{"_id":"6a74daaa12b0ffa7660b4d58","slug":"multi-level-parking-is-essential-to-revamp-the-old-city-market-hisar-news-c-21-hsr1020-925769-2026-08-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hisar News: पुराने शहर की मार्केट को संवारने के लिए मल्टीलेवल पार्किंग जरूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hisar News: पुराने शहर की मार्केट को संवारने के लिए मल्टीलेवल पार्किंग जरूरी
विज्ञापन
दर्शन खुराना
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिसार। राजगुरु मार्केट समेत पुराने शहर के बाजारों की सबसे बड़ी जरूरत मल्टीलेवल पार्किंग है। व्यापारियों का कहना है कि अतिक्रमण मुक्त और व्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था होने से बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही बढ़ेगी। नगर निगम प्रशासन को बाजारों के विकास के लिए विशेष योजना बनानी चाहिए। व्यापारी भी प्रशासन का हरसंभव सहयोग करने को तैयार हैं।
अमर उजाला की ओर से राजगुरु मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ आयोजित संवाद कार्यक्रम में व्यापारियों ने कहा कि राजगुरु मार्केट, आर्य बाजार, न्यू राजगुरु मार्केट, पूजा मार्केट, तैलियान पुल और भगत सिंह चौक मार्केट में अतिक्रमण और पार्किंग की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। प्रशासन की ओर से प्रयास किए जाने के बावजूद इसका स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। इसके चलते ग्राहक पुराने शहर की बजाय अन्य बाजारों का रुख कर रहे हैं।
व्यापारियों ने कहा कि करीब 55 साल पहले बाजार बसाए गए थे तब पार्किंग की जरूरत इतनी नहीं थी। उस समय शहर में गिने-चुने लोगों के पास वाहन थे, लेकिन अब लगभग हर घर में दो वाहन हैं। सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर लोगों का भरोसा कम होने के कारण वे निजी वाहनों से बाजार पहुंचते हैं। ऐसे में पार्किंग की समस्या केवल बाजारों की नहीं बल्कि पूरे शहर की बन चुकी है।
विज्ञापन
यह मुद्दे उठाए व्यापारियों ने
मल्टीलेवल पार्किंग का निर्माण कराया जाए।
बाजारों का बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत किया जाए।
पेयजल और सीवरेज लाइनों को नए सिरे से बिछाया जाए।
स्वच्छता अभियान कागजों की बजाय धरातल पर आमजन की भागीदारी से चलाया जाए।
बाजारों से अतिक्रमण हटाया जाए।
सार्वजनिक यातायात व्यवस्था में सुधार किया जाए।
निगम अधिकारी मौके पर पहुंचकर समस्याओं का समाधान करें।
पार्किंग शुल्क कम रखा जाए ताकि लोग वाहन पार्किंग में खड़े करें।
नए बाजारों को 50 साल आगे की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया जाए।
सभी बाजारों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं और आसपास छोटे अग्निशमन वाहन तैनात किए जाएं।
मार्केट में पार्किंग को लेकर हम हर स्तर पर निगम का सहयोग कर रहे हैं। पहले भी टेंडर के माध्यम से पार्किंग चलाने का प्रयास किया गया था, लेकिन ठेकेदार निगम का पैसा हड़प कर व्यवस्था को ठप कर चले गए। व्यापारी सुरक्षित और व्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था चाहते हैं।
- सुरेंद्र बजाज, प्रधान, राजगुरु मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन।
आज ऑनलाइन मार्केट कारोबारियों के लिए बड़ी चुनौती बन चुकी है। ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए व्यापारियों को नए तरीके अपनाने होंगे। ग्राहक अब दोनों जगहों पर कीमतों की तुलना करता है, जिससे कम मार्जिन में कारोबार करना पड़ रहा है।
- महेश चौधरी, पूर्व प्रधान, राजगुरु मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन।
नगर निगम को पार्किंग के अधिक से अधिक विकल्प उपलब्ध कराने चाहिए। पुराने शहर में जगह की कमी है इसलिए मल्टीस्टोरी पार्किंग बेहतर विकल्प है। निगम को इस दिशा में गंभीरता से काम करना चाहिए। हिसार की पहली मल्टीस्टोरी पार्किंग 12 साल बाद भी कागजों में ही उलझी हुई है।
- रवि मेहता, पूर्व प्रधान, राजगुरु मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन।
नगर सुधार मंडल की दुकानों पर पहली मंजिल की कन्वेंस डीड का मामला लंबे समय से लंबित है। जिन लोगों ने पहली और दूसरी मंजिल का निर्माण कर लिया है, उनसे शुल्क लेकर दुकानों को नियमित किया जाना चाहिए। इस मुद्दे को कई बार उठाया जा चुका है।
