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Hisar News: देशभक्ति की बही बयार, लोक संस्कृति की दिखी झलक
Sat, 15 Aug 2026 12:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Sat, 15 Aug 2026 12:33 AM IST
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गांव ढाणी पीरवाली के राजकीय उच्च विद्यालय स्कूल में आजादी की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को देशभक्ति से ओतप्रोत कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में स्कूली बच्चों, शिक्षकों और ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान अमर बाल शहीद रामचंद्र विद्यार्थी की शहादत को याद करते हुए देशप्रेम का संदेश दिया गया। साथ ही हरियाणवी लोक संस्कृति और परंपराओं की भी मनोहारी झलक देखने को मिली।
कार्यक्रम में स्कूली बच्चों ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। हरियाणवी संस्कृति को जीवंत रखने के लिए लोकगीतों और नृत्य की प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहीं। सावन में मनाए जाने वाले हरियाली तीज पर्व को भी विशेष रूप से दर्शाया गया। महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में झूलों पर झूलती नजर आईं, जबकि बच्चों ने हरियाणवी लोकगीतों पर सामूहिक नृत्य प्रस्तुत कर समां बांध दिया।
प्रिंसिपल अनूप नाथ जोगी ने बताया कि 14 अगस्त 1942 को उत्तर प्रदेश के देवरिया में महज 13 वर्ष की आयु में रामचंद्र विद्यार्थी ने कचहरी भवन से ब्रिटिश झंडा उतारकर तिरंगा फहराया था। इस दौरान अंग्रेजों की गोलीबारी में उन्होंने देश के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए।
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ग्रामीण रामबिलास ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं और बच्चों में देशभक्ति की भावना मजबूत करते हैं। विजेंद्र प्रजापति ने कहा कि आजादी की पूर्व संध्या पर गांव में देशभक्ति का माहौल रहा और बच्चों ने शहीदों को याद कर देशप्रेम का संदेश दिया।
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गांव ढाणी पीरवाली के राजकीय उच्च विद्यालय स्कूल में आजादी की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को देशभक्ति से ओतप्रोत कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में स्कूली बच्चों, शिक्षकों और ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान अमर बाल शहीद रामचंद्र विद्यार्थी की शहादत को याद करते हुए देशप्रेम का संदेश दिया गया। साथ ही हरियाणवी लोक संस्कृति और परंपराओं की भी मनोहारी झलक देखने को मिली।
कार्यक्रम में स्कूली बच्चों ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। हरियाणवी संस्कृति को जीवंत रखने के लिए लोकगीतों और नृत्य की प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहीं। सावन में मनाए जाने वाले हरियाली तीज पर्व को भी विशेष रूप से दर्शाया गया। महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में झूलों पर झूलती नजर आईं, जबकि बच्चों ने हरियाणवी लोकगीतों पर सामूहिक नृत्य प्रस्तुत कर समां बांध दिया।
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प्रिंसिपल अनूप नाथ जोगी ने बताया कि 14 अगस्त 1942 को उत्तर प्रदेश के देवरिया में महज 13 वर्ष की आयु में रामचंद्र विद्यार्थी ने कचहरी भवन से ब्रिटिश झंडा उतारकर तिरंगा फहराया था। इस दौरान अंग्रेजों की गोलीबारी में उन्होंने देश के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए।
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ग्रामीण रामबिलास ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं और बच्चों में देशभक्ति की भावना मजबूत करते हैं। विजेंद्र प्रजापति ने कहा कि आजादी की पूर्व संध्या पर गांव में देशभक्ति का माहौल रहा और बच्चों ने शहीदों को याद कर देशप्रेम का संदेश दिया।