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Hisar News: वीबी-जी राम जी से गांवों के समग्र विकास पर जोर
Sat, 15 Aug 2026 12:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Sat, 15 Aug 2026 12:50 AM IST
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पंच-सरपंचों के साथ आयोजित सम्मेलन की अध्यक्षता करते एचआईआरडी के निदेशक कमलदीप सांगवान
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हिसार। विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब गांव आत्मनिर्भर और विकसित होंगे। गांवों के समग्र विकास के उद्देश्य से हरियाणा सरकार की वीबी-जी राम जी योजना के क्रियान्वयन को लेकर शुक्रवार को लघु सचिवालय परिसर स्थित जिला सभागार में पंच-सरंपच सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन की अध्यक्षता एचआईआरडी (हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान) के निदेशक कमलदीप सांगवान ने की।
कमलदीप सांगवान ने कहा कि योजना के तहत जल संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा, स्वच्छता और प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग को प्राथमिकता दी जाएगी। गांव के प्रत्येक नागरिक को नैतिक कर्तव्यों के प्रति जागरूक करने के लिए जागरूकता कार्यक्रम और प्रदर्शनियां भी आयोजित की जाएंगी।
उन्होंने बताया कि योजना के माध्यम से करीब 318 प्रकार के विकास कार्य करवाए जाते हैं। इनमें पार्कों और सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई, तालाबों व नालों की सफाई, सामुदायिक भवनों का रखरखाव तथा पौधरोपण प्रमुख हैं। उन्होंने कहा कि योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए ग्राम पंचायतों और आमजन की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
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सम्मेलन के दौरान लाडवा, सलेमगढ़, ढाणी रायपुर और रावलवास खुर्द समेत विभिन्न गांवों से पहुंचे सरपंचों ने अपने-अपने गांवों में योजना के तहत करवाए जा रहे विकास कार्यों की जानकारी साझा की। निदेशक ने योजना के उद्देश्यों को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया।
सम्मेलन में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुभाष चंद्र, उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी कीर्ति सिरोहीवाल, एबीपीओ मनोज कुमार, मोनिका राजपाल, श्रीनिवास, सतपाल, अमित, विरेंद्र आदि सहित पंच एवं सरपंच उपस्थित रहे।
कमलदीप सांगवान ने कहा कि योजना के तहत जल संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा, स्वच्छता और प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग को प्राथमिकता दी जाएगी। गांव के प्रत्येक नागरिक को नैतिक कर्तव्यों के प्रति जागरूक करने के लिए जागरूकता कार्यक्रम और प्रदर्शनियां भी आयोजित की जाएंगी।
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उन्होंने बताया कि योजना के माध्यम से करीब 318 प्रकार के विकास कार्य करवाए जाते हैं। इनमें पार्कों और सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई, तालाबों व नालों की सफाई, सामुदायिक भवनों का रखरखाव तथा पौधरोपण प्रमुख हैं। उन्होंने कहा कि योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए ग्राम पंचायतों और आमजन की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
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सम्मेलन के दौरान लाडवा, सलेमगढ़, ढाणी रायपुर और रावलवास खुर्द समेत विभिन्न गांवों से पहुंचे सरपंचों ने अपने-अपने गांवों में योजना के तहत करवाए जा रहे विकास कार्यों की जानकारी साझा की। निदेशक ने योजना के उद्देश्यों को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया।
सम्मेलन में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुभाष चंद्र, उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी कीर्ति सिरोहीवाल, एबीपीओ मनोज कुमार, मोनिका राजपाल, श्रीनिवास, सतपाल, अमित, विरेंद्र आदि सहित पंच एवं सरपंच उपस्थित रहे।