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Fatehabad News: वन विभाग ने तीन वर्षों में 22 लाख पौधे रोपे, अब 10 लाख का नया लक्ष्य
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Fri, 20 Mar 2026 11:22 PM IST
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गांव बड़ोपल की नर्सरी में मानसून में पौधरोपण करने के लिए तैयार किए पौधे। स्रोत : वन विभाग
- फोटो : 1
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फतेहाबाद। जिले में हरियाली बढ़ाने के प्रयासों के तहत वन विभाग ने सड़कों और अन्य मार्गों पर अब तक 18 लाख पौधे सफलतापूर्वक रोपित किए हैं। विभाग ने इस वर्ष 2025-26 के लिए 10 लाख नए पौधों को तैयार करने और रोपित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए गांव बड़ोपल, भूना, सालमखेड़ा और टोहाना में विशेष प्रबंध किए गए हैं।
पिछले तीन वर्षों में वन विभाग ने जिले में कुल 22.85 लाख पौधे रोपित किए हैं। इनमें से 18 लाख पौधे सुरक्षित और जीवित हैं। वर्ष 2022-23 में 7.20 लाख, 2023-24 में 7.65 लाख और 2024-25 में 8 लाख पौधे रोपित किए गए। इन प्रयासों से हवा की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद बढ़ी है और जिले में हरियाली का ग्राफ लगातार ऊपर जा रहा है।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पौधरोपण अभियान को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है। सफल पौधरोपण और उनके संरक्षण से न केवल पर्यावरण में सुधार आएगा, बल्कि यह जिले की सौंदर्यात्मक और पारिस्थितिक स्थिति को भी बेहतर बनाएगा। अधिकारियों के अनुसार इस वर्ष 10 लाख नए पौधों को लगाने से जिले में हरियाली और बढ़ेगी और लंबे समय तक पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित होगा।
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इन स्थानों पर किया पौधरोपण
वन विभाग की योजना के तहत विभाग ने उन स्थानों पर पौधरोपण किया है जहां वास्तव में ही आवश्यकता है। इसमें सरकारी खाली भूमि, प्रमुख सड़कों के किनारे, नहरों की पटरी और किसानों के खेत शामिल हैं। विभाग का मानना है कि इन खाली पड़े स्थानों पर हरियाली विकसित होने से भूजल स्तर में सुधार होगा और जैव विविधता को भी संरक्षण मिलेगा। वहीं मानसून के पौधरोपण करने के लिए बड़ोपल, सालमखेड़ा, भूना और टोहाना की नर्सरी में पौधों को तैयार किया जा रहा है।
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सरकारी योजनाओं से मिला सहयोग
पौधरोपण अभियान को सफल बनाने के लिए विभाग ने इसके लिए एक पेड़ मां के नाम, ई-वनमित्र योजना और जापानी तकनीक मियांवाकी जैसी योजनाओं का सहारा ले रहा है। मियांवाकी पद्धति के जरिए कम जगह में घने जंगल विकसित किए जा रहे हैं। वन विभाग ने सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं और आम जनता को इस मुहिम से जोड़ा है। सामाजिक भागीदारी से ही वनक्षेत्र को बढ़ाया जा सकता है। इससे वायु प्रदूषण में कमी आएगी, और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वातावरण भी मिल सकेगा।
:: वन विभाग की ओर से जिले में वन क्षेत्र को बढ़ाने के लिए पूरे प्रयास किए जा रहे जा रहे हैं। उम्मीद है कि चलाई जा रही मुहिम से जिले के वन क्षेत्र में बढ़ोतरी होगी। वहीं वर्ष 2025-26 के लिए विभाग की ओर से 10 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है।
-राजेश कुमार, जिला वन अधिकारी, फतेहाबाद।
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पिछले तीन वर्षों में वन विभाग ने जिले में कुल 22.85 लाख पौधे रोपित किए हैं। इनमें से 18 लाख पौधे सुरक्षित और जीवित हैं। वर्ष 2022-23 में 7.20 लाख, 2023-24 में 7.65 लाख और 2024-25 में 8 लाख पौधे रोपित किए गए। इन प्रयासों से हवा की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद बढ़ी है और जिले में हरियाली का ग्राफ लगातार ऊपर जा रहा है।
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वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पौधरोपण अभियान को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है। सफल पौधरोपण और उनके संरक्षण से न केवल पर्यावरण में सुधार आएगा, बल्कि यह जिले की सौंदर्यात्मक और पारिस्थितिक स्थिति को भी बेहतर बनाएगा। अधिकारियों के अनुसार इस वर्ष 10 लाख नए पौधों को लगाने से जिले में हरियाली और बढ़ेगी और लंबे समय तक पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित होगा।
इन स्थानों पर किया पौधरोपण
वन विभाग की योजना के तहत विभाग ने उन स्थानों पर पौधरोपण किया है जहां वास्तव में ही आवश्यकता है। इसमें सरकारी खाली भूमि, प्रमुख सड़कों के किनारे, नहरों की पटरी और किसानों के खेत शामिल हैं। विभाग का मानना है कि इन खाली पड़े स्थानों पर हरियाली विकसित होने से भूजल स्तर में सुधार होगा और जैव विविधता को भी संरक्षण मिलेगा। वहीं मानसून के पौधरोपण करने के लिए बड़ोपल, सालमखेड़ा, भूना और टोहाना की नर्सरी में पौधों को तैयार किया जा रहा है।
सरकारी योजनाओं से मिला सहयोग
पौधरोपण अभियान को सफल बनाने के लिए विभाग ने इसके लिए एक पेड़ मां के नाम, ई-वनमित्र योजना और जापानी तकनीक मियांवाकी जैसी योजनाओं का सहारा ले रहा है। मियांवाकी पद्धति के जरिए कम जगह में घने जंगल विकसित किए जा रहे हैं। वन विभाग ने सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं और आम जनता को इस मुहिम से जोड़ा है। सामाजिक भागीदारी से ही वनक्षेत्र को बढ़ाया जा सकता है। इससे वायु प्रदूषण में कमी आएगी, और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वातावरण भी मिल सकेगा।
:: वन विभाग की ओर से जिले में वन क्षेत्र को बढ़ाने के लिए पूरे प्रयास किए जा रहे जा रहे हैं। उम्मीद है कि चलाई जा रही मुहिम से जिले के वन क्षेत्र में बढ़ोतरी होगी। वहीं वर्ष 2025-26 के लिए विभाग की ओर से 10 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है।
-राजेश कुमार, जिला वन अधिकारी, फतेहाबाद।