{"_id":"69f26237f14e8b7efa080493","slug":"60000-mt-of-wheat-remains-to-be-procured-in-the-mandis-hisar-news-c-21-hsr1020-860428-2026-04-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hisar News: मंडियों में 60 हजार एमटी गेहूं की खरीद बाकी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hisar News: मंडियों में 60 हजार एमटी गेहूं की खरीद बाकी
विज्ञापन
विज्ञापन
हिसार। जिले की मंडियों में गेहूं की 95 प्रतिशत आवक हो चुकी है। हांसी-हिसार जिले की मंडियों में अब तक 6,80,000 मीट्रिक टन (एमटी) गेहूं की आवक हुई है जबकि पिछले सीजन में यह आंकड़ा 5.24 लाख एमटी था। इस बार के लिए 5.25 लाख एमटी का लक्ष्य निर्धारित किया गया था लेकिन अब तक 1.56 लाख एमटी ज्यादा गेहूं आ चुका है। इस वर्ष गेहूं की खरीद 15 मई तक जारी रहेगी और अनुमान है कि मंडियों में 7 लाख एमटी का आंकड़ा पार होगा।
अब तक 6,20,000 एमटी गेहूं की खरीद हो चुकी है जबकि 60,000 एमटी गेहूं की खरीद बाकी है। खरीद के बाद किसानों को 854.2 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। गेहूं की उठान अब धीरे-धीरे तेज़ हो रही है, और जिले में कुल 3,22,000 एमटी गेहूं की उठान की जा चुकी है।
उठान की धीमी गति के चलते अधिकारियों ने सख्त कदम उठाए हैं। जिला खाद्य आपूर्ति विभाग ने दो एजेंसियों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। एजेंसियों को नोटिस देकर उठान को तेज करने के निर्देश दिए गए थे लेकिन सुधार न होने पर जुर्माना लगाया गया।
- अमित शेखावत, जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक, हिसार।
मौसम का असर
मौसम में लगातार बदलाव के कारण धूल भरी हवाएं, आंधी और बूंदाबांदी की संभावना के बीच मंडियों में गेहूं भीगने का खतरा बना हुआ है। यदि गेहूं भीगती है तो यह किसानों और सरकारी एजेंसियों दोनों के लिए नुकसानदेह होगा। इस समय लगभग तीन लाख एमटी से ज्यादा गेहूं भीगने का खतरा है।
Trending Videos
अब तक 6,20,000 एमटी गेहूं की खरीद हो चुकी है जबकि 60,000 एमटी गेहूं की खरीद बाकी है। खरीद के बाद किसानों को 854.2 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। गेहूं की उठान अब धीरे-धीरे तेज़ हो रही है, और जिले में कुल 3,22,000 एमटी गेहूं की उठान की जा चुकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
उठान की धीमी गति के चलते अधिकारियों ने सख्त कदम उठाए हैं। जिला खाद्य आपूर्ति विभाग ने दो एजेंसियों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। एजेंसियों को नोटिस देकर उठान को तेज करने के निर्देश दिए गए थे लेकिन सुधार न होने पर जुर्माना लगाया गया।
- अमित शेखावत, जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक, हिसार।
मौसम का असर
मौसम में लगातार बदलाव के कारण धूल भरी हवाएं, आंधी और बूंदाबांदी की संभावना के बीच मंडियों में गेहूं भीगने का खतरा बना हुआ है। यदि गेहूं भीगती है तो यह किसानों और सरकारी एजेंसियों दोनों के लिए नुकसानदेह होगा। इस समय लगभग तीन लाख एमटी से ज्यादा गेहूं भीगने का खतरा है।
