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Hisar News: एशिया जोन हैंडबाल में स्वर्ण जीतकर लौटे विपुल नियाणा, प्रिंस और नक्ष का अभिनंदन
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हैंडबॉल जूनियर में पदक जीत कर लौटे विपुल, प्रिंस ,नक्ष हिसार में कार्यक्रम के दौरान।
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हिसार। बांग्लादेश के ढाका में आयोजित आईएचएफ एशिया जोन द्वितीय चरण हैंडबाल प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय जूनियर टीम के कप्तान विपुल नियाणा, प्रिंस मोठ और नक्ष कस्वां का हिसार पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया गया। सुभाष चंद्रा फाउंडेशन (एससीएफ) हैंडबाल प्रशिक्षण केंद्र, सातरोड खास में खिलाड़ियों का फूलमालाएं पहनाकर अभिनंदन किया गया।
हैंडबाल कोच सतबीर पानू और सुमन जाखड़ ने बताया कि विपुल नियाणा ने अपने खेल जीवन की शुरुआती 12 वर्षों की प्रशिक्षण यात्रा सातरोड खास में पूरी की थी। वर्तमान में वह महाबीर स्टेडियम में कोच अनूप कस्वां से प्रशिक्षण ले रहे हैं। मोठ गांव निवासी प्रिंस ने भी सातरोड खास प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षण प्राप्त किया है। वहीं नक्ष कस्वां भी सतबीर पानू के विद्यालय के छात्र रहे हैं।
जूनियर टीम के मुख्य प्रशिक्षक अनूप कस्वां और सुधाकर ने बताया कि 10 से 14 जून तक ढाका में आयोजित प्रतियोगिता में भारत की जूनियर (अंडर-20) और यूथ (अंडर-18) टीमों ने भाग लिया। अंडर-18 भारतीय हैंडबाल टीम के फाइनल मुकाबले में हिसार के गांव न्याणा निवासी विपुल नियाणा ने छह गोल कर टीम की जीत में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
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भारतीय टीम ने फाइनल में मेजबान बांग्लादेश को 48-27 के बड़े अंतर से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। मैच में भारत के मोहम्मद तौसीफ रसूल को नौ गोल करने पर सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया। टीम की ओर से सुशील ने 11, राहुल गुर्जर ने नौ, नितिन ने सात और विपुल ने छह गोल किए। विपुल मूल रूप से गांव नियाणा के निवासी हैं और वर्तमान में हिसार के सूर्य नगर में रह रहे हैं। खिलाड़ियों की इस उपलब्धि पर खेल प्रेमियों, प्रशिक्षकों और क्षेत्रवासियों ने खुशी जताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
हैंडबाल कोच सतबीर पानू और सुमन जाखड़ ने बताया कि विपुल नियाणा ने अपने खेल जीवन की शुरुआती 12 वर्षों की प्रशिक्षण यात्रा सातरोड खास में पूरी की थी। वर्तमान में वह महाबीर स्टेडियम में कोच अनूप कस्वां से प्रशिक्षण ले रहे हैं। मोठ गांव निवासी प्रिंस ने भी सातरोड खास प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षण प्राप्त किया है। वहीं नक्ष कस्वां भी सतबीर पानू के विद्यालय के छात्र रहे हैं।
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जूनियर टीम के मुख्य प्रशिक्षक अनूप कस्वां और सुधाकर ने बताया कि 10 से 14 जून तक ढाका में आयोजित प्रतियोगिता में भारत की जूनियर (अंडर-20) और यूथ (अंडर-18) टीमों ने भाग लिया। अंडर-18 भारतीय हैंडबाल टीम के फाइनल मुकाबले में हिसार के गांव न्याणा निवासी विपुल नियाणा ने छह गोल कर टीम की जीत में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
भारतीय टीम ने फाइनल में मेजबान बांग्लादेश को 48-27 के बड़े अंतर से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। मैच में भारत के मोहम्मद तौसीफ रसूल को नौ गोल करने पर सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया। टीम की ओर से सुशील ने 11, राहुल गुर्जर ने नौ, नितिन ने सात और विपुल ने छह गोल किए। विपुल मूल रूप से गांव नियाणा के निवासी हैं और वर्तमान में हिसार के सूर्य नगर में रह रहे हैं। खिलाड़ियों की इस उपलब्धि पर खेल प्रेमियों, प्रशिक्षकों और क्षेत्रवासियों ने खुशी जताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।