- दर्शन खुराना, कोषाध्यक्ष, राजगुरु मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन।
मार्केट की समस्याओं का समाधान होना चाहिए। छोटे-छोटे कामों के लिए व्यापारियों को बार-बार चक्कर लगाने पड़ते हैं। भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने पर दबाने का प्रयास किया जाता है। कई बार निगम अधिकारी व्यापारियों पर ही प्राथमिकी दर्ज करा देते हैं।
- शुभम वलेचा, व्यापारी, राजगुरु मार्केट।
विज्ञापन
अमर उजाला की ओर से राजगुरु मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ आयोजित संवाद कार्यक्रम में व्यापारियों ने कहा कि राजगुरु मार्केट, आर्य बाजार, न्यू राजगुरु मार्केट, पूजा मार्केट, तैलियान पुल और भगत सिंह चौक मार्केट में अतिक्रमण और पार्किंग की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। प्रशासन की ओर से प्रयास किए जाने के बावजूद इसका स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। इसके चलते ग्राहक पुराने शहर की बजाय अन्य बाजारों का रुख कर रहे हैं।
विज्ञापन
व्यापारियों ने कहा कि करीब 55 साल पहले बाजार बसाए गए थे तब पार्किंग की जरूरत इतनी नहीं थी। उस समय शहर में गिने-चुने लोगों के पास वाहन थे, लेकिन अब लगभग हर घर में दो वाहन हैं। सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर लोगों का भरोसा कम होने के कारण वे निजी वाहनों से बाजार पहुंचते हैं। ऐसे में पार्किंग की समस्या केवल बाजारों की नहीं बल्कि पूरे शहर की बन चुकी है।
विज्ञापन
यह मुद्दे उठाए व्यापारियों ने
मल्टीलेवल पार्किंग का निर्माण कराया जाए।
बाजारों का बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत किया जाए।
पेयजल और सीवरेज लाइनों को नए सिरे से बिछाया जाए।
स्वच्छता अभियान कागजों की बजाय धरातल पर आमजन की भागीदारी से चलाया जाए।
बाजारों से अतिक्रमण हटाया जाए।
सार्वजनिक यातायात व्यवस्था में सुधार किया जाए।
निगम अधिकारी मौके पर पहुंचकर समस्याओं का समाधान करें।
पार्किंग शुल्क कम रखा जाए ताकि लोग वाहन पार्किंग में खड़े करें।
नए बाजारों को 50 साल आगे की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया जाए।
सभी बाजारों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं और आसपास छोटे अग्निशमन वाहन तैनात किए जाएं।
मार्केट में पार्किंग को लेकर हम हर स्तर पर निगम का सहयोग कर रहे हैं। पहले भी टेंडर के माध्यम से पार्किंग चलाने का प्रयास किया गया था, लेकिन ठेकेदार निगम का पैसा हड़प कर व्यवस्था को ठप कर चले गए। व्यापारी सुरक्षित और व्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था चाहते हैं।
- सुरेंद्र बजाज, प्रधान, राजगुरु मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन।
आज ऑनलाइन मार्केट कारोबारियों के लिए बड़ी चुनौती बन चुकी है। ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए व्यापारियों को नए तरीके अपनाने होंगे। ग्राहक अब दोनों जगहों पर कीमतों की तुलना करता है, जिससे कम मार्जिन में कारोबार करना पड़ रहा है।
- महेश चौधरी, पूर्व प्रधान, राजगुरु मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन।
नगर निगम को पार्किंग के अधिक से अधिक विकल्प उपलब्ध कराने चाहिए। पुराने शहर में जगह की कमी है इसलिए मल्टीस्टोरी पार्किंग बेहतर विकल्प है। निगम को इस दिशा में गंभीरता से काम करना चाहिए। हिसार की पहली मल्टीस्टोरी पार्किंग 12 साल बाद भी कागजों में ही उलझी हुई है।
- रवि मेहता, पूर्व प्रधान, राजगुरु मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन।
नगर सुधार मंडल की दुकानों पर पहली मंजिल की कन्वेंस डीड का मामला लंबे समय से लंबित है। जिन लोगों ने पहली और दूसरी मंजिल का निर्माण कर लिया है, उनसे शुल्क लेकर दुकानों को नियमित किया जाना चाहिए। इस मुद्दे को कई बार उठाया जा चुका है।
- दर्शन खुराना, कोषाध्यक्ष, राजगुरु मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन।
मार्केट की समस्याओं का समाधान होना चाहिए। छोटे-छोटे कामों के लिए व्यापारियों को बार-बार चक्कर लगाने पड़ते हैं। भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने पर दबाने का प्रयास किया जाता है। कई बार निगम अधिकारी व्यापारियों पर ही प्राथमिकी दर्ज करा देते हैं।
- शुभम वलेचा, व्यापारी, राजगुरु मार्केट।