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Hisar News: 8 साल बाद 9 दोषी करार, सजा 4 मई को
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हिसार। तेलियान पुल के पास करीब सवा आठ साल पुराने बहुचर्चित जय सिंह उर्फ धौलिया हत्याकांड में हिसार की जिला एवं सत्र न्यायाधीश अल्का मलिक की अदालत ने बुधवार को नौ आरोपियों को दोषी करार दिया है। अदालत ने मामले में दो मुख्य गवाहों के मुकरने के बावजूद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों को दोषी ठहराया। अब अदालत दोषी करार दिए गए नौ आरोपियों को 4 मई को सजा सुनाएगी।
यह हत्याकांड 2 नवंबर 2017 को थाना सिटी क्षेत्र में हुआ था जब जय सिंह उर्फ धौलिया की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी। अदालत ने अशोक, राधे श्याम, दीपक, उमेद, सुरेंद्र, सुंदर, प्रवीण, महिपाल और कृष्ण को दोषी करार दिया है जबकि शेर सिंह और अमित को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, घटना वाले दिन राधे श्याम के घर पर साजिश रची गई थी जिसके बाद शाम करीब 4:30 बजे राधे श्याम ने जय सिंह को तेलियान पुल स्थित शराब ठेके पर बुलाया। वहां आरोपियों ने मिलकर उस पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। मृतक को पांच गोलियां लगीं जो उसके शरीर के अहम अंगों पर थीं। घायल अवस्था में उसे अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
मामले की सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता सुनील और गवाह रतन अपने बयानों से मुकर गए थे लेकिन मृतक के भाई धर्मपाल की गवाही को अदालत ने विश्वसनीय माना। धर्मपाल के अधिवक्ता मनमोहन राय ने बताया कि गवाहों के मुकरने से अभियोजन का मामला कमजोर नहीं होता, अगर अन्य साक्ष्य आरोपियों के दोष को साबित करते हों। मेडिकल रिपोर्ट और एफएसएल जांच में भी यह पुष्टि हुई कि मृतक को लगी गोलियां आरोपियों से बरामद हथियारों से ही चलाई गई थीं।
शव पर लगी चोटें शरीर के महत्वपूर्ण हिस्सों पर केंद्रित थीं जिससे हत्या की मंशा साफ साबित होती है। साजिश रचकर दिनदहाड़े और भीड़-भाड़ वाले इलाके में वारदात को अंजाम दिया गया जो आरोपियों के इरादों को दर्शाता है।
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यह हत्याकांड 2 नवंबर 2017 को थाना सिटी क्षेत्र में हुआ था जब जय सिंह उर्फ धौलिया की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी। अदालत ने अशोक, राधे श्याम, दीपक, उमेद, सुरेंद्र, सुंदर, प्रवीण, महिपाल और कृष्ण को दोषी करार दिया है जबकि शेर सिंह और अमित को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार, घटना वाले दिन राधे श्याम के घर पर साजिश रची गई थी जिसके बाद शाम करीब 4:30 बजे राधे श्याम ने जय सिंह को तेलियान पुल स्थित शराब ठेके पर बुलाया। वहां आरोपियों ने मिलकर उस पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। मृतक को पांच गोलियां लगीं जो उसके शरीर के अहम अंगों पर थीं। घायल अवस्था में उसे अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
मामले की सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता सुनील और गवाह रतन अपने बयानों से मुकर गए थे लेकिन मृतक के भाई धर्मपाल की गवाही को अदालत ने विश्वसनीय माना। धर्मपाल के अधिवक्ता मनमोहन राय ने बताया कि गवाहों के मुकरने से अभियोजन का मामला कमजोर नहीं होता, अगर अन्य साक्ष्य आरोपियों के दोष को साबित करते हों। मेडिकल रिपोर्ट और एफएसएल जांच में भी यह पुष्टि हुई कि मृतक को लगी गोलियां आरोपियों से बरामद हथियारों से ही चलाई गई थीं।
शव पर लगी चोटें शरीर के महत्वपूर्ण हिस्सों पर केंद्रित थीं जिससे हत्या की मंशा साफ साबित होती है। साजिश रचकर दिनदहाड़े और भीड़-भाड़ वाले इलाके में वारदात को अंजाम दिया गया जो आरोपियों के इरादों को दर्शाता है।
