हिसार में CJI का स्वागत: हांसी में सीजेआई सूर्यकांत ने याद किया बचपन, बोले- बदल गया क्राइम का नेचर व ग्राफ
जस्टिस सूर्यकांत पहुंच गए हैं। जिला अदालत परिसर पहुंचने पर महिला अधिवक्ताओं ने उनका स्वागत किया। सीजेआई पर फूल बरसाए गए और ढोल-नगाड़े बजाकर गर्मजोशी से स्वागत हुआ।
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भारत के सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत हांसी कोर्ट परिसर पहुंचे हैं। जहां हांसी की बार एसोसिएशन द्वारा उनका स्वागत किया। इस दौरान उनका मुख्य गेट से लेकर बीन बजा के बैंड व बैगपाइपर बैंड से स्वागत किया गया। सीजेआई का हेलीकॉप्टर हांसी के श्री कृष्ण प्रणामी स्कूल में बनाए गए हेलीपैड पर उतरा है। सीजेआई के आने को लेकर यहां पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। परिसर में आने जाने वाले लोगों की जांच की जा रही है। सीजेआई की स्टेज विशेष रूप से जेड सिक्योरिटी की सुरक्षा है। उनके साथ चंडीगढ़ स्थित उच्च न्यायालय के कई जज, इसके अलावा सेशन कोर्ट व उपमंडल कोर्ट के जज यहां पहुंचेंग। बता दें की सीजेआई बनने के बाद सूर्यकांत पहली बार हिसार आए हैं। आज रात्रि को हिसार में ठहराव होगा। वही कल नारनौंद में नए कोर्ट परिसर का शुभारंभ करेंगे। पेटवाड़ में अपने मूल गांव में आयोजित समारोह में शिरकत करेंगे।
सीजेआई बोले आज जजशिप में 22 वर्ष पूरे
सीजेआई बोले आज जजशिप में 22 वर्ष पूरे हुए। यह बात सबसे पहले हांसी के लोगों के बीच कह रहा हूं। उन्होंने कहा कि बचपन मे सबसे पहली पिक्चर हांसी के सिनेमा हॉल में पिता के साथ देखी थी। हाइकोर्ट से हांसी में सेशन कोर्ट बनाने के लिए कहा।
सीजेआई ने कहा सेशन कोर्ट के लिए जमीन सरकार देगी। इसके लिए कैबिनेट मंत्री रणवीर गंगवा व विधायक विनोद भयाना ने उन्हें सेशन कोर्ट स्थापित करने के लिए सरकारी की तरफ से जमीन उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया है। इसी आधार पर उन्होंने हाईकोर्ट को हांसी में सेशन कोर्ट को स्थापित करने के लिए कहा है।
बदल गया है अपराध का नेचर व ग्राफ
सीजेआई बोले पूरे दुनिया में अपराध का नेचर व ग्राफ बदल गया है। आज के समय में डिजिटल अरेस्ट के केस ज्यादा हो रहे हैं। जिसके जरिये हजारों करोड़ रुपये भारत से बाहर गया है। इसके अलावा देश में कमर्शियल लिटिगेशन बड़ी है। उन्होंने हांसी बार के वकीलों को डिजिटल मामलों को लड़ने के लिए अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए कहा।
वहीं, शाम लगभग 6.00 बजे सीजेआई सूर्यकांत हिसार अदालत परिसर पहुंचे। जस्टिस सूर्यकांत का जिला अदालत परिसर पहुंचने पर महिला अधिवक्ताओं ने स्वागत किया। सीजेआई पर फूल बरसाए गए और ढोल-नगाड़े बजाकर गर्मजोशी से स्वागत हुआ।
हिसार के लिए आज एक गौरवपूर्ण दिन रहा। भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) जस्टिस सूर्यकांत शुक्रवार को हिसार बार एसोसिएशन के अभिनंदन समारोह में शामिल हुए। अपनी वकालत की शुरुआत इसी धरती से करने वाले जस्टिस सूर्यकांत जब मंच पर पहुंचे, तो वकीलों और स्थानीय लोगों ने ढोल-नगाड़ों के साथ उनका जोरदार स्वागत किया। इस दौरान सीजेआई भावुक नजर आए और उन्होंने वकीलों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने का मूलमंत्र दिया।
हिसार बार एसोसिएशन द्वारा आयोजित इस 'फैसिलिटेशन समारोह' में जस्टिस सूर्यकांत ने पुरानी यादें ताजा कीं। उन्होंने कहा कि लोग इसे 'घर वापसी' कह रहे हैं, लेकिन हकीकत यह है कि उन्होंने कभी अपने घर यानी हिसार को खुद से दूर किया ही नहीं। हिसार बार हमेशा उनके लिए एक परिवार की तरह रहा है। मंच से वकीलों को संबोधित करते हुए मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने भारतीय न्याय प्रणाली की ताकत का जिक्र किया। उन्होंने कहा भारतीय न्यायिक प्रणाली आज कई विकसित देशों से कहीं आगे है। टेक्नोलॉजी का महत्व: वकीलों को ज्यादा से ज्यादा आधुनिक तकनीक को अपनाना चाहिए।
बदलता प्रोफेशन: अब लीगल प्रोफेशन सीमाओं में कैद नहीं रहेगा, यह ग्लोबल लेवल पर अपनी पहचान बना रहा है।
साइबर क्राइम की चुनौती: उन्होंने साइबर अपराधों पर चिंता जताते हुए कहा कि आज के दौर में वकीलों को डिस्ट्रिक्ट कोर्ट की दीवारों से बाहर निकलकर खुद को तैयार करना होगा। टेक सेवी बनना होगा। डिजिटल अरेस्ट पर चिंता जताई।