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Hisar News: जियो टैगिंग से होगी जल संरक्षण कार्यों की पड़ताल, 800 स्कूलों ने किया डाटा अपलोड
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हिसार। जल संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से चलाए जा रहे जल शक्ति अभियान के तहत सरकारी स्कूलों में किए जा रहे कार्यों की अब जियो टैगिंग के माध्यम से सटीक पड़ताल की जाएगी। अभियान की समीक्षा में सामने आया है कि जिले के करीब 800 स्कूलों ने जल संरक्षण से जुड़े कार्यों का डाटा पोर्टल पर अपलोड कर दिया है।
स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार जल शक्ति अभियान के अंतर्गत स्कूलों में वर्षा जल संचयन, जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण, पौधरोपण और जल बचाओ जैसी गतिविधियों को निरंतर बढ़ावा दिया जा रहा है। इन सभी कार्यों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने और उनकी वास्तविक स्थिति की निगरानी के लिए जियो टैगिंग अनिवार्य की गई है। इसके तहत स्कूलों को किए गए कार्यों की तस्वीरें, लोकेशन और अन्य आवश्यक विवरण पोर्टल पर अपलोड करने होंगे।
विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि केवल कार्यों का उल्लेख करना पर्याप्त नहीं होगा। स्कूलों को यह भी दर्ज करना होगा कि संबंधित कार्य पूर्ण हो चुका है या अभी प्रगति पर है। प्रत्येक गतिविधि के साथ उसकी वर्तमान स्थिति दर्शाने वाली फोटो और कार्यस्थल की लोकेशन अपलोड करना अनिवार्य किया गया है। इससे विभाग को धरातल पर हुए कार्यों का सटीक और प्रमाणिक रिकॉर्ड उपलब्ध होगा।
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मूल्यांकन करना आसान होगा
बीईओ राकेश चराया ने कहा कि जल संरक्षण से जुड़े कार्यों का डिजिटल दस्तावेज तैयार होने से भविष्य में उनकी समीक्षा और मूल्यांकन करना आसान होगा। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जा सकेगा कि जिन कार्यों की रिपोर्ट दी गई है, वे वास्तव में स्कूल परिसरों में ही संपन्न हुए हैं। उन्होंने कहा कि जियो टैगिंग व्यवस्था पारदर्शिता बढ़ाने के साथ-साथ योजनाओं की प्रभावशीलता को मापने में भी सहायक सिद्ध होगी। विभाग की ओर से पहले भी कई बार स्कूलों को पोर्टल अपडेट करने के निर्देश दिए जा चुके हैं, लेकिन कुछ विद्यालयों ने अभी तक जानकारी अपलोड नहीं की है। इस पर संज्ञान लेते हुए अधिकारियों ने एक बार फिर विद्यालय मुखियाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
प्रत्येक स्कूल की सक्रिय भागीदारी आवश्यक
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का मानना है कि जल शक्ति अभियान केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि विद्यार्थियों में जल संरक्षण की आदत विकसित करने का महत्वपूर्ण प्रयास है। स्कूल स्तर पर चल रही गतिविधियों से बच्चों में जल के महत्व को लेकर जागरूकता बढ़ेगी और वे समाज में भी जल संरक्षण का संदेश पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएंगे। अधिकारियों ने शेष विद्यालयों से शीघ्र पोर्टल अपडेट करने का आग्रह करते हुए कहा कि अभियान की सफलता के लिए प्रत्येक स्कूल की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। जल संरक्षण की दिशा में किए जा रहे ये प्रयास भविष्य की पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण साबित होंगे।
स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार जल शक्ति अभियान के अंतर्गत स्कूलों में वर्षा जल संचयन, जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण, पौधरोपण और जल बचाओ जैसी गतिविधियों को निरंतर बढ़ावा दिया जा रहा है। इन सभी कार्यों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने और उनकी वास्तविक स्थिति की निगरानी के लिए जियो टैगिंग अनिवार्य की गई है। इसके तहत स्कूलों को किए गए कार्यों की तस्वीरें, लोकेशन और अन्य आवश्यक विवरण पोर्टल पर अपलोड करने होंगे।
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विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि केवल कार्यों का उल्लेख करना पर्याप्त नहीं होगा। स्कूलों को यह भी दर्ज करना होगा कि संबंधित कार्य पूर्ण हो चुका है या अभी प्रगति पर है। प्रत्येक गतिविधि के साथ उसकी वर्तमान स्थिति दर्शाने वाली फोटो और कार्यस्थल की लोकेशन अपलोड करना अनिवार्य किया गया है। इससे विभाग को धरातल पर हुए कार्यों का सटीक और प्रमाणिक रिकॉर्ड उपलब्ध होगा।
मूल्यांकन करना आसान होगा
बीईओ राकेश चराया ने कहा कि जल संरक्षण से जुड़े कार्यों का डिजिटल दस्तावेज तैयार होने से भविष्य में उनकी समीक्षा और मूल्यांकन करना आसान होगा। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जा सकेगा कि जिन कार्यों की रिपोर्ट दी गई है, वे वास्तव में स्कूल परिसरों में ही संपन्न हुए हैं। उन्होंने कहा कि जियो टैगिंग व्यवस्था पारदर्शिता बढ़ाने के साथ-साथ योजनाओं की प्रभावशीलता को मापने में भी सहायक सिद्ध होगी। विभाग की ओर से पहले भी कई बार स्कूलों को पोर्टल अपडेट करने के निर्देश दिए जा चुके हैं, लेकिन कुछ विद्यालयों ने अभी तक जानकारी अपलोड नहीं की है। इस पर संज्ञान लेते हुए अधिकारियों ने एक बार फिर विद्यालय मुखियाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
प्रत्येक स्कूल की सक्रिय भागीदारी आवश्यक
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का मानना है कि जल शक्ति अभियान केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि विद्यार्थियों में जल संरक्षण की आदत विकसित करने का महत्वपूर्ण प्रयास है। स्कूल स्तर पर चल रही गतिविधियों से बच्चों में जल के महत्व को लेकर जागरूकता बढ़ेगी और वे समाज में भी जल संरक्षण का संदेश पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएंगे। अधिकारियों ने शेष विद्यालयों से शीघ्र पोर्टल अपडेट करने का आग्रह करते हुए कहा कि अभियान की सफलता के लिए प्रत्येक स्कूल की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। जल संरक्षण की दिशा में किए जा रहे ये प्रयास भविष्य की पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण साबित होंगे।