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Fatehabad News: बागवानी पर 70 फीसदी तक मिलेगा अनुदान, नए बाग लगाने का रखा लक्ष्य
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Wed, 25 Feb 2026 12:03 AM IST
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फतेहाबाद के सिरसा रोड पर लगाय गया अमरुद का बाग। संवाद
- फोटो : अदनान।
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फतेहाबाद। किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने बागवानी क्षेत्र बढ़ाने का नया लक्ष्य रखा है। इसके तहत जिले के किसानों को फलदार पौधे लगाने पर 70 प्रतिशत तक का अनुदान दिया जाएगा। सरकार ने इस साल जिले में कुल 135 हेक्टेयर भूमि पर साधारण आकार के बाग लगाने का लक्ष्य तय किया है।
नई योजना में आधुनिक खेती को बढ़ावा देने के लिए सघन पौधरोपण पर विशेष ध्यान दिया गया है। अमरूद, अनार, किन्नू और नींबू जैसे फलों के लिए जिले में 57 हेक्टेयर क्षेत्र में सघन पौधरोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सघन खेती से कम जमीन में अधिक पेड़ लगाए जा सकते हैं, जिससे उत्पादन और मुनाफा दोनों बढ़ते हैं।
इसके अलावा, जिले की जलवायु को ध्यान में रखते हुए केला, स्ट्रॉबेरी और खजूर जैसी नकदी फसलों के लिए 21 हेक्टेयर क्षेत्र में बागवानी का लक्ष्य रखा गया है। यह योजना किसानों को पारंपरिक फसलों के मुकाबले उच्च आय देने और कृषि क्षेत्र में विविधता बढ़ाने में मदद करेगी।
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अनुदान से कम होगा लागत का बोझ
बागवानी विभाग के अनुसार नए बाग लगाने में शुरुआती लागत काफी अधिक आती है, इससे छोटे किसान खर्च उठाने में असमर्थ होते हैं। इसे देखते हुए सरकार ने पौधों की खरीद और उनके रखरखाव के लिए 70 प्रतिशत अनुदान देने का निर्णय लिया है। इससे किसानों को केवल 30 प्रतिशत राशि ही अपनी जेब से खर्च करनी होगी। यह कदम खेती की लागत घटाएगा, किसानों को जोखिम लेने के लिए प्रोत्साहित भी करेगा। बागवानी पानी की बचत करती है, और यह पारंपरिक फसलों जैसे गेहूं और धान के मुकाबले कई गुना अधिक मुनाफा देती है। सरकार की इस योजना का लाभ उठाकर किसान अपनी बंजर या कम उपजाऊ जमीन से अधिक मुनाफा कमा सकते हैं।
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:: इच्छुक किसानों को इस योजना का लाभ लेने के लिए मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य है। इसके बाद बागवानी विभाग के कार्यालय में आवेदन कर किसान अपनी पसंद के फलों के बाग लगा सकते हैं। विभाग की ओर से समय-समय पर किसानों को तकनीकी प्रशिक्षण और कीट प्रबंधन की जानकारी भी दी जाएगी।
-राजेश कुमार, जिला बागवानी अधिकारी, फतेहाबाद।
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नई योजना में आधुनिक खेती को बढ़ावा देने के लिए सघन पौधरोपण पर विशेष ध्यान दिया गया है। अमरूद, अनार, किन्नू और नींबू जैसे फलों के लिए जिले में 57 हेक्टेयर क्षेत्र में सघन पौधरोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सघन खेती से कम जमीन में अधिक पेड़ लगाए जा सकते हैं, जिससे उत्पादन और मुनाफा दोनों बढ़ते हैं।
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इसके अलावा, जिले की जलवायु को ध्यान में रखते हुए केला, स्ट्रॉबेरी और खजूर जैसी नकदी फसलों के लिए 21 हेक्टेयर क्षेत्र में बागवानी का लक्ष्य रखा गया है। यह योजना किसानों को पारंपरिक फसलों के मुकाबले उच्च आय देने और कृषि क्षेत्र में विविधता बढ़ाने में मदद करेगी।
अनुदान से कम होगा लागत का बोझ
बागवानी विभाग के अनुसार नए बाग लगाने में शुरुआती लागत काफी अधिक आती है, इससे छोटे किसान खर्च उठाने में असमर्थ होते हैं। इसे देखते हुए सरकार ने पौधों की खरीद और उनके रखरखाव के लिए 70 प्रतिशत अनुदान देने का निर्णय लिया है। इससे किसानों को केवल 30 प्रतिशत राशि ही अपनी जेब से खर्च करनी होगी। यह कदम खेती की लागत घटाएगा, किसानों को जोखिम लेने के लिए प्रोत्साहित भी करेगा। बागवानी पानी की बचत करती है, और यह पारंपरिक फसलों जैसे गेहूं और धान के मुकाबले कई गुना अधिक मुनाफा देती है। सरकार की इस योजना का लाभ उठाकर किसान अपनी बंजर या कम उपजाऊ जमीन से अधिक मुनाफा कमा सकते हैं।
:: इच्छुक किसानों को इस योजना का लाभ लेने के लिए मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य है। इसके बाद बागवानी विभाग के कार्यालय में आवेदन कर किसान अपनी पसंद के फलों के बाग लगा सकते हैं। विभाग की ओर से समय-समय पर किसानों को तकनीकी प्रशिक्षण और कीट प्रबंधन की जानकारी भी दी जाएगी।
-राजेश कुमार, जिला बागवानी अधिकारी, फतेहाबाद।