाने में प्रभारी रह चुके है। वर्ष 2020 में बीमा करवाने के आरोप में शिकायत मिलने पर प्रहलाद सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया था। आरोप था कि एसएचओ बीमा करवाने के लिए दबाव डालते थे। शिकायत के बाद तत्कालीन एसपी ने लाइन हाजिर कर दिया था।
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अभी जांच जारी है। आरोपी थाना प्रभारी को कोर्ट से एक दिन के रिमांड पर लिया है। मालखाना इंचार्ज को सस्पेंड किया गया है और उसके खिलाफ विभागीय जांच शुरू की है।
- जगदीश काजला, डीएसपी
डीएसपी जगदीश काजला के नेतृत्व में बनाई एसआईटी ने शराब बरामदगी के दोनों मामलों की जांच की और मालखाने का रिकॉर्ड खंगाला। टीम में शहर थाना प्रभारी सुरेंद्र, सदर थाना प्रभारी प्रहलाद राय के अलावा आर्थिक अपराध शाखा के अधिकारी भी शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि 5 जून को जब शराब नष्ट की जानी थी। इससे पहले ही कुछ पेटियां अलग रखने की योजना बना ली गई थी। ये पेटियां कंटेनर से बाहर निकाली ही नहीं गई। ड्यूटी मजिस्ट्रेट एईटीओ रविंद्र सैनी ने भी जांच नहीं की कि कुल कितनी पेटियां थी और इनमें से कितनी नष्ट की जा रही हैं। थाने के अधिकारियों के कहने पर सारी शराब नष्ट दिखाकर खानापूर्ति कर दी गई। वीडियोग्राफी भी सिर्फ नष्ट की जा रही शराब की बोतलों की ही करवाई। कंटेनर के अंदर की वीडियोग्राफी नहीं की गई।
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एसएचओ ने 15 पेटियां हवालात में रखवाईं
मार्च 2024 के मुकदमा नंबर 80 में पुलिस ने राजस्थान नंबर के कंटेनर से शराब की बोतलें बरामद की थी। इस मामले में 5 जून 2026 को कोर्ट के आदेश पर शराब को नष्ट किया गया लेकिन मुख्य सिपाही कमल ने जांच के दौरान एएसपी दिव्यांशी सिंगला को बताया कि कंटेनर में 180 पेटियां रखवाई गई थीं और 15 पेटियां हवालात में रखी थी। कमल के अनुसार एसएचओ ने इन पेटियों का निपटारा बाद में करने का कहकर रखवाया था। जबकि रिपोर्ट में पूरी नष्ट करनी दिखा दी गई। होमगार्ड रामभगत ने जांच में बताया कि दो-दो बोतल शराब कर्मचारियों को दी गई थी लेकिन मांगी किसी ने नहीं थी।
रात 10 बजे आखिर क्यों रखवाई गईं पेटियां
जांच में ये भी सवाल उठा है 15 जून की रात एसएचओ ने 6 पेटियां अपनी गाड़ी में आखिर क्यों रखवाई थी। होमगार्ड अनिल और विक्रम एएसपी की जांच में बता चुके हैं कि उन्होंने तीन-तीन पेटियां रात 10 बजे एसएचओ की गाड़ी में रखी थी।
अधिकारियों और कर्मचारियों के बयान अलग-अलग
एसपी निकिता खट्टर को शिकायत मिली थी कि सदर थाने में शराब को खुर्दबुर्द किया गया है। एएसपी दिव्यांशी सिंगला ने जांच की तो पता चला कि एक मार्च 2024 में पकड़ी गई शराब को कोर्ट के आदेश पर पूरी तरह से नष्ट नहीं किया गया। वर्ष 2021 के शराब बरामदगी मामले में 561 बोतलें कम मिलीं। जांच में एसएचओ प्रहलाद सिंह, मुंशी कमल, होमगार्ड के बयान भी अलग-अलग पाए गए।
पहले भी हो चुके लाइन हाजिर
आरोपी प्रहलाद सिंह पहले भी सदर थाने में प्रभारी रह चुके है। वर्ष 2020 में बीमा करवाने के आरोप में शिकायत मिलने पर प्रहलाद सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया था। आरोप था कि एसएचओ बीमा करवाने के लिए दबाव डालते थे। शिकायत के बाद तत्कालीन एसपी ने लाइन हाजिर कर दिया था।
अभी जांच जारी है। आरोपी थाना प्रभारी को कोर्ट से एक दिन के रिमांड पर लिया है। मालखाना इंचार्ज को सस्पेंड किया गया है और उसके खिलाफ विभागीय जांच शुरू की है।
- जगदीश काजला, डीएसपी