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Fatehabad News: सिस्टम की सीढ़ी लड़खड़ाई...22 फीट ऊंची हाइड्रोलिक सीढ़ी टूटी, गिरने से कर्मचारी घायल
Wed, 05 Aug 2026 10:53 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Wed, 05 Aug 2026 10:53 PM IST
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क्षतिग्रस्त नगर परिषद द्वारा खरीदी गई हाइड्रॉलिक सीढ़ी
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फतेहाबाद। नगर परिषद द्वारा खरीदी गई हाइड्रॉलिक सीढ़ी एक बार फिर विवादों में आ गई है। बुधवार को हंस मार्केट में टावर के बिजली कनेक्शन करते समय यह सीढ़ी बीच में से टूट गई। इस दुर्घटना में कर्मचारी सन्नी घायल हो गया।
कर्मचारियों ने तुरंत अधिकारियों को घटना की सूचना दी। टूटी हुई सीढ़ी को अब नगर परिषद कार्यालय में लाकर खड़ा कर दिया गया है। सीढ़ी की गुणवत्ता पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि सीढ़ी को संबंधित एजेंसी को वापस लौटाया जाएगा।
नगर परिषद को यह सीढ़ी पिछले माह ही दो साल बाद मिली थी। मिलने के चार दिन बाद ही खड़ी सीढ़ी के टायर टूट गए थे। अमर उजाला के अंक में तब भी इसकी गुणवत्ता को लेकर मुद्दा उठाया गया था।
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करीब दो साल पहले नगर परिषद ने शहर में लाइटों की मरम्मत के लिए यह सीढ़ी खरीदी थी लेकिन सात दिन में ही सीढ़ी के टायर टूट गए थे। गुणवत्ता पर सवाल उठने के बाद नगर परिषद ने इसे एजेंसी को लौटा दिया था। पिछले माह ही एजेंसी ने इसकी लंबाई पांच फीट बढ़ाकर सीढ़ी दोबारा नगर परिषद को सौंपी थी।
निजी संसाधनों पर निर्भर नगर परिषद : कर्मचारियों का कहना है कि यह सीढ़ी 60 किलो वजन भी नहीं उठा पाई। शहर में वर्तमान में करीब साढ़े सात हजार स्ट्रीट लाइटें लगी हुई हैं। ऊंचे पोलों पर लगी लाइटों की मरम्मत के लिए नगर परिषद को निजी संसाधनों पर निर्भर रहना पड़ता है।
जेई नगर परिषद नरेंद्र कुमार ने बताया कि सीढ़ी के बीच में से टूटने का मामला संज्ञान में आया है। सीढ़ी को गुणवत्ता के कारण एजेंसी को लौटाया जाएगा।
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कर्मचारियों ने तुरंत अधिकारियों को घटना की सूचना दी। टूटी हुई सीढ़ी को अब नगर परिषद कार्यालय में लाकर खड़ा कर दिया गया है। सीढ़ी की गुणवत्ता पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि सीढ़ी को संबंधित एजेंसी को वापस लौटाया जाएगा।
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नगर परिषद को यह सीढ़ी पिछले माह ही दो साल बाद मिली थी। मिलने के चार दिन बाद ही खड़ी सीढ़ी के टायर टूट गए थे। अमर उजाला के अंक में तब भी इसकी गुणवत्ता को लेकर मुद्दा उठाया गया था।
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करीब दो साल पहले नगर परिषद ने शहर में लाइटों की मरम्मत के लिए यह सीढ़ी खरीदी थी लेकिन सात दिन में ही सीढ़ी के टायर टूट गए थे। गुणवत्ता पर सवाल उठने के बाद नगर परिषद ने इसे एजेंसी को लौटा दिया था। पिछले माह ही एजेंसी ने इसकी लंबाई पांच फीट बढ़ाकर सीढ़ी दोबारा नगर परिषद को सौंपी थी।
निजी संसाधनों पर निर्भर नगर परिषद : कर्मचारियों का कहना है कि यह सीढ़ी 60 किलो वजन भी नहीं उठा पाई। शहर में वर्तमान में करीब साढ़े सात हजार स्ट्रीट लाइटें लगी हुई हैं। ऊंचे पोलों पर लगी लाइटों की मरम्मत के लिए नगर परिषद को निजी संसाधनों पर निर्भर रहना पड़ता है।
जेई नगर परिषद नरेंद्र कुमार ने बताया कि सीढ़ी के बीच में से टूटने का मामला संज्ञान में आया है। सीढ़ी को गुणवत्ता के कारण एजेंसी को लौटाया जाएगा